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Mirzapur News: जहां रोज आते हैं कुत्ते के काटने के 7 मामले, वहां ओपीडी के बाहर बैठा मिला कुत्ता
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ओपीडी रूम के सामने बैठा कुत्ता।-संवाद।
- फोटो : 1
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पटेहरा पीएचसी
पटेहरा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पटेहरा में बुधवार को ओपीडी कक्ष के बाहर कुत्ता बैठा मिला। इसी स्थान पर मरीजों की पर्चियां भी बनाई जा रही थीं। बुधवार दोपहर डेढ़ बजे प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. महेंद्र चौधरी और डॉ. बहाल अहमद ओपीडी में मरीजों का उपचार कर रहे थे। बाहर प्रशिक्षु मरीजों की पर्चियां बना रहा था, जबकि उसके पास ही कुत्ता बैठा था। अस्पताल में प्रतिदिन कुत्ते के काटने के सात मरीज एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने आते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में कुत्ते की मौजूदगी मरीजों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
संवाद न्यूज की पड़ताल में यह भी सामने आया कि दो प्रशिक्षु युवक और युवती बिना निर्धारित यूनिफॉर्म के दवा वितरण कक्ष में मरीजों को दवा दे रहे थे। आरोप है कि कई बार फार्मासिस्ट के कक्ष में मौजूद न रहने के कारण मरीजों को गलत दवा दे दी जाती है, जिसे बाद में डॉक्टर को दिखाने पर बदलना पड़ता है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. महेंद्र चौधरी ने बताया कि प्रशिक्षु फार्मासिस्टों को यूनिफॉर्म पहनने के निर्देश दिए गए हैं। दवा वितरण के समय फार्मासिस्ट की मौजूदगी सुनिश्चित कराई जाएगी। कुत्ते के संबंध में उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी पशुपालन विभाग की है।
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पटेहरा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पटेहरा में बुधवार को ओपीडी कक्ष के बाहर कुत्ता बैठा मिला। इसी स्थान पर मरीजों की पर्चियां भी बनाई जा रही थीं। बुधवार दोपहर डेढ़ बजे प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. महेंद्र चौधरी और डॉ. बहाल अहमद ओपीडी में मरीजों का उपचार कर रहे थे। बाहर प्रशिक्षु मरीजों की पर्चियां बना रहा था, जबकि उसके पास ही कुत्ता बैठा था। अस्पताल में प्रतिदिन कुत्ते के काटने के सात मरीज एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने आते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में कुत्ते की मौजूदगी मरीजों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
संवाद न्यूज की पड़ताल में यह भी सामने आया कि दो प्रशिक्षु युवक और युवती बिना निर्धारित यूनिफॉर्म के दवा वितरण कक्ष में मरीजों को दवा दे रहे थे। आरोप है कि कई बार फार्मासिस्ट के कक्ष में मौजूद न रहने के कारण मरीजों को गलत दवा दे दी जाती है, जिसे बाद में डॉक्टर को दिखाने पर बदलना पड़ता है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. महेंद्र चौधरी ने बताया कि प्रशिक्षु फार्मासिस्टों को यूनिफॉर्म पहनने के निर्देश दिए गए हैं। दवा वितरण के समय फार्मासिस्ट की मौजूदगी सुनिश्चित कराई जाएगी। कुत्ते के संबंध में उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी पशुपालन विभाग की है।
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