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Mirzapur News: पांच दिनों के कार्यदिवस की मांग पर बैंक कर्मियों की हड़ताल, 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
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डंकीनगंज स्थित इंडियन बैंक के सामने प्रदर्शन करते बैंककर्मी।- सोशल मीडिया।
- फोटो : Samvad
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-यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को निजी बैंकों के कर्मचारियों ने दिया समर्थन
-एटीएम खाली, जमा निकासी को लेकर बैंक आए खाता धारक रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। बैंकों में पांच दिनों के कार्यदिवस को लागू करने की मांग पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के कारण बैंकों की शाखाओं पर ताला लटका रहा। इसके कारण मंगलवार को पूरे दिन बैंक उपभोक्ता परेशान रहे। एटीएम खाली हो गए। जमा और निकासी के लिए लोगों को भटकना पड़ा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला संयोजक सुरेश पांडेय ने बताया कि हड़ताल के कारण करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक का लेन देन प्रभावित रहा।
राष्ट्रीयकृत बैंकों के अलावा शहर से लेकर गांव तक निजी बैंकों की शाखाओं पर भी ताले लटकते रहे। हड़ताल से जमा निकासी को लेकर बैंक आए खाता धारक परेशान रहें। मंगलवार को जनपद में मंडलीय कार्यालय सहित जिले के समस्त सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शाखाओं, यूपी ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक सहित शहर से लेकर गांव तक के सभी 275 बैंक शाखाओं में पूर्णतः तालाबंदी रही। हड़ताल में निजी क्षेत्र के सभी बैंकों ने अपनी शाखाएं बंद कर हड़ताल का समर्थन किया। राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के तहत यूएफबीयू के बैनर तले सभी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इंडियन बैंक, डंकीनगंज शाखा पर एकत्रित होकर केंद्र सरकार के वित्तमंत्री एवं आईबीए चेयरमैन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ बैंक यूनियंस के ज़िला संयोजक सुरेश पांडेय ने बताया कि सरकार की समस्त योजनाओं को बैंककर्मी दिन रात एक कर पूर्णरूप से लागू कर देशहित में अपना सहयोग देते हैं। फिर भी केंद्र सरकार बैंक कर्मियों की जायज मांगों को नजरदांज कर रही है। उन्होंने कहा यदि जायज मांग करना सरकार को अपराध लग रहा है तो अब बैंककर्मी अपराध के साथ कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। कहा सरकार व बैंक संगठन के बीच विगत दो वर्ष पूर्व हुए समझौते के बावजूद इसे लागू करने में सरकार हिला हवाली कर रही है।
इनसेट
बात नहीं मानी मार्च में एक सप्ताह की होगी हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला संयोजक ने कहा हड़ताल के बावजूद वित्तमंत्री ने यदि मांगे नहीं मानी तो बैंककर्मी फिर से मार्च में एक सप्ताह के लिए बैंक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान संजय दूबे, मनोज यादव, गिरिजा शंकर सिंह, विनय संतुवाल ने भी अपने विचार प्रकट रखे। प्रदर्शन में आशीष कुमार मिश्रा, वीरेंद्र कुमार, राजेंद्र, राम नारायण, प्रभु नारायण, अजय कुमार, देवेंद्र चौरसिया, के के तिवारी, सत्यनारायण, विनोद कुमार यादव, शुभम अग्रवाल, महेंद्र गुप्ता, दीपक शुक्ला, सुरेंद्र उमर आदि बैंक कर्मी मौजूद रहे।
इनसेट
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भूमि रजिस्ट्री के लिए ट्रांजेक्शन जरूरी था। पिछले दिनों लगातार छुट्टी फिर मंगलवार को हड़ताल के चलते बैंक पर लटक रहे ताले के चलते कार्य अधूरा रह गया।
-नीरज कुरील, उपभोक्ता।
बैंक हड़ताल के बीच अपने ही पैसे के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। एटीएम भी खाली हैं इससे जरूरत के समय अपने ही पैसे के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है।
-मोहनलाल केसरी। उपभोक्ता।
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-एटीएम खाली, जमा निकासी को लेकर बैंक आए खाता धारक रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। बैंकों में पांच दिनों के कार्यदिवस को लागू करने की मांग पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के कारण बैंकों की शाखाओं पर ताला लटका रहा। इसके कारण मंगलवार को पूरे दिन बैंक उपभोक्ता परेशान रहे। एटीएम खाली हो गए। जमा और निकासी के लिए लोगों को भटकना पड़ा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला संयोजक सुरेश पांडेय ने बताया कि हड़ताल के कारण करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक का लेन देन प्रभावित रहा।
राष्ट्रीयकृत बैंकों के अलावा शहर से लेकर गांव तक निजी बैंकों की शाखाओं पर भी ताले लटकते रहे। हड़ताल से जमा निकासी को लेकर बैंक आए खाता धारक परेशान रहें। मंगलवार को जनपद में मंडलीय कार्यालय सहित जिले के समस्त सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शाखाओं, यूपी ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक सहित शहर से लेकर गांव तक के सभी 275 बैंक शाखाओं में पूर्णतः तालाबंदी रही। हड़ताल में निजी क्षेत्र के सभी बैंकों ने अपनी शाखाएं बंद कर हड़ताल का समर्थन किया। राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के तहत यूएफबीयू के बैनर तले सभी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इंडियन बैंक, डंकीनगंज शाखा पर एकत्रित होकर केंद्र सरकार के वित्तमंत्री एवं आईबीए चेयरमैन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ बैंक यूनियंस के ज़िला संयोजक सुरेश पांडेय ने बताया कि सरकार की समस्त योजनाओं को बैंककर्मी दिन रात एक कर पूर्णरूप से लागू कर देशहित में अपना सहयोग देते हैं। फिर भी केंद्र सरकार बैंक कर्मियों की जायज मांगों को नजरदांज कर रही है। उन्होंने कहा यदि जायज मांग करना सरकार को अपराध लग रहा है तो अब बैंककर्मी अपराध के साथ कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। कहा सरकार व बैंक संगठन के बीच विगत दो वर्ष पूर्व हुए समझौते के बावजूद इसे लागू करने में सरकार हिला हवाली कर रही है।
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बात नहीं मानी मार्च में एक सप्ताह की होगी हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला संयोजक ने कहा हड़ताल के बावजूद वित्तमंत्री ने यदि मांगे नहीं मानी तो बैंककर्मी फिर से मार्च में एक सप्ताह के लिए बैंक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान संजय दूबे, मनोज यादव, गिरिजा शंकर सिंह, विनय संतुवाल ने भी अपने विचार प्रकट रखे। प्रदर्शन में आशीष कुमार मिश्रा, वीरेंद्र कुमार, राजेंद्र, राम नारायण, प्रभु नारायण, अजय कुमार, देवेंद्र चौरसिया, के के तिवारी, सत्यनारायण, विनोद कुमार यादव, शुभम अग्रवाल, महेंद्र गुप्ता, दीपक शुक्ला, सुरेंद्र उमर आदि बैंक कर्मी मौजूद रहे।
इनसेट
भूमि रजिस्ट्री के लिए ट्रांजेक्शन जरूरी था। पिछले दिनों लगातार छुट्टी फिर मंगलवार को हड़ताल के चलते बैंक पर लटक रहे ताले के चलते कार्य अधूरा रह गया।
-नीरज कुरील, उपभोक्ता।
बैंक हड़ताल के बीच अपने ही पैसे के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। एटीएम भी खाली हैं इससे जरूरत के समय अपने ही पैसे के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है।
-मोहनलाल केसरी। उपभोक्ता।
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