मिर्जापुर। जहां एक तरफ सहकारिता विभाग साधन सहकारी समितियों को बी-पैक्स का दर्जा देकर हाईटेक बनाने की बात कर रही है वहीं जिले में 86 में 17 साधन सहकारी समितियों के भवन जर्जर हो गए हैं।
इसमें काम करने वाले कर्मचारी हादसे के डर से सहमे रहते हैं। ऐसी कई समितियां हैं जो जर्जर हो चुकी हैं। जान जोखिम में डालकर कर्मचारी ऐसे समितियों में न सिर्फ उर्वरक बांटते हैं कई समितियों पर बाकायदा गेहूं की खरीद की जा रही है।
जिले में मिर्जापुर सदर, चुनार, मड़िहान व लालगंज तहसील को मिलाकर कुल 86 समितियां मौजूद हैं। जिनमें 17 समितियां पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सदर तहसील क्षेत्र में मझवां में बी-पैक्स महामलपुर, कोन ब्लॉक के चेकसारी, पहाड़ी ब्लॉक में बी-पैक्स कठिनई, माधोपुर, मोहनपुर भवरख इसी तरह चुनार तहसील क्षेत्र के सीखड़ में बी-पैक्स बगहा, मेड़िया, नरायनपुर में बी-पैक्स दरगाह, कोलना, शेरपुर, खानजादीपुर, बी-पैक्स चौकिया, बी-पैक्स डोहरी के अलावा मड़िहान तहसील क्षेत्र के बी-पैक्स पथरौर की दशा खराब है।