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Mirzapur News: बारिश में भी आस्था, गड़बड़ा शीतला धाम में 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
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गड़बड़ा धाम में मां शीतला के दर्शन पूजन के लिए कतारबद्ध श्रद्धालु ।
- फोटो : नई सराय चौकी क्षेत्र में शहबाजपुर चौराहे पर सोमवार की देर रात बिजली ना आने को लेकर प्रदर्शन करते लोग. संवाद
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हलिया। खराब मौसम और रुक-रुक कर हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी। सोमवार को गड़बड़ा स्थित मां शीतला धाम में सुबह से ही महिला-पुरुष भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर दिनभर मां शीतला के जयकारों से गूंजता रहा। पुजारी मंगलधारी मिश्र ने बताया कि 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाया।
मंदिर के कपाट खुलते ही दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारें लग गईं। क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के अलावा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के सिंगरौली, सीधी, रीवा और मऊगंज सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां को माला, फूल, नारियल, चुनरी, हलवा-पूड़ी आदि अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
तेज बारिश के बाद भी श्रद्धालुओं ने कतारें नहीं छोड़ीं। महिला और पुरुष अलग-अलग पंक्तियों में खड़े होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते रहे। नवविवाहित दंपतियों ने मां के चरणों में माथा टेककर दांपत्य जीवन की मंगलकामना की, वहीं कई परिवारों ने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया।
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बारिश से मंदिर परिसर में फिसलन की स्थिति बनी रही, फिर भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। मान्यता है कि मां शीतला के नाबदान के जल का लेप करने से चेचक जैसी बीमारियों से मुक्ति मिलती है, जिसके चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की विशेष उपस्थिति रही। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हलिया पुलिस तैनात रही।
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मंदिर के कपाट खुलते ही दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारें लग गईं। क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के अलावा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के सिंगरौली, सीधी, रीवा और मऊगंज सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां को माला, फूल, नारियल, चुनरी, हलवा-पूड़ी आदि अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
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तेज बारिश के बाद भी श्रद्धालुओं ने कतारें नहीं छोड़ीं। महिला और पुरुष अलग-अलग पंक्तियों में खड़े होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते रहे। नवविवाहित दंपतियों ने मां के चरणों में माथा टेककर दांपत्य जीवन की मंगलकामना की, वहीं कई परिवारों ने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया।
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बारिश से मंदिर परिसर में फिसलन की स्थिति बनी रही, फिर भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। मान्यता है कि मां शीतला के नाबदान के जल का लेप करने से चेचक जैसी बीमारियों से मुक्ति मिलती है, जिसके चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की विशेष उपस्थिति रही। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हलिया पुलिस तैनात रही।