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हिनौता : 10 लाख से ज्यादा के गबन का आरोप, डीएम से की शिकायत
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-वर्ष 2021-22 में सामुदायिक भवन मरम्मत के नाम पर आठ लाख गबन का मामला
संवाद न्यूज़ एजेंसी
पटेहरा। पटेहरा कला के हिनौता ग्राम पंचायत में 10 लाख रुपये से ज्यादा के गबन का आरोप लगाते हुए गांव के बृजेश कुमार ने जिलाधिकारी से शिकायत कर मामले की जांच कराने और दोषी ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बृजेश ने सोमवार को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत में 10 लाख रुपये से अधिक के फर्जी भुगतान का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की। बृजेश का आरोप है कि मामले में ब्लॉक के कई अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। बृजेश ने बताया कि वर्ष 2021-22 में सामुदायिक भवन मरम्मत की नाम पर 8 लाख रुपये, टैंकर से पानी सप्लाई के नाम पर लाखों रुपये, इंटरलॉकिंग के नाम पर लाखों रुपये, गांव के अन्य कई विकास कार्यों के नाम पर बिना काम कराए ही लाखों रुपये के फर्जी भुगतान का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि लिखित शिकायत ब्लॉक पर की गई पर किसी ने मौके पर जाकर देखने तक की जहमत नहीं उठाई। जिसके बाद शपथ पत्र के साथ जिला पंचायत राज अधिकारी के यहां शिकायत कर जांच की मांग की गई। चार महीने बीत गए और अभी तक कोई जांच नहीं हुई है।
कोट
जिलाधिकारी के यहां हुई शिकायत है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच कर रिपोर्ट प्रेषित किया जाएगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धर्मेंद्र दुबे, पंचायत, एडीओ
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
पटेहरा। पटेहरा कला के हिनौता ग्राम पंचायत में 10 लाख रुपये से ज्यादा के गबन का आरोप लगाते हुए गांव के बृजेश कुमार ने जिलाधिकारी से शिकायत कर मामले की जांच कराने और दोषी ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बृजेश ने सोमवार को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत में 10 लाख रुपये से अधिक के फर्जी भुगतान का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की। बृजेश का आरोप है कि मामले में ब्लॉक के कई अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। बृजेश ने बताया कि वर्ष 2021-22 में सामुदायिक भवन मरम्मत की नाम पर 8 लाख रुपये, टैंकर से पानी सप्लाई के नाम पर लाखों रुपये, इंटरलॉकिंग के नाम पर लाखों रुपये, गांव के अन्य कई विकास कार्यों के नाम पर बिना काम कराए ही लाखों रुपये के फर्जी भुगतान का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि लिखित शिकायत ब्लॉक पर की गई पर किसी ने मौके पर जाकर देखने तक की जहमत नहीं उठाई। जिसके बाद शपथ पत्र के साथ जिला पंचायत राज अधिकारी के यहां शिकायत कर जांच की मांग की गई। चार महीने बीत गए और अभी तक कोई जांच नहीं हुई है।
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कोट
जिलाधिकारी के यहां हुई शिकायत है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच कर रिपोर्ट प्रेषित किया जाएगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धर्मेंद्र दुबे, पंचायत, एडीओ