{"_id":"6a4abbfbe2d3c0ef8805f279","slug":"rare-pangolin-arrives-forest-officials-release-it-into-the-wild-mirzapur-news-c-192-1-svns1034-156746-2026-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: दुर्लभ पैंगोलिन पहुंचा, वन कर्मियों ने जंगल में छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: दुर्लभ पैंगोलिन पहुंचा, वन कर्मियों ने जंगल में छोड़ा
विज्ञापन
राजगढ़ थाना क्षेत्र के ददरा मुतलके रामपुर गांव में शनिवार देर रात मिला पैंगोलिन।-सोशल मीडिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भावा। राजगढ़ के ददरा मुतलके रामपुर गांव में राम सजीवन यादव के घर में शनिवार देर रात दुर्लभ एवं संरक्षित वन्यजीव पैंगोलिन (शल्कधारी चींटीखोर) मिला। ग्रामीणों ने वन्यजीव को सुरक्षित पकड़कर वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जंगल में छोड़ा।
रात 11 बजे रामसजीवन यादव के घर में यह दिखाई दिया। परिवार के लोगों ने शोर मचाया तो ग्रामीण जुट गए और बिना किसी नुकसान के उसे सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में उसकी पैंगोलिन के रूप में हुई, जिसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सर्वोच्च संरक्षण प्राप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहली बार दुर्लभ जीव दिखा है। ग्राम प्रशासक बाबू नंदन यादव ने बताया कि डायल-112 पुलिस को सूचना देने के साथ वन विभाग को भी अवगत कराया गया। देरी से पहुंची टीम ने पैंगोलिन को जंगल में छोड़ा गया। विशेषज्ञों ने बताया कि पैंगोलिन दुनिया में सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले वन्यजीवों में शामिल है। इसके शल्क और मांस की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में भारी मांग है, जिसके चलते इसकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंच जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रात 11 बजे रामसजीवन यादव के घर में यह दिखाई दिया। परिवार के लोगों ने शोर मचाया तो ग्रामीण जुट गए और बिना किसी नुकसान के उसे सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में उसकी पैंगोलिन के रूप में हुई, जिसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सर्वोच्च संरक्षण प्राप्त है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहली बार दुर्लभ जीव दिखा है। ग्राम प्रशासक बाबू नंदन यादव ने बताया कि डायल-112 पुलिस को सूचना देने के साथ वन विभाग को भी अवगत कराया गया। देरी से पहुंची टीम ने पैंगोलिन को जंगल में छोड़ा गया। विशेषज्ञों ने बताया कि पैंगोलिन दुनिया में सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले वन्यजीवों में शामिल है। इसके शल्क और मांस की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में भारी मांग है, जिसके चलते इसकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंच जाती है।
विज्ञापन