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Mirzapur News: दो महीने पहले बनी सड़क रिसाव से हो रही खराब
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जमालपुर ब्लॉक क्षेत्र के मनऊर गांव में जल जीवन मिशन की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। मुराहू सिंह इंटर कॉलेज के बगल से गुजरने वाले संपर्क मार्ग पर पाइपलाइन से पानी कई दिनों से लगातार लीक होकर नाली के रास्ते तालाब में जा रहा है।
विडंबना यह है कि मात्र दो महीने पहले ही इस सड़क का निर्माण कराया गया था, जो अब पानी भराव और रिसाव के कारण उखड़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभाग द्वारा पूर्व में भी इसी स्थान पर वर्ष भर के भीतर तीन से चार बार सड़क खोदकर लीकेज ठीक करने का प्रयास किया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका।
बार-बार की खुदाई से न केवल नई सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है, बल्कि मार्ग अवरुद्ध होने से लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। इन दिनों यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं, जिससे परीक्षार्थियों को कॉलेज तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों और छात्रों में विभागीय उदासीनता को लेकर आक्रोश है।ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में जब मरम्मत के नाम पर खुदाई की जा रही थी, तब आक्रोशित लोगों ने मौके पर मौजूद जेई, कर्मचारियों और जेसीबी मशीन को रोक लिया था।
मामला बढ़ने पर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था। स्थिति यह है कि एक ओर पाइपलाइन से पानी व्यर्थ बहकर तालाब में जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई घरों तक नल का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत कार्य में गुणवत्ता और जवाबदेही का अभाव है।
अन्नदाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह सहित ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि इस बार लीकेज की मरम्मत के दौरान विभाग से लिखित आश्वासन लिया जाएगा कि खुदाई के बाद सड़क का समुचित पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
जिम्मेदारी तय होने के बाद ही सड़क खोदने दी जाएगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि नई सड़क और पेयजल व्यवस्था दोनों सुरक्षित रह सकें।
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विडंबना यह है कि मात्र दो महीने पहले ही इस सड़क का निर्माण कराया गया था, जो अब पानी भराव और रिसाव के कारण उखड़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभाग द्वारा पूर्व में भी इसी स्थान पर वर्ष भर के भीतर तीन से चार बार सड़क खोदकर लीकेज ठीक करने का प्रयास किया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका।
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बार-बार की खुदाई से न केवल नई सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है, बल्कि मार्ग अवरुद्ध होने से लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। इन दिनों यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं, जिससे परीक्षार्थियों को कॉलेज तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों और छात्रों में विभागीय उदासीनता को लेकर आक्रोश है।ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में जब मरम्मत के नाम पर खुदाई की जा रही थी, तब आक्रोशित लोगों ने मौके पर मौजूद जेई, कर्मचारियों और जेसीबी मशीन को रोक लिया था।
मामला बढ़ने पर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था। स्थिति यह है कि एक ओर पाइपलाइन से पानी व्यर्थ बहकर तालाब में जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई घरों तक नल का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत कार्य में गुणवत्ता और जवाबदेही का अभाव है।
अन्नदाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह सहित ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि इस बार लीकेज की मरम्मत के दौरान विभाग से लिखित आश्वासन लिया जाएगा कि खुदाई के बाद सड़क का समुचित पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
जिम्मेदारी तय होने के बाद ही सड़क खोदने दी जाएगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि नई सड़क और पेयजल व्यवस्था दोनों सुरक्षित रह सकें।
