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Moradabad News: चालकों की कमी की वजह से 100 बसें खड़ीं
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मुरादाबाद। परिवहन निगम में वेतन कम मिलने की वजह से मुरादाबाद परिक्षेत्र को संविदा चालक नहीं मिल रहे हैं। परिक्षेत्र में 150 से अधिक संविदा चालकों की कमी है। इसकी वजह से परिक्षेत्र के विभिन्न डिपो में करीब 100 बसें खड़ी हैं। केवल पीतलनगरी स्थित क्षेत्रीय वर्कशाप में ही 30 बसों के पहिये थमे हैं।
मुरादाबाद परिक्षेत्र में कुल 932 बसें हैं। इन बसों का संचालन मुरादाबाद, पीतलनगरी, रामपुर, बिजनौर, नजीबाबाद, धामपुर, अमरोहा, चांदपुर बस अड्डे से किया जाता है। इसमें से करीब 100 बसों का संचालन संविदा चालकों की कमी की वजह से नहीं हो पा रहा है। इन बसों का संचालन दिखाने के लिए महीने में दो से तीन दिन तक रूटों पर चला दिया जाता है। बसों के खड़े होने से प्रतिदिन रोडवेज को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
परिवहन विभाग के नियमानुसार, लंबे रूट की बसों पर दो और कम दूरी के रूटों पर एक चालक का होना अनिवार्य है। लंबे रूट के साथ-साथ छोटे रूट भी चालकों की कमी से जूझ रहे हैं। मौजूदा समय में परिक्षेत्र में करीब 1100 चालक हैं। जबकि परिक्षेत्र को 1250 से अधिक चालकों की जरूरत है। क्षेत्रीय वर्कशाप में चालकों की भर्ती के लिए रोजगार मेला भी लगाया जाता है लेकिन कम वेतन की वजह से चालक भर्ती के दौरान मेले में 15 से 20 अभ्यर्थी ही पहुंचते हैं। इसमें से कुछ अभ्यर्थियों को फिटनेस ठीक नहीं होने की वजह से बाहर कर दिया जाता है।
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हर महीने 10 संविदा चालक छोड़ देते हैं नौकरी
हर महीने मुरादाबाद परिक्षेत्र में करीब 10 संविदा चालक नौकरी छोड़ देते हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालकों की रोडवेज में नौकरी करने की रुचि घटी है। परिक्षेत्र में कई ऐसे भी चालक हैं जो महीने में 10 दिन ड्यूटी करते हैं। इसके बाद वह बिना बताए चले जाते हैं। तीन से चार महीने बीत जाने के बाद उनकी संविदा खत्म कर दी जाती है।
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चार महीने में छह रोजगार मेले, भर्ती किए 70 संविदा चालक
पीतलनगरी स्थित क्षेत्रीय वर्कशाप में परिवहन विभाग की ओर से चार महीने के भीतर संविदा चालकों की भर्ती के लिए छह रोजगार मेला लगाया गया। इस मेले में 120 अभ्यर्थी शामिल हुए। इनका क्षेत्रीय वर्कशाप में परीक्षण किया गया है। इस दौरान 75 अभ्यर्थी पास हुए। इन अभ्यर्थियों को द्वितीय टेस्ट के लिए लोनी (गाजियाबाद) भेजा गया। इसमें करीब 70 अभ्यर्थी पास हुए। इन अभ्यर्थियों को चालक के रूप में संविदा पर रखा गया।
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दो महीने से अधिक समय से 26 एसी ई-बसें खड़ीं
दो महीने पहले मुरादाबाद परिक्षेत्र को 30 एसी ई-बसें मिली थी लेकिन अभी तक इसमें केवल चार एसी ई-बसों का संचालन हो पाया है। क्षेत्रीय कार्यालय में 26 एसी ई-बसें खड़ी हैं। इन बसों का अभी तक परिवहन विभाग में पंजीकरण नहीं हो पाया है। जबकि पंजीकरण के लिए दो सप्ताह पहले आवेदन किया जा चुका है।
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वर्जन...
परिवहन निगम के नियमानुसार किलोमीटर के हिसाब से संविदा चालकों को वेतन दिया जाता है। कम चलाने वाले चालक का वेतन कम आता है। जितने चालक महीने में नौकरी छोड़कर जाते हैं, उनसे ज्यादा हर महीने चालकों की भर्ती की जाती है।
- अनुराग यादव, क्षेत्रीय प्रबंधक, मुरादाबाद
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मुरादाबाद परिक्षेत्र में कुल 932 बसें हैं। इन बसों का संचालन मुरादाबाद, पीतलनगरी, रामपुर, बिजनौर, नजीबाबाद, धामपुर, अमरोहा, चांदपुर बस अड्डे से किया जाता है। इसमें से करीब 100 बसों का संचालन संविदा चालकों की कमी की वजह से नहीं हो पा रहा है। इन बसों का संचालन दिखाने के लिए महीने में दो से तीन दिन तक रूटों पर चला दिया जाता है। बसों के खड़े होने से प्रतिदिन रोडवेज को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
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परिवहन विभाग के नियमानुसार, लंबे रूट की बसों पर दो और कम दूरी के रूटों पर एक चालक का होना अनिवार्य है। लंबे रूट के साथ-साथ छोटे रूट भी चालकों की कमी से जूझ रहे हैं। मौजूदा समय में परिक्षेत्र में करीब 1100 चालक हैं। जबकि परिक्षेत्र को 1250 से अधिक चालकों की जरूरत है। क्षेत्रीय वर्कशाप में चालकों की भर्ती के लिए रोजगार मेला भी लगाया जाता है लेकिन कम वेतन की वजह से चालक भर्ती के दौरान मेले में 15 से 20 अभ्यर्थी ही पहुंचते हैं। इसमें से कुछ अभ्यर्थियों को फिटनेस ठीक नहीं होने की वजह से बाहर कर दिया जाता है।
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हर महीने 10 संविदा चालक छोड़ देते हैं नौकरी
हर महीने मुरादाबाद परिक्षेत्र में करीब 10 संविदा चालक नौकरी छोड़ देते हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालकों की रोडवेज में नौकरी करने की रुचि घटी है। परिक्षेत्र में कई ऐसे भी चालक हैं जो महीने में 10 दिन ड्यूटी करते हैं। इसके बाद वह बिना बताए चले जाते हैं। तीन से चार महीने बीत जाने के बाद उनकी संविदा खत्म कर दी जाती है।
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चार महीने में छह रोजगार मेले, भर्ती किए 70 संविदा चालक
पीतलनगरी स्थित क्षेत्रीय वर्कशाप में परिवहन विभाग की ओर से चार महीने के भीतर संविदा चालकों की भर्ती के लिए छह रोजगार मेला लगाया गया। इस मेले में 120 अभ्यर्थी शामिल हुए। इनका क्षेत्रीय वर्कशाप में परीक्षण किया गया है। इस दौरान 75 अभ्यर्थी पास हुए। इन अभ्यर्थियों को द्वितीय टेस्ट के लिए लोनी (गाजियाबाद) भेजा गया। इसमें करीब 70 अभ्यर्थी पास हुए। इन अभ्यर्थियों को चालक के रूप में संविदा पर रखा गया।
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दो महीने से अधिक समय से 26 एसी ई-बसें खड़ीं
दो महीने पहले मुरादाबाद परिक्षेत्र को 30 एसी ई-बसें मिली थी लेकिन अभी तक इसमें केवल चार एसी ई-बसों का संचालन हो पाया है। क्षेत्रीय कार्यालय में 26 एसी ई-बसें खड़ी हैं। इन बसों का अभी तक परिवहन विभाग में पंजीकरण नहीं हो पाया है। जबकि पंजीकरण के लिए दो सप्ताह पहले आवेदन किया जा चुका है।
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वर्जन...
परिवहन निगम के नियमानुसार किलोमीटर के हिसाब से संविदा चालकों को वेतन दिया जाता है। कम चलाने वाले चालक का वेतन कम आता है। जितने चालक महीने में नौकरी छोड़कर जाते हैं, उनसे ज्यादा हर महीने चालकों की भर्ती की जाती है।
- अनुराग यादव, क्षेत्रीय प्रबंधक, मुरादाबाद