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UP: 28 साै करोड़ से संवरेगा मुरादाबाद रेल मंडल, कवच के साथ फोर लाइन ट्रैक भी, हादसों पर लगाम लगाने पर फोकस

अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Tue, 03 Feb 2026 01:26 AM IST
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सार

मुरादाबाद रेल मंडल में सुरक्षा और क्षमता बढ़ाने के लिए कवच तकनीक और तीसरी-चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना पर काम किया जा रहा है। बजट मिलने के बाद इन परियोजनाओं में तेजी आएगी। इससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित होगा।

2800 crore rupees will be spent to improve the railway division, four-line track with armor
मुरादाबाद रेलवे स्टेशन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रेल मंडल को बजट से लगभग 2800 करोड़ रुपये मिलने जा रहे हैं। इससे मंडल में कवच तकनीक स्थापित करने और तीसरी व चौथी रेलवे लाइन बिछाने का काम होगा। दोनों प्रोजेक्ट का सर्वे और डीपीआर पहले ही बनाई जा चुकी है। अब फाइनल कैबिनेट में है और जल्द ही उन परियोजनाओं को बजट मिल जाएगा।

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दो साल पहले दोनों कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाया गया था। दोनों कार्यों के लिए सर्वे भी एक साथ शुरू हुआ। कवच तकनीक के लिए रेलवे ट्रैक पर सिग्नलिंग का कुछ कार्य शुरू भी हो गया है। अब अप्रैल में बजट जारी होने के बाद इसमें तेजी आएगी।
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इसी तरह गाजियाबाद से मुरादाबाद होते हुए रोजा तक तीसरी व चौथी रेल लाइन बिछाने का काम शुरू होगा। इसके लिए रेलवे को कई शहरों में रेलवे लाइन के पास से अतिक्रमण हटाना होगा। रामपुर व बरेली में इसके लिए काफी काम करना होगा।

दूसरी ओर कवच के लिए उत्तर रेलवे के 500 रेल इंजनों में डिवाइस लगाई जा चुकी है। अब काफी हिस्से में ट्रैक पर काम होना बाकी है। जोन में सबसे पहले दिल्ली-पलवल रेलखंड कवच प्रणाली के साथ ट्रेनें दौड़ाने के लिए तैयार है। इसके बाद गाजियाबाद-मुरादाबाद-लखनऊ खंड में काम होगा।

मुरादाबाद रेल मंडल में कवच और ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का काम 1500 करोड़ रुपये से होना है। ब्लॉक सिग्नलिंग पिलखुआ-डासना रेलखंड में पूरी हो चुकी है। डाउन लाइन पर रोजा व आसपास के स्टेशनों पर यह कार्य किया गया है।

इंजनों में लगाई गई रेडियो फ्रीक्वेंसी डिवाइस को ट्रैक पर लगने वाली डिवाइस के साथ जोड़ दिया जाएगा। इससे एक ही लाइन पर दो ट्रेनें होने की स्थिति में कुछ किमी की दूरी पर खुद ब्रेक लग जाएंगे और टक्कर नहीं होगी। वर्तमान में रेल मंडल में ट्रेनें बिना कवच प्रणाली के दौड़ रही हैं। 

मुरादाबाद रेल मंडल में कवच तकनीक के लिए बजट मिलने से सुरक्षित रेल संचालन में मदद मिलेगी। इसके अलावा भविष्य की योजनाओं व तेज रफ्तार वाली ट्रेनें चलाने के लिए तीसरी व चौथी लाइन बिछाने का कार्य होगा। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम

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