{"_id":"6a6e5d96eca698130a04b64d","slug":"another-change-at-kali-mata-temple-mahadevanand-giri-appointed-mahant-moradabad-news-c-15-1-mbd1002-960607-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: काली माता मंदिर में फिर बदलाव, अब महादेवानंद गिरि बने महंत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: काली माता मंदिर में फिर बदलाव, अब महादेवानंद गिरि बने महंत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। लालबाग काली माता मंदिर और प्राचीन सिद्ध पीठ श्री नाै देवी काली माता मंदिर के महंतों का बदलने का सिलसिला जारी है। माैजूदा महंत महाकाल गिरि और वशिष्ठ गिरि को आनंदेश्वर मठ कानपुर भेज दिया गया है। प्राचीन काली माता मंदिर के महंत महादेवानंद गिरि को अब काली माता मंदिर की जिम्मेदारी साैंपी गई है। चार महीने में पांचवीं बार बदलाव हुआ है।
नाै अप्रैल को जूना अखाड़ा ने लालबाग काली माता मंदिर के महंत सज्जन गिरि और प्राचीन सिद्ध पीठ श्री नाै देवी काली माता मंदिर के महंत राम गिरि का स्थानांतरण प्रयागराज कर दिया था। उनकी जगह महाकाल गिरि को काली माता मंदिर और हितेश्वर गिरि को प्राचीन सिद्ध पीठ का महंत बनाया गया था। जबकि महंत वशिष्ठ गिरि और महंत इच्छा गिरि मुख्य पुजारी बनाए गए थे। सज्जन गिरि और राम गिरि के हटाए जाने के बाद अभी तक दोनों मंदिरों में स्थायी महंत की नियुक्ति नहीं हो सकी है। पिछले चार महीने में पांच बार मंदिर में फेरबदल हो चुका है।
मंदिर में 15 से 20 दिन पर महंत बदले जा रहे हैं। निरंतर बदल रही व्यवस्था लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। दूसरी ओर स्थायी महंत के नहीं होने से निरंतरता प्रभावित हो रही है। श्रद्धालुओं को कार्य के लिए हर बार नए महंत से संपर्क करना पड़ रहा है। जबकि दो महीने बाद नवरात्र आने वाला है। जिसे लेकर तैयारियां काफी पहले शुरू हो जाती हैं।
विज्ञापन
00
- ये कोई स्थायी बदलाव नहीं है। सावन महादेव का महीना है। इसके लिए मुझे कानपुर भेजा गया है। मेरे नहीं रहने पर महादेवानंद गिरि को जिम्मेदारी साैंपी गई है। - महाकाल गिरि, महंत काली माता मंदिर
00
काली माता मंदिर में ऐसे बदलते गए महंत
- नाै अप्रैल को महाकाल गिरि को काली माता मंदिर और हितेश्वर गिरि को सिद्धपीठ मंदिर का महंत बनाया गया। वशिष्ठ गिरि और इच्छा गिरि को पुजारी बनाया गया था।
- कुछ समय बाद महाकाल गिरि और इच्छा गिरि को कानपुर आनंदेश्वर मठ भेज दिया गया। उनके स्थान पर अखाड़े से महादेवानंद गिरि और आनंदेश्वर गिरि को नियुक्त किया गया।
- हितेश्वर गिरि को प्राचीन सिद्धपीठ तो आनंदेश्वर गिरि को काली माता मंदिर महंत बनाया गया। जबकि महादेवानंद गिरि को श्रीराम गंगा मंदिर में महंत बनाया गया था।
- मई के अंत में हितेश्वर गिरि को काली माता मंदिर और महेश गिरि को प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर का महंत बनाया गया। जबकि आनंदेश्वर गिरि को नासिक भेज दिया गया।
- जून माह में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान हितेश्वर गिरि को कानपुर भेज दिया गया। कानपुर से महाकाल गिरि और वशिष्ठ गिरि को काली माता मंदिर में महंत तैनात किया गया। सिद्धपीठ में महादेवानंद गिरि और श्रीराम गंगा मंदिर में महेश गिरि को महंत तैनात किया गया है।
- अब महाकाल गिरि और वशिष्ठ गिरि को कानपुर भेज दिया गया है। काली माता मंदिर की जिम्मेदारी महादेवानंद गिरि को सौंपा गया है।
विज्ञापन
नाै अप्रैल को जूना अखाड़ा ने लालबाग काली माता मंदिर के महंत सज्जन गिरि और प्राचीन सिद्ध पीठ श्री नाै देवी काली माता मंदिर के महंत राम गिरि का स्थानांतरण प्रयागराज कर दिया था। उनकी जगह महाकाल गिरि को काली माता मंदिर और हितेश्वर गिरि को प्राचीन सिद्ध पीठ का महंत बनाया गया था। जबकि महंत वशिष्ठ गिरि और महंत इच्छा गिरि मुख्य पुजारी बनाए गए थे। सज्जन गिरि और राम गिरि के हटाए जाने के बाद अभी तक दोनों मंदिरों में स्थायी महंत की नियुक्ति नहीं हो सकी है। पिछले चार महीने में पांच बार मंदिर में फेरबदल हो चुका है।
विज्ञापन
मंदिर में 15 से 20 दिन पर महंत बदले जा रहे हैं। निरंतर बदल रही व्यवस्था लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। दूसरी ओर स्थायी महंत के नहीं होने से निरंतरता प्रभावित हो रही है। श्रद्धालुओं को कार्य के लिए हर बार नए महंत से संपर्क करना पड़ रहा है। जबकि दो महीने बाद नवरात्र आने वाला है। जिसे लेकर तैयारियां काफी पहले शुरू हो जाती हैं।
विज्ञापन
00
- ये कोई स्थायी बदलाव नहीं है। सावन महादेव का महीना है। इसके लिए मुझे कानपुर भेजा गया है। मेरे नहीं रहने पर महादेवानंद गिरि को जिम्मेदारी साैंपी गई है। - महाकाल गिरि, महंत काली माता मंदिर
00
काली माता मंदिर में ऐसे बदलते गए महंत
- नाै अप्रैल को महाकाल गिरि को काली माता मंदिर और हितेश्वर गिरि को सिद्धपीठ मंदिर का महंत बनाया गया। वशिष्ठ गिरि और इच्छा गिरि को पुजारी बनाया गया था।
- कुछ समय बाद महाकाल गिरि और इच्छा गिरि को कानपुर आनंदेश्वर मठ भेज दिया गया। उनके स्थान पर अखाड़े से महादेवानंद गिरि और आनंदेश्वर गिरि को नियुक्त किया गया।
- हितेश्वर गिरि को प्राचीन सिद्धपीठ तो आनंदेश्वर गिरि को काली माता मंदिर महंत बनाया गया। जबकि महादेवानंद गिरि को श्रीराम गंगा मंदिर में महंत बनाया गया था।
- मई के अंत में हितेश्वर गिरि को काली माता मंदिर और महेश गिरि को प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर का महंत बनाया गया। जबकि आनंदेश्वर गिरि को नासिक भेज दिया गया।
- जून माह में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान हितेश्वर गिरि को कानपुर भेज दिया गया। कानपुर से महाकाल गिरि और वशिष्ठ गिरि को काली माता मंदिर में महंत तैनात किया गया। सिद्धपीठ में महादेवानंद गिरि और श्रीराम गंगा मंदिर में महेश गिरि को महंत तैनात किया गया है।
- अब महाकाल गिरि और वशिष्ठ गिरि को कानपुर भेज दिया गया है। काली माता मंदिर की जिम्मेदारी महादेवानंद गिरि को सौंपा गया है।