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Budget 2026: बर्तन-सराफा कारोबारियों को उम्मीदों के अनुरूप नहीं मिली राहत, मुरादाबाद के उद्यमियों ने रखी राय

अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 01 Feb 2026 08:23 PM IST
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Budget 2026: Utensil and bullion traders did not receive the relief they had hoped for
बजट के बारे में प्रतिक्रिया देते कारोबारी - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय बजट 2026 में बर्तन व सराफा (सोना-चांदी) कारोबारियों को उम्मीदों के अनुरूप राहत नहीं मिली है। न तो जीएसटी की दरों में अंतर कम किया गया और न ही सराफा व्यापार को सीधे तौर पर कोई बड़ी रियायत मिली। इसके साथ ही सोने व चांदी की कीमतों को स्थिर करने के लिए न तो कोई उपाय किए गए।

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शहर में बर्तन बाजार, बाजार गंज, चौमुखा पुल समेत अन्य जगहों के बर्तन व सराफा कारोबारियों का कहना है कि सरकार की ओर से बाजार स्थित करने का बयान दिया गया लेकिन बजट में कोई जिक्र नहीं किया गया।

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बजट में बर्तन कारोबारियों को किसी तरह का कोई फंड नहीं जारी किया गया है। कच्चे माल पर जीएसटी 18 प्रतिशत और तैयार माल पर जीएसटी पांच प्रतिशत है। इसमें भी कोई सुधार नहीं किया गया है। स्क्रैप का दाम प्रतिदिन 10 से 20 रुपये बढ़ रहा है। इससे कारखानेदारों और छोटे दुकानदारों को परेशानी हो रही है। व्यापार कर में 13 प्रतिशत की जीएसटी इकट्ठा हो जाती है। इसे तीन महीने में रिफंड करने की बात कही जा रही है। इससे छोटे व्यापारी परेशान होंगे। अगर बर्तन कारोबार पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे और परेशानी बढ़ेगी।  - सुनील अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार मंडल

बजट से व्यापारी वर्ग को बहुत निराशा मिली है। हमारी मांग थी कि कच्चे माल और तैयार उत्पाद पर जीएसटी एक समान हो लेकिन बजट में इस पर कोई चर्चा नहीं की गई। जिस व्यापारी एक करोड़ रुपये से ज्यादा होती है उसे कैसलेश इलाज की सुविधा दिए जाने की मांग की गई थी लेकिन इस पर सरकार की ओर से कोई प्रयास नहीं किया गया। बर्तन व्यापारी को न तो कोई सुविधा दी गई और न ही कोई सुनवाई हुई। व्यापार का ग्राफ दिन प्रतिदिन घटता जा रहा है। अगर व्यवस्था में सुधार नहीं लाया गया तो व्यापार खत्म होने की कगार पर पहुंच जाएगा।-अमरीश अग्रवाल, महानगर महामंत्री, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल

बजट में सराफा कारोबारियों के लिए कुछ भी नहीं है। एमसीएक्स पर सोने व चांदी की कीमत प्रतिदिन बढ़ और घट रही है। रिटेल ग्राहक इससे काफी परेशान हैं। इसके साथ की सराफा कारोबारी भी परेशान हैं। हमारी उम्मीद थी सोने व चांदी के दामों पर कंट्रोल किया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बजट में सोने व चांदी के आयात शुल्क कम करने के बारे में भी किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं दिखाई दी। अब इसका असर आगे सराफा कारोबार पर दिखाई देगा।- नीरज अग्रवाल, प्रेसिडेंट, श्री सराफा कमेटी बाजार गंज

बजट में एमएसएमई के तहत फंड मिला है। इससे लोगों को लोन में फायदा भी मिलेगा। लेकिन स्क्रैप के दाम स्थित नहीं हो रहे हैं। कभी दिनभर में 50 रुपये बढ़ जाते हैं तो कभी घट जाते हैं। इससे छोटे दुकानदार अपना कारोबार सुचारू रूप से नहीं चला पा रहे हैं। बजट में एक पालिसी बनानी चाहिए थी कि स्क्रैप के दाम एक महीने तक स्थिर रहे। महीने बाद चाहें तो चेंज करें। इससे दुकानदार अपना काम चला सकें।- अरविंद अग्रवाल जानी, प्रदेश अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश

जीएसटी रिटर्न तीन महीने के आगे के लिए बढ़ा दिया गया है। इससे व्यापारियों को काफी फायदा मिलेगी। व्यापारियों ने कुछ मांग सरकार से की थी कि जीएसटी दरों में कुछ संशोधन और किया जाए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्क्रैप के दाम स्थित नहीं हो रहे हैं। कभी दिनभर में 50 रुपये बढ़ जाते हैं तो कभी घट जाते हैं। इसके कारोबारियों को काफी नुकसान हो रहा है। हमें उम्मीद है कि आगे सरकार इस भी विचार करेगी। - विपिन गुप्ता, प्रदेश महामंत्री, संयुक्त व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश

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