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UP: जौहर विवि के शिलान्यास को जुटी थी मुलायम की मजबूत कैबिनेट, अब ध्वस्तीकरण की नौबत; ट्रस्ट में आजम परिवार

Sat, 18 Jul 2026 03:07 PM IST
Sharukh Khan नवाज अनवर, अमर उजाला, रामपुर
नवाज अनवर, अमर उजाला, रामपुर Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 18 Jul 2026 03:07 PM IST
सार

रामपुर में 18 सितंबर 2006 को जौहर यूनिवर्सिटी का शिलान्यास   हुआ था। शिलान्यास के लिए मुलायम की मजबूत कैबिनेट जुटी थी। अब ध्वस्तीकरण की नौबत है। सीएम के साथ-साथ 30 से ज्यादा मंत्री आए थे।

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Johar University Demolition Row: Azam Khan Dream Project Faces Action After RDA Orders
Jauhar University - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से जौहर विवि के 40 में से 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद आजम खां का यह ड्रीम प्रोजेक्ट फिर चर्चाओं में है। चर्चाएं उस वक्त भी कम नहीं थीं जब 18 सितंबर 2006 को रामपुर में इस यूनिवर्सिटी की संगे बुनियाद रखी गई थी। 
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तब ऐसा लगा था कि उत्तर प्रदेश की पूरी सरकार रामपुर में थी। उस समय हुए भव्य समारोह में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने पूरा समय दिया था। साथ ही यूपी के 30 से ज्यादा मंत्री कार्यक्रम में मौजूद रहे थे। यहीं नहीं, अमर सिंह ने भी समारोह में शिरकत की थी।
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शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। सीआरपीएफ कैंपस में हेलीपेड की व्यवस्था की गई थी। इस कैंपस से लेकर जौहर यूनिवर्सिटी तक के रास्ते में दर्जनों स्वागत द्वार और जगह-जगह मुलायम सिंह यादव और आजम खां के आकर्षक कटआउट लगे थे। 
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तब की सरकार के तीन चौथाई मंत्रियों की रामपुर में मौजूदगी के कारण कैबिनेट और प्रमुख सचिवों की लंबी फौज से रामपुर की अवाम ने तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खां की सूबे की सरकार पर पकड़ का अहसास किया था।
 

वक्त बदला तो उस दौर के सबसे ताकतवर मंत्री के खिलाफ मुकदमों की फेहरिस्त लंबी होती चली गई। वह ही नहीं उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा, बेटे अब्दुल्ला आजम को भी जेल के सीखचों के पीछे पहुंचना पड़ा। डॉ. तजीन फात्मा फिलहाल जेल से बाहर हैं, जबकि आजम और अब्दुल्ला अब भी सजा काट रहे हैं। 

आजम परिवार की इन स्थितियों के बीच अब जौहर यूनिवर्सिटी भी खतरे में आ गई। आरडीए वीसी की भूमिका में डीएम ने यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दे दिया है। अब यूनिवर्सिटी ही नहीं, उसमें पढ़ने वाले और पढ़ाने वालों के भविष्य पर भी अनिश्चितता गहरा गई है।

साल 2012 में मिला था विश्वविद्यालय का दर्जा 
18 सितंबर 2006 को जौहर यूनिवर्सिटी के शिलान्यास के बाद शासन से विश्वविद्यालय का दर्जा वर्ष 2012 में मिला था। इसके बाद मई 2013 में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (एनसीएमईआई) ने इसे अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जा भी प्रदान किया था। यूजीसी से भी मान्यता 2012 में ही मिल गई थी। इस यूनिवर्सिटी का संचालन जौहर ट्रस्ट के हाथ में है।

 

जौहर ट्रस्ट में पूरा आजम परिवार, तीन ही बाहर के 
जौहर ट्रस्ट की अध्यक्ष आजम खां की बहन निकहत अफलाक हैं। विवादों में फंसने से पहले आजम खुद ही अध्यक्ष थे। इसके अलावा सचिव का पद आजम के बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आजम के पास है। आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ट्रस्टी हैं। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद सिद्दीकी हैं, जबकि संयुक्त सचिव नसीर अहमद खां (सपा विधायक चमरौवा ), कोषाध्यक्ष जावेद उर रहमान खां हैं।

यूनिवर्सिटी में दबी मिली थी पालिका की मशीन
सितंबर 2022 में जौहर यूनिवर्सिटी में खोदाई के दौरान नगर पालिका की सफाई मशीन दबी मिली थी। यह मशीन सपा शासनकाल में शहर की सफाई के लिए करोड़ों में खरीदी गई थी। बाद में इसे चोरी-छिपे यूनिवर्सिटी के अंदर दबा दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने आजम खां और उनके बेटे समेत चार के खिलाफ केस दर्ज किया था। फिलहाल इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है।

जौहर यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के गुरु जंभेश्वर विवि में समायोजन की तैयारी
जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद वहां पढ़ने वाले करीब तीन हजार विद्यार्थियों को मुरादाबाद के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में समायोजित कराने की तैयारी है। शुक्रवार को यूनिवर्सिटी के गेट पर शिविर लगाकर की गई काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि इसके लिए गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 20 जुलाई से बढ़वाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

इस बीच यूनिवर्सिटी में शामिल सरकारी सड़क के मुआयने के लिए पहुंचे पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन केवी सिंह को सुरक्षाकर्मियों ने गेट पर रोक लिया। कुछ देर नोकझोंक के बाद वह कैंपस में दाखिल हो सके और 3.5 किमी लंबी सरकारी सड़क का निरीक्षण कर लौट गए। उधर, जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक की मांग उठाते हुए बिलारी (मुरादाबाद) में सपा विधायक मोहम्मद फहीम ने कार्यकर्ताओं के साथ अपने कैंप कार्यालय के पास सांकेतिक धरना दिया। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।

जौहर यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की काउंसलिंग टीम को लीड कर रहीं रामपुर के राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. जागृति मदान ढींगरा ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षिक सत्र प्रभावित न हो इसके लिए डीएम की पहल के बाद गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों में प्रवेश के लिए विशेष व्यवस्था बनाने के प्रयास चल रहे हैं। साथ ही गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश भी की जा रही है। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में रजिस्ट्रेशन की समयसीमा अभी 20 जुलाई निर्धारित है, जिसे बढ़ाने के निर्णय पर भी विचार चल रहा है।

बता दें कि मुरादाबाद स्थित गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबद्ध रामपुर जिले में 33 महाविद्यालय हैं। शिक्षा विभाग के जानकारों का मानना है कि प्रभावित विद्यार्थियों में से रामपुर व आसपास के रहने वाले अधिकांश जिले के शिक्षण संस्थानों को ही तरजीह देंगे।

विद्यार्थी संख्या और विषय का फंस सकता है पेच
जौहर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले तीन हजार विद्यार्थियों की पढ़ाई के सवाल पर दूसरे महाविद्यालयों के समायोजन की कोशिशों में छात्र संख्या, विषय, हॉस्टल सुविधा जैसे बिंदुओं पर पेच फंस सकता है। अभी तक की कवायद में जौहर यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के मुरादाबाद के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में समायोजन की बात की जा रही है। 

 

यह भी कहा जा रहा है कि गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबद्ध रामपुर में ही 33 महाविद्यालय हैं, जहां आसानी से समायोजन हो सकता है। इन सबके बीच सवाल यह है कि जिन महाविद्यालयों में समायोजन की बात कही जा रही है, वहां पहले से दर्ज छात्र संख्या के साथ कितने नए विद्यार्थियों का संतुलन बन सकेगा। 

इसी तरह हर महाविद्यालय में हर विषय या पाठ्यक्रम की पढ़ाई हो, यह जरूरी नहीं। साथ ही जौहर यूनिवर्सिटी में हॉस्टल सुविधा के लिहाज से दाखिल विद्यार्थियों के समक्ष दूसरे महाविद्यालय में समायोजन के समय रिहायशी सुविधा की समस्या भी खड़ी हो सकती है।

जौहर यूनिवर्सिटी के छात्रों के पास गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में एडमिशन का विकल्प है। इसके लिए प्रशासन की ओर से यूनिवर्सिटी के कुलपति से संपर्क किया गया था। इसके बाद ही जौहर यूनिवर्सिटी गेट पर काउंलिंग सेंटर बनाया गया है। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय इन छात्रों को प्रवेश देने के लिए पंजीकरण की निर्धारित 20 जुलाई की तारीख बढ़ा सकता है। छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है।- डा.जागृति मदान ढींगरा, प्राचार्य राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामपुर

 

दूसरे दिन भी काउंसलिंग सेंटर पर रही छात्रों की भीड़
जौहर यूनिवर्सिटी के गेट पर दूसरे दिन शुक्रवार को भी काउंसलिंग सेंटर संचालित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक पहुंचे। सभी ने आगे की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी ली। केंद्र पर मौजूद टीम ने विद्यार्थियों को संभावित विकल्पों, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेजों संबंधी जानकारी दी। इस दौरान कुछ छात्रों ने अपने पाठ्यक्रमों के भविष्य और डिग्री की वैधानिकता जैसी जिज्ञासाएं भी रखीं।
 

रजा पीजी कॉलेज की प्राचार्य डा.जागृति मदान ढींगरा ने बताया कि अब तक बीस छात्रों की काउंसलिंग की गई है। छात्रों को समझाया जा रहा है कि वे घबराएं नहीं। अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत सूचना पर भरोसा करें। अभी काउंसलिंग का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा, ताकि विद्यार्थियों को समय पर सही जानकारी मिले, उनकी शंकाओं का समाधान हो सके।
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