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Moradabad News: दो दशक बाद मनरेगा का अस्तित्व होगा खत्म, 150 करोड़ का भुगतान बड़ी चुनौती
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मुरादाबाद। दो दशक पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम-2005 के नाम से शुरू हुई मनरेगा योजना का अस्तित्व अब एक पखवाड़े बाद ही समाप्त होने वाला है, पंचायत सहित सह विभागों के सरकारी अमले को अब इस योजना को समेटने में लगा दिया गया है लेकिन अभी भी मुरादाबाद जिले में ही करीब 35 करोड़ रुपए सहित मंडल के जिलों में करीब 150 करोड़ रुपए से अधिक की विभागीय देनदारी बाकी है। नए वर्क ऑर्डर रोक दिए गए हैं, जिन योजनाओं पर कार्य शुरू नहीं हो सका है, उन्हें भी बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। फिलहाल तो वित्तीय वर्ष के अवशेष 15 दिनों में निपटाना बड़ी चुनौती है।
मनरेगा को दो फरवरी 2006 को प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के बांदापल्ली (अनंतपुर) जिले से देश के 200 जिलों में लॉन्च किया गया था। पूरे देश में इसे एक अप्रैल 2008 से लागू कर दिया गया था, जिसमें ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने गारंटी दी गई थी लेकिन अब मौजूदा केंद्र सरकार ने इसे खत्म करके 125 दिनों की गारंटी देने वाली विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी को एक अप्रैल 2026 से लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। यही कारण है कि बीस साल के बाद अब मनरेगा का अस्तित्व खत्म होने वाला है। शासन के निर्देशों के क्रम में सरकारी अमला मनरेगा के तहत चल रहे कार्यो को शीघ्रता से पूर्ण करने को कहा गया है, जिन कार्यो का भुगतान बकाया नहीं है, उन्हें पूर्ण कर अपलोड करने, श्रमिकों और सामग्री का अवशेष भुगतान करने, अन्य अभिलेखों को ऑनलाइन अपलोड करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करा दिया गया है। नए वर्क ऑर्डर रोक दिए जाने से ग्रामीण अंचलों में विकास कार्य भी ठहर गए हैं।
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जनवरी तक का हुआ भुगतान
उपायुक्त (मनरेगा) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मुरादाबाद मंडल के मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, बिजनौर व रामपुर जिलों में श्रमिकों व सामग्री का जनवरी तक का भुगतान लगभग कर दिया गया है, इसके बाद का भुगतान किया जा रहा है, कुछ धनराशि लंबित है। मुरादाबाद जिले में लगभग 35 करोड़ सहित मंडल के सभी जिलों में करीब 150 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान अभी शेष है। जिसे अतिशीघ्र अभिलेखीय आधार पर करने को कहा गया है, शासन से धनराशि भी रिलीज की जा रही है लेकिन सभी अभिलेखों को पूर्ण करके अपलोड करने का कार्य सिर्फ 15 दिन में करना बड़ी चुनौती है, इसमें अभी एक या दो महीने का समय और लग सकता है।
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नए वर्क ऑर्डर जारी नहीं होंगे
- उपायुक्त (मनरेगा) कार्यालय के अनुसार मुरादाबाद जिले में कुल 138923 सक्रिय मनरेगा श्रमिक हैं, जो नियमित कार्य कर रहे हैं। इनकी ई-केवाईसी की जा रही है, 81 प्रतिशत कार्य हो चुका है। मनरेगा के ऐसे कार्य जिनकी कार्ययोजना बन गई है, वर्क ऑर्डर भी हो गए लेकिन कार्य शुरू नहीं हो पाया है, ऐसे कार्य मनरेगा के तहत अब नहीं होंगे। कोई नई वर्क आईडी जेनरेट नहीं की जाएगी।
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मनरेगा को दो फरवरी 2006 को प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के बांदापल्ली (अनंतपुर) जिले से देश के 200 जिलों में लॉन्च किया गया था। पूरे देश में इसे एक अप्रैल 2008 से लागू कर दिया गया था, जिसमें ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने गारंटी दी गई थी लेकिन अब मौजूदा केंद्र सरकार ने इसे खत्म करके 125 दिनों की गारंटी देने वाली विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी को एक अप्रैल 2026 से लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। यही कारण है कि बीस साल के बाद अब मनरेगा का अस्तित्व खत्म होने वाला है। शासन के निर्देशों के क्रम में सरकारी अमला मनरेगा के तहत चल रहे कार्यो को शीघ्रता से पूर्ण करने को कहा गया है, जिन कार्यो का भुगतान बकाया नहीं है, उन्हें पूर्ण कर अपलोड करने, श्रमिकों और सामग्री का अवशेष भुगतान करने, अन्य अभिलेखों को ऑनलाइन अपलोड करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करा दिया गया है। नए वर्क ऑर्डर रोक दिए जाने से ग्रामीण अंचलों में विकास कार्य भी ठहर गए हैं।
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जनवरी तक का हुआ भुगतान
उपायुक्त (मनरेगा) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मुरादाबाद मंडल के मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, बिजनौर व रामपुर जिलों में श्रमिकों व सामग्री का जनवरी तक का भुगतान लगभग कर दिया गया है, इसके बाद का भुगतान किया जा रहा है, कुछ धनराशि लंबित है। मुरादाबाद जिले में लगभग 35 करोड़ सहित मंडल के सभी जिलों में करीब 150 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान अभी शेष है। जिसे अतिशीघ्र अभिलेखीय आधार पर करने को कहा गया है, शासन से धनराशि भी रिलीज की जा रही है लेकिन सभी अभिलेखों को पूर्ण करके अपलोड करने का कार्य सिर्फ 15 दिन में करना बड़ी चुनौती है, इसमें अभी एक या दो महीने का समय और लग सकता है।
नए वर्क ऑर्डर जारी नहीं होंगे
- उपायुक्त (मनरेगा) कार्यालय के अनुसार मुरादाबाद जिले में कुल 138923 सक्रिय मनरेगा श्रमिक हैं, जो नियमित कार्य कर रहे हैं। इनकी ई-केवाईसी की जा रही है, 81 प्रतिशत कार्य हो चुका है। मनरेगा के ऐसे कार्य जिनकी कार्ययोजना बन गई है, वर्क ऑर्डर भी हो गए लेकिन कार्य शुरू नहीं हो पाया है, ऐसे कार्य मनरेगा के तहत अब नहीं होंगे। कोई नई वर्क आईडी जेनरेट नहीं की जाएगी।