रफ्तार का कहर: मुरादाबाद जिले में एक साल में 340 की जान गई, दुर्घटना की सूचना देने वाले को मिलेंगे 25 हजार
मुरादाबाद जिले में वर्ष 2024-25 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई। इसमें 340 लोगों की मौत और 800 से अधिक लोग घायल हुए। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के शुभारंभ पर अधिकारियों ने तेज रफ्तार को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताते हुए सड़क सुरक्षा नियमों के सख्त पालन और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
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मुरादाबाद जिले में सड़क दुर्घटनाओं में पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में सड़क दुर्घटनाओं में 340 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, साथ ही 800 लोग घायल भी हुए हैं। यह आंकड़ा चिंता का विषय है, इस कम किया जाना आवश्यक है। यह बात बृहस्पतिवार को संभागीय परिवहन कार्यालय में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के शुभारंभ के मौके पर कही गई।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह की शुरुआत विधान परिषद सदस्य डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने दीप जलाकर किया। इस दौरान 20 ऑटो को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-2025 में कई भीषण दुर्घटनाएं हुई हैं। इसमें अनेक लोगों ने अपना जीवन खोया है।
सभी सड़क दुर्घटनाओं का कारण लोगों द्वारा लंबी दूरी की यात्रा को कम से कम समय में तय करने के लिए तेजगति से वाहनों को चलाना है। पुलिस अधीक्षक (यातायात) ने बताया कि वर्ष 2024-2025 में जिले में हुई सड़क दुर्घटनाओं में 340 लोगों की मौत व 800 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या पांच गुना बढ़ी है। इसे कम करने के लिए प्रयासों को तेज करना होगा। आरटीओ( प्रशासन) राजेश सिंह ने कहा कि एनसीसी के कैडे्टस जिस प्रकार से एनसीसी के प्रशिक्षण के दौरान नियमबद्ध अनुशासित रहते हैं। उसी प्रकार यह सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति सजग, जागरूक रहेंगे और उनका पालन करेंगे, तभी सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी।
इस मौके पर एआरटीओ (प्रशासन) आंजनेय सिंह, एआरटीओ (प्रवर्तन) आनंद निर्मल, एआरटीओ हरिओम, मालकर अधिकारी नरेंद्र सिंह छाबड़ा, एआरएम प्रेम सिंह, एआरएम राजवती आदि मौजूद रहे।
दुर्घटना की सूचना देने वाले को मिलेंगे 25 हजार
आरटीओ( प्रशासन) राजेश सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्तियों की मदद के लिए राह-वीर योजना का संचालन किया गया है। इसमें किसी भी सड़क दुर्घटना की सूचना 108, 112 नंबर पर देने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को जिला अस्पताल लाने वाले लोग अपने विषय में कोई भी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध नहीं कराते हैं। इसके कारण वह राह-वीर योजना का लाभ नहीं ले पाते हैं।
