पंचायत चुनाव: जांच में 20 हजार वोटरों के नाम कटे, मुरादाबाद में 3.25 लाख से डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन
पंचायत चुनाव से पहले एआई जांच में मिले 4.65 लाख संदिग्ध डुप्लीकेट मतदाताओं में से 3.25 लाख का सत्यापन किया जा चुका है। इसमें 20 हजार से अधिक नाम डुप्लीकेट पाए जाने पर सूची से हटा दिए गए हैं। 1.40 लाख का सत्यापन छह मार्च तक किया जाएगा।
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पंचायत चुनाव को लेकर जिले के बीएलओ ने करीब 3.25 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया है। इसमें 20 हजार से अधिक मतदाता डुप्लीकेट पाए गए। इन वोटरों का नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इस मामले में चुनाव आयोग की ओर से सत्यापन की तिथि छह मार्च तक बढ़ाए जाने पर चुनाव में तैनात अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
चुनाव आयोग ने एआई के माध्यम से जांच कर 4.65 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची भेजी थी। इसमें मुरादाबाद ब्लॉक के 38825, मूंढापांडे ब्लॉक के 56046, भगतपुर टांडा ब्लॉक के 59099, ठाकुरद्वारा ब्लॉक के 48644, डिलारी ब्लॉक के 61898, बिलारी ब्लॉक के 64261, कुंदरकी ब्लॉक के 78779 और छजलैट ब्लॉक के 58553 मतदाता शामिल हैं।
अभियान के दौरान 3.25 लाख मतदाताओं का बीएलओ सत्यापन कर चुके हैं। अभी 1.40 लाख मतदाताओं का सत्यापन करना बाकी है। इस बारे में उप जिला निर्वाचन अधिकारी संगीता गौतम ने बताया कि जांच के दौरान करीब 20 हजार से अधिक मतदाता डुप्लीकेट पाए गए हैं। ऐसे लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं।
एडीएम प्रशासन का कहना है कि ढिलाई बरतने पर बीडीओ मुरादाबाद को नोटिस दिया गया था। बृहस्पतिवार को उनके क्षेत्र में सत्यापन का आंकड़ा बढ़ गया है। बता दें कि पहले 20 फरवरी तक सत्यापन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी लेकिन चुनाव तिथि बढ़ाकर छह मार्च तक कर दी है। इस कारण चुनाव में तैनात अधिकारियों और बीएलओ ने राहत की सांस ली है।
पहले भी 71 हजार डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम कटे थे
सबसे पहले चुनाव आयोग ने 2.35 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची भेजी थी। जांच के बाद पहले चरण में करीब 71 हजार डुप्लीकेट मतदाता पाए गए। सभी लोगों के नाम सूची से हटाए गए । 2021 की मतदाता सूची की तुलना में 2026 में लगभग 18 हजार मतदाता बढ़ गए हैं।
एसआईआर में कटे थे 3.87 लाख वोटरों के नाम
एसआईआर अभियान में जिले के 3.87 लाख वोटर मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए थे। जबकि मतदाताओं की कुल संख्या 24.59 लाख है। एसआईआर अभियान के आखिरी चरण में जिला प्रशासन का ध्यान अनकलेक्टिव मतदाताओं (एएसडी) पर केंद्रित रहा। अनकलेक्टिव वोटरों की श्रेणी में अनुपस्थित, शिफ्टेड, डुप्लीकेट, मृतक वोटरों को शामिल किया गया था। ऐसे मतदाताओं की संख्या 3.87 लाख पाई गई है। इन वोटराें के नाम सूची से हटा दिए गए थे।
फिर बढ़ी तारीख... मतदाता सूची का प्रकाशन 15 अप्रैल को
पंचायत चुनाव के चल रहे मतदाता पुनरीक्षण-2025 अभियान की समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई। अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण समेत अन्य कार्यवाही 13 अप्रैल तक की जाएगी। 15 अप्रैल को राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करेगा। दूसरी बार प्रकाशन की तारीख बढ़ाई गई है। ऐसे में समय पर चुनाव हो पाना बड़ी चुनौती है। चुनाव के टलने की संभवना बढ़ गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने 18 दिसंबर 2025 को प्रारंभिक पुनरीक्षण सूची जारी की थी। जिसमें पिछले चुनाव की अपेक्षा 40.19 लाख मतदाता बढ़े थे। सूची को लेकर आयोग ने दावे और आपंत्तियां मांगी थीं। दावों और आपत्तियों पर सुनवाई के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 फरवरी को होना था। आयोग ने छह जनवरी को इस तारीख को आगे बढ़ाते हुए 28 मार्च की थी।
आयोग ने अब दूसरी बार तारीख को आगे बढ़ाया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह के मुताबिक 21 फरवरी से 16 मार्च के बीच दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद हस्तलिखित पांडुलिपियां तैयार करने, संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन व ऐसे मामलों समेत अन्य दस्तावेजी कार्य किया जाएगा।
साथ ही पूरक सूचियों की कंप्यूटरीकरण की तैयारी व उन्हें मूल सूची में समाहित किया जाएगा। मतदान केंद्रों व स्थलों का निर्धारण किया जाएगा। 17 मार्च से 13 अप्रैल तक मतदान केंद्रों का क्रमांकन, मतदेय स्थलों के वार्डों की मैपिंग, मतदाता क्रमांकन, स्टेट वोटर नंबर का आवंटन के करम किए जाएंगे। उसके बाद 15 अप्रैल को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।