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Moradabad News: हारिश के संपर्क में थे वेस्ट यूपी के कई जिलों के छात्र
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मुरादाबाद। आतंकी संगठन अपने साथ डॉक्टर, इंजीनियर, मदरसे के छात्र और शिक्षकों को जोड़ने की मुहिम चला रहे हैं। इसके लिए हारिश को तैयार किया गया ताकी इसके जरिए अधिक से अधिक अन्य लोगों को जोड़ा जाए। हारिश के मोबाइल, लैपटॉप और डायरी से जो सुराग हाथ लगे हैं उसके मुताबिक वह पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिलों के 50 से ज्यादा छात्रों को अपने साथ जोड़ चुका था और उनसे ग्रुप पर बात करता था।
सहारनपुर निवासी हारिश दो साल से मुरादाबाद में रह रहा था। आईएस के संपर्क में आया हारिश पांच बार जम्मू कश्मीर घूमने गया था लेकिन उसने हर बार अपने रूम पार्टनर से ही बताया था कि वह अपने घर सहारनपुर जा रहा है। जम्मू कश्मीर से लौटने के बाद ही उसने ऑन लाइन मुरादाबाद, संभल, बिजनौर, अमरोहा और रामपुर के अलावा सहारनपुर, शामली, मेरठ और अन्य जिलों के डॉक्टर, मेडिकल छात्र, इंजीनियर छात्र, मदरसा छात्र और टीचर भी अपने साथ जोड़ लिए थे। एटीएस और अन्य एजेंसियों की पूछताछ में उसने कबूला है कि वह सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों को फॉलो करता था जो देश या सरकार के खिलाफ कमेंट्स और पोस्ट करते हैं। इनमें खासकर डॉक्टर, इंजीनियर या फिर अन्य अच्छे पढ़े लिखे छात्र थे। यह काम वह अपने आकाओं के इशारे पर कर रहा था। उसे निर्देश मिलते थे कि संगठन में अब ज्यादा से ज्यादा पढ़े लिखे और तकनीकी तौर पर मजबूत लोगों की जरूरत है। इस लाइन पर हारिश काम कर रहा था। माना जा रहा है कि एटीएस अभी कुछ और लोगों को उठाकर पूछताछ कर सकती है।
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सहारनपुर निवासी हारिश दो साल से मुरादाबाद में रह रहा था। आईएस के संपर्क में आया हारिश पांच बार जम्मू कश्मीर घूमने गया था लेकिन उसने हर बार अपने रूम पार्टनर से ही बताया था कि वह अपने घर सहारनपुर जा रहा है। जम्मू कश्मीर से लौटने के बाद ही उसने ऑन लाइन मुरादाबाद, संभल, बिजनौर, अमरोहा और रामपुर के अलावा सहारनपुर, शामली, मेरठ और अन्य जिलों के डॉक्टर, मेडिकल छात्र, इंजीनियर छात्र, मदरसा छात्र और टीचर भी अपने साथ जोड़ लिए थे। एटीएस और अन्य एजेंसियों की पूछताछ में उसने कबूला है कि वह सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों को फॉलो करता था जो देश या सरकार के खिलाफ कमेंट्स और पोस्ट करते हैं। इनमें खासकर डॉक्टर, इंजीनियर या फिर अन्य अच्छे पढ़े लिखे छात्र थे। यह काम वह अपने आकाओं के इशारे पर कर रहा था। उसे निर्देश मिलते थे कि संगठन में अब ज्यादा से ज्यादा पढ़े लिखे और तकनीकी तौर पर मजबूत लोगों की जरूरत है। इस लाइन पर हारिश काम कर रहा था। माना जा रहा है कि एटीएस अभी कुछ और लोगों को उठाकर पूछताछ कर सकती है।
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