{"_id":"69c84050e8793e3c9c0273d5","slug":"the-then-dig-was-attacked-by-the-head-of-dingarpur-moradabad-news-c-15-1-mbd1027-864466-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: डींगरपुर के प्रधान ने कराया था तत्कालीन डीआईजी पर हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: डींगरपुर के प्रधान ने कराया था तत्कालीन डीआईजी पर हमला
विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हमला करने वाली भीड़ का नेतृत्व डींगरपुर का तत्कालीन प्रधान कामिल कर रहा था। उसने ही पहले पीएसी वाहन में आग लगवाई और फिर तत्कालीन डीआईजी पर हमला कर दिया था। पुलिस ने जिन 25 लोगों के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। उसमें प्रधान को मुख्य आरोपी बनाया था लेकिन सुनवाई के दौरान उसकी मौत हो चुकी है।
शनिवार को अदालत ने इस चर्चित मामले में 47 पेज का फैसला सुनाया। डीआईजी के पीआरओ की ओर से दर्ज कराए गए बयानों में बताया गया कि छह जुलाई 2011 की दोपहर मैनाठेर क्षेत्र में जाम लगाकर प्रदर्शन किए जाने की सूचना पर डीआईजी ने फोर्स मौके पर भेज दी थी। इसके बाद डीआईजी डीएम के साथ मौके पर जा रहे थे। अभी डींगर पुर चौराहे पर ही पहुंचे थे कि भीड़ इकट्ठा थी। जिसका नेतृत्व डींगरपुर के प्रधान कामिल कर रहा था।
उसने पीएसी वाहन में आग लगवा दी थी। डीआईजी गाड़ी से उतरकर समझाने लगे तो भीड़ ने हमला कर दिया था। वह अपनी जान बचाने को पेट्रोल पंप की ओर भागे तो भीड़ उनका पीछा करते हुए पेट्रोल पंप तक पहुंच गईथी। डीआईजी ने अपनी और पीआरओ की जान बचाने के लिए अपनी सर्विस पिस्टल से फायरिंग की लेकिन भीड़ ने ईंट-पत्थर मारकर उनकी पिस्टल हाथ से गिरा दी थी।
इसके बाद पीआरओ ने पिस्टल उठाई और फायर किए थे। काफी देर तक हमला किया जाता रहा। आस-पड़ोस के जिलों से फोर्स आ गई और कामिल समेत 25 लोग मौके से दबोच लिए थे, जबकि आठ आरोपी भाग गए थे।
Trending Videos
शनिवार को अदालत ने इस चर्चित मामले में 47 पेज का फैसला सुनाया। डीआईजी के पीआरओ की ओर से दर्ज कराए गए बयानों में बताया गया कि छह जुलाई 2011 की दोपहर मैनाठेर क्षेत्र में जाम लगाकर प्रदर्शन किए जाने की सूचना पर डीआईजी ने फोर्स मौके पर भेज दी थी। इसके बाद डीआईजी डीएम के साथ मौके पर जा रहे थे। अभी डींगर पुर चौराहे पर ही पहुंचे थे कि भीड़ इकट्ठा थी। जिसका नेतृत्व डींगरपुर के प्रधान कामिल कर रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
उसने पीएसी वाहन में आग लगवा दी थी। डीआईजी गाड़ी से उतरकर समझाने लगे तो भीड़ ने हमला कर दिया था। वह अपनी जान बचाने को पेट्रोल पंप की ओर भागे तो भीड़ उनका पीछा करते हुए पेट्रोल पंप तक पहुंच गईथी। डीआईजी ने अपनी और पीआरओ की जान बचाने के लिए अपनी सर्विस पिस्टल से फायरिंग की लेकिन भीड़ ने ईंट-पत्थर मारकर उनकी पिस्टल हाथ से गिरा दी थी।
इसके बाद पीआरओ ने पिस्टल उठाई और फायर किए थे। काफी देर तक हमला किया जाता रहा। आस-पड़ोस के जिलों से फोर्स आ गई और कामिल समेत 25 लोग मौके से दबोच लिए थे, जबकि आठ आरोपी भाग गए थे।