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UP: कला और समाजसेवा का सम्मान, मुरादाबाद के दो नामचीनों को पद्मश्री अवार्ड, राष्ट्रपति करेंगीं सम्मानित

अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Fri, 12 Jun 2026 02:25 AM IST
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सार

मुरादाबाद जिले की दो हस्तियों को 23 जून को राष्ट्रपति भवन में पद्मश्री सम्मान प्रदान किया जाएगा। प्रसिद्ध शिल्प गुरु चिरंजीलाल यादव और बिलारी के स्वर्गीय रघुपत सिंह (मरणोपरांत) को यह सम्मान राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा। रघुपत सिंह की ओर से उनकी पत्नी पुरस्कार ग्रहण करेंगी। 

Two personalities from the district will receive the Padma Shri award from the President on June 23.
मुरादाबाद के चिरंजी लाल यादव और रघुपत सिंह को मिलेगा सम्मान - फोटो : संवाद
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विस्तार

राष्ट्रपति के हाथों जिले की दो हस्तियों शहर के जाने माने शिल्प गुरु चिरंजीलाल यादव और बिलारी के स्व. रघुपत सिंह (मरणोपरांत) 23 जून को पद्म श्री का अवार्ड मिलेगा। रघुपत सिंह का अवार्ड उनकी पत्नी को दिया जाएगा।



इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से निमंत्रण पत्र दोनों परिवारों को मिल गया है। कटरा पूरनजाट जीवन की सराय निवासी चिरंजीलाल यादव को 25 जनवरी 2026 को पद्म श्री देने की घोषणा केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से की गई थी।
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इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शिल्प गुुरु चिरंजीलाल यादव को पद्मश्री अवार्ड देने के लिए 23 जून को राष्ट्रपति भवन बुलाया है। शिल्प गुरु ने बताया कि उनको 2008 में नेशनल मेरिट अवार्ड और 2019 में शिल्प गुरु का अवॉर्ड भी मिला था।

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गुरु अमर सिंह ने हुनर के सांचे में ढाला
शिल्प गुरु चिरंजी लाल यादव ने बताया कि सातवीं कक्षा तक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने आजीविका के लिए पीतल पर नक्काशी का काम सीखना शुरू कर दिया। गुरु अमर सिंह ने नक्काशी का हुनर सिखाया।

उन्होंने मेहराव वर्क, वर्मा बिदर वर्क, पंचरंगा वर्क, अंगूरी बर्क, फाइन वर्क, मरोड़ी वर्क का काम भी किया। शिल्प गुरु अपनी कला का प्रदर्शन केंद्र सरकार की पहल पर 2015 में जर्मनी के फ्रैंकफुर्त में कर चुके हैं।

इसके पहले 2010 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका और मलेशिया में गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की सरकार ने उनको राज्य दक्षता पुरस्कार के रूप में पहला अवॉर्ड दिया था। इसके बाद 1994, 1995, 1998 और 1999 में राज्य दक्षता पुरस्कार मिले थे।

रघुपत सिंह ने देश को सब्जियों की नई प्रजातियां दीं
समाथल गांव निवासी रघुपत सिंह (मरणोंपरांत) को दिल्ली में राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह अवॉर्ड राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित समारोह में उनकी पत्नी प्रेमवती लेने के लिए जाएंगी।

रघुपत सिंह को बीजों के संवर्धन, संरक्षण, लौकी और अन्य सब्जियाें की नई प्रजातियों को तैयार किया था। इसी खोज के चलते केंद्र सरकार ने 25 जनवरी को उनको पद्मश्री से सम्मानित करने की घोषणा की थी।

एक जुलाई 2025 को रघुपत सिंह की समाथल गांव में बीमारी के चलते मृत्यु हो गई। रघुपत सिंह के बेटे सुरेंद्रपाल सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी कमलेश रविदास की ओर से उनकी माता प्रेमवती के नाम भेजे गए पत्र से जानकारी मिली है।

उनके पिता रघुपत सिंह (मरणोपरांत) के लिए घोषित पद्मश्री अवार्ड अब उनकी मां प्रेमवती को दिया जाएगा। इस संबंध में सुरेंद्रपाल सिंह का कहना है कि शासन ने उनके पिता को मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित करेगा लेकिन आश्रितों की तरफ सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से आश्रितों को उचित आर्थिक मदद की मांग की है।

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