UP: अमेरिका- वेनेजुएला में जंग, 80 करोड़ के मुरादाबादी उत्पाद रास्ते में फंसे, खरीदारों ने आर्डर किए होल्ड
अमेरिका-वेनेजुएला तनाव का असर मुरादाबाद के निर्यात कारोबार पर पड़ रहा है। जंग के बीच मुरादाबाद से भेजे गए 80 करोड़ रुपये के हस्तशिल्प उत्पाद रास्ते में फंस गए हैं। इसके साथ ही विदेशी खरीदारों ने कई ऑर्डर कैंसिल कर दिए हैं।
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अमेरिका-वेनेजुएला की जंग का असर मुरादाबाद के निर्यात कारोबारियों पर भी है। निर्यातक बताते हैं वेनेजुएला व आसपास के देशों को भेजे गए 80 करोड़ रुपये के उत्पाद रास्ते में फंस गए हैं। साथ ही विदेशी खरीदारों ने आर्डर होल्ड भी कर दिए हैं।
माहौल जल्दी नहीं बदला तो रास्ते में फंसे उत्पादों के भुगतान में भी दिक्कत आएगी। निर्यातकों ने बताया कि वेनेजुएला और लैटिन अमेरिका में पीतलनगरी के हस्तशिल्प उत्पादों का करीब 1500 करोड़ का कारोबार होता है। मुरादाबाद के निर्यात का 6.5 प्रतिशत निर्यात वेनेजुएला को होता है।
अचानक वहां का माहौल बिगड़ने से करीब 80 करोड़ के हस्तशिल्प उत्पाद बीच में फंस गए हैं। यंग एंटरप्रेन्योर सोसायटी (वाईईएस) के अध्यक्ष जेपी सिंह ने बताया कि वेनेजुएला समेत अन्य देशों में पीतलनगरी से निर्यात किए जाने वाले हस्तशिल्प उत्पाद गिफ्ट से संबंधित होते हैं।
तनाव बढ़ने की वजह से खरीदारों ने कुछ आर्डर कैंसिल कर दिए हैं तो कुछ होल्ड पर हैं। उन्होंने कहा कि वैसे वेनेजुएला स्थिर बाजार रहा है। मौजूदा हालात में निर्यातकों का भुगतान अटकने की आशंका भी बढ़ गई है। हालात न सुधरे तो उत्पादों का इंश्योरेंस भी प्रभावित हो सकता है।
इन देशों में निर्यात पर पड़ा असर
निर्यातकों ने बताया कि वेनेजुएला समेत लैटिन अमेरिका के करीब 20 देशों में हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात होता है। इनमें ब्राजील, मेक्सिको, अर्जेंटीना, चिली, कोलंबिया, पेरू आदि शामिल हैं। हालात बदलने से इन सभी देशों के निर्यात पर फर्क पड़ रहा है।
वेनेजुएला समेत अन्य देशों में निर्यातकों ने सैंपल दिए हैं। अब बड़े आर्डर न के बराबर हैं। छोटे आर्डर से ही निर्यातकों को संतोष करना पड़ेगा। निर्यातकों को अब एडवांस और सुरक्षित शर्तों पर काम करने की जरूरत है। -जेपी सिंह, अध्यक्ष, यंग एंटरप्रेन्योर सोसायटी (वाईईएस)
अमेरिका व वेनेजुएला की आपसी तनातनी से निर्यातकों के आर्डर होल्ड हो गए हैं। निर्यातकों को चिंता बनी हुई है। कई कंपनियों ने हस्तशिल्प उत्पादों को बनाना कम कर दिया है। -नावेद उर्रहमान, सीओए सदस्य ईपीसीएच
अमेरिका से आर्डर कम मिलने की वजह से निर्यातकों ने छोटे देशों में बाजार की तलाश शुरू की थी। वेनेजुएला समेत कुछ देशों में सैंपल भेजने व खरीदारों से अन्य बातचीत चल रही है। - सुरेश कुमार गुप्ता, चेयरमैन, आईआईए हैंडीक्रॉफ्ट डेवलेपमेंट कमेटी
अब ट्रंप की नीति की वजह से निर्यातकों को और परेशानी बढ़ती दिख रही है। आने वाले कुछ महीनों में अमेरिका-वेनेजुएला की खींचतान काम को और प्रभावित करेगी। - विकास अरोड़ा, अध्यक्ष, मुरादाबाद एसईजेड, एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन