मौसम का वार: इमरजेंसी में पहुंचे 74 डायरिया पीड़ित, पुलिस परीक्षा केंद्रों पर भेजे ओआरएस के 25 हजार पैकेट
भीषण गर्मी और उमस के चलते मुरादाबाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डायरिया, उल्टी-दस्त और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।वहीं पुलिस भर्ती परीक्षा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन 25 हजार ओआरएस पैकेट परीक्षा केंद्रों और स्वास्थ्य इकाइयों पर भेजे हैं।
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जून की तपती दोपहरी अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। बढ़ते तापमान और उमस के बीच जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डायरिया, उल्टी-दस्त और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रविवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ऐसे 76 मरीज पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की रही।
हालत बिगड़ने पर कई मरीजों को भर्ती करना पड़ा, जबकि कुछ को प्राथमिक उपचार और ओआरएस देकर घर भेज दिया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सुबह 10 बजे से शाम चार बजे के बीच मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा रही। तेज धूप में बाहर निकलने और शरीर में पानी की कमी होने से लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं।
इमरजेंसी और वार्डों में भर्ती मरीजों को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। वहीं, बच्चों के वार्ड में करीब 60 प्रतिशत उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य दिनों की तुलना में इन दिनों ओआरएस, जिंक और ग्लूकोज की खपत लगभग दोगुनी हो गई है। अस्पताल में हीट वेव के मरीजों के लिए कोल्ड रूम भी बनाए गए हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि दोपहर के समय तेज गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन वाले मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ताजा भोजन करने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।
धूप में खरीदारी करने निकली महिला हुई बीमार
कटघर क्षेत्र की 58 वर्षीय शबाना रविवार दोपहर बाजार से लौटने के बाद अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत से परेशान हो गईं। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने भर्ती कर ग्लूकोज चढ़ाया। परिवार का कहना है कि तेज गर्मी में बाहर रहने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी।
खेत से लौटे बुजुर्ग को चढ़ानी पड़ी बोतल
मूंढापांडे क्षेत्र के 65 वर्षीय किसान रामवीर सिंह खेत से लौटने के बाद चक्कर और कमजोरी महसूस करने लगे। कुछ देर बाद उन्हें उल्टी-दस्त शुरू हो गए। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कर उनका उपचार किया गया। डॉक्टरों ने इसे डिहाइड्रेशन का मामला बताया।
आठ साल के बच्चे को भी देना पड़ा उपचार
लाइनपार निवासी आठ वर्षीय आर्यन को शनिवार रात से उल्टी की समस्या और बुखार था। रविवार सुबह परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। जिसके बाद आर्यन ने राहत महसूस की और उसे घर भेज दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार गर्मी में दूषित खानपान बच्चों को तेजी से बीमार कर रहा है।
पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्रों पर भेजे गए ओआरएस के 25 हजार पैकेट
सोमवार को हो रही पुलिस भर्ती परीक्षा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारी की है। परीक्षा केंद्रों और आसपास की स्वास्थ्य इकाइयों में 25 हजार ओआरएस पैकेट भेजे गए हैं। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि बढ़ते तापमान को देखते हुए एहतियातन यह व्यवस्था की गई है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जिंक, ओआरएस और ग्लूकोज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार दिया जा सके।