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संभल: कसेरुआ मस्जिद के मुतवल्ली समेत आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, ध्वस्तीकरण के दौरान मिला पाकिस्तानी झंडा!

संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Published by: विकास कुमार Updated Sun, 07 Jun 2026 09:27 PM IST
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सार

मस्जिद की सबसे ऊपरी मंजिल में बने मुख्य हॉल में रखे तख्त पर गद्दे के नीचे 49 पोस्टर मिले, जिन पर आई लव मोहम्मद प्रिंट हुआ है। हरे रंग का एक झंडा भी मिला, जो पाकिस्तानी झंडा प्रतीत हो रहा है। इसे कब्जे में लिया गया। 

Case registered against eight people of Kaserua Mosque Pakistani flag found during demolition
मौके पर मौजूद पुलिस बल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

यूपी के संभल स्थित नखासा थाना पुलिस ने गांव कसेरुआ में शनिवार को मस्जिद मुस्तफा कादरी के ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर और संदिग्ध झंडा मिलने के मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने मस्जिद के मुतवत्ती जाकिर समेत इसी गांव के आठ लोगों को आरोपी बनाया है। आरोप है कि इस कृत्य से हिंदू धर्म के लोगों में रोष है और कानून के मुताबिक, यह कार्य भारतीय न्याय संहिता बीएनएस, 2023 की धारा 353 (2) की हद को पहुंचता है।

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पोस्टर और पाकिस्तानी झंडा बरामद
नखासा थाने के उप निरीक्षक अरुण कुमार की ओर से दर्ज कराई गई इस रिपोर्ट के मुताबिक, अरुण कुमार मय हमराह कांस्टेबल शुभम कुमार, अजय कुमार, राजन पंवार, विनय बर्मन के साथ गांव कसेरुआ में अवैध रूप से मस्जिदनुमा भवन की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में शांति व्यवस्था की ड्यूटी में आए। यह भवन अवैध है, इसमें कोई व्यक्ति न रहे, इस बात को मुतमिन करने के लिए भवन के अंदर गए और निरीक्षण किया। मस्जिद की सबसे ऊपरी मंजिल में बने मुख्य हॉल में रखे तख्त पर गद्दे के नीचे 49 पोस्टर मिले, जिन पर आई लव मोहम्मद प्रिंट हुआ है। हरे रंग का एक झंडा भी मिला, जो पाकिस्तानी झंडा प्रतीत हो रहा है। इसे कब्जे में लिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में मुतवल्ली जाकिर, जाकिर हुसैन, तसलीम, भूरे अली, शरफुद्दीन, दिल शरीफ, मोहब्बत अली, नन्हें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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गैर जमानतीय अपराध, तीन वर्ष कारावास या जुर्माना, दोनों संभव
कानून के जानकार वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता बीएनएस, 2023 की धारा 353 (2) के तहत जो कोई मिथ्या जानकारी, जनश्रुति या संत्रासकारी समाचार अंतर्विष्ट करने वाले किसी कथन या रिपोर्ट को इस आशय से कि, या जिससे यह संभव हो कि, विभिन्न धार्मिक, मूलवंशीय, भाषीय या प्रादेशिक समूहों या जातियों या फिर समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावनाएं, धर्म, मूलवंश, जन्म स्थान, भाषा, जाति या समुदाय के आधारों पर या अन्य किसी भी आधार पर पैदा या संप्रवर्तित हो, रचेगा, प्रकाशित करेगा या परिचालित करेगा, जिसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से रचना, प्रकाशन या परिचालन भी है, वह कारावास से जो तीन वर्ष तक का हो सकेगा, या जुर्माने से, या फिर दोनों से दंडित किया जाएगा। यह गैर जमानतीय अपराध है।

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कसेरुआ गांव में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के दौरान आपत्तिजनक सामग्री मिली है। इस संबंध में स्थानीय थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना चल रही है। -कुलदीप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, उत्तरी।

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