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Muzaffarnagar News: टीबी मुक्त 38 ग्राम पंचायत अंतर्विभागीय सत्यापन में पास
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जनपद की 38 गांव पंचायत टीबी मुुक्त हो गई हैं। अंतर्विभागीय सत्यापन में सभी पंचायत टीबी मुक्त पाए जाने पर संस्तुति के लिए फाइल शासन को भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी गांव पंचायत प्रधानों को पुरस्कृत किया जाएगा। इन सभी ग्राम पंचायतों में एक हजार की आबादी पर टीबी का एक या कोई भी केस नहीं मिला।
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गांव पंचायतों को बीमारी से मुक्त करने का अभियान चल रहा है। वर्ष 2022 से शुरू हुए इस अभियान के तहत जनपद में तीन दौर पूर्ण हो चुके हैं। गांव पंचायतोंं को टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंची। इसमें टीबी की जांच सहित विभिन्न बिंदुओं का आंकलन किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए टीबी उन्मूलन अभियान के परिणाम जानने के लिए गांव पंचायतों को सेंट्रल टीबी डिविजन की ओर से निर्धारित छह बिंदुओं पर परखा गया। जिनमें गांव में प्रति एक हजार की आबादी पर 30 या उससे अधिक जांच, गांव में एक या उससे कम केस और 2025 में चले मरीजों के उपचार की सफलता दर कम से कम 85 प्रतिशत रही कि नहीं।
इसके अलावा यूडीएसटी (सार्वभौमिक दवा-संवेदनशीलता परीक्षण ) जांच कम से कम 60 प्रतिशत, निक्षय पोषण योजना की पहली किश्त खातों में जाना और 2025 में चले मरीजों को कम से कम एक माह की पोषण पोटली दी जा चुकी हो। इन सभी मानकों के आधार पर यह 38 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त की सूची में शामिल हुई हैं।
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मुजफ्फरनगर। जनपद की 38 गांव पंचायत टीबी मुुक्त हो गई हैं। अंतर्विभागीय सत्यापन में सभी पंचायत टीबी मुक्त पाए जाने पर संस्तुति के लिए फाइल शासन को भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी गांव पंचायत प्रधानों को पुरस्कृत किया जाएगा। इन सभी ग्राम पंचायतों में एक हजार की आबादी पर टीबी का एक या कोई भी केस नहीं मिला।
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गांव पंचायतों को बीमारी से मुक्त करने का अभियान चल रहा है। वर्ष 2022 से शुरू हुए इस अभियान के तहत जनपद में तीन दौर पूर्ण हो चुके हैं। गांव पंचायतोंं को टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंची। इसमें टीबी की जांच सहित विभिन्न बिंदुओं का आंकलन किया गया।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए टीबी उन्मूलन अभियान के परिणाम जानने के लिए गांव पंचायतों को सेंट्रल टीबी डिविजन की ओर से निर्धारित छह बिंदुओं पर परखा गया। जिनमें गांव में प्रति एक हजार की आबादी पर 30 या उससे अधिक जांच, गांव में एक या उससे कम केस और 2025 में चले मरीजों के उपचार की सफलता दर कम से कम 85 प्रतिशत रही कि नहीं।
इसके अलावा यूडीएसटी (सार्वभौमिक दवा-संवेदनशीलता परीक्षण ) जांच कम से कम 60 प्रतिशत, निक्षय पोषण योजना की पहली किश्त खातों में जाना और 2025 में चले मरीजों को कम से कम एक माह की पोषण पोटली दी जा चुकी हो। इन सभी मानकों के आधार पर यह 38 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त की सूची में शामिल हुई हैं।