{"_id":"69ca68437c37210583082e01","slug":"up-bku-spokesperson-rakesh-tikait-arrested-in-bhubaneswar-had-gone-to-farmers-protest-anger-among-workers-2026-03-30","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भुवनेश्वर में गिरफ्तार, किसानों के प्रदर्शन में गए थे, कार्यकर्ताओं में गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भुवनेश्वर में गिरफ्तार, किसानों के प्रदर्शन में गए थे, कार्यकर्ताओं में गुस्सा
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Mon, 30 Mar 2026 05:40 PM IST
विज्ञापन
सार
Muzaffarnagar News: ओडिशा के भुवनेश्वर में किसानों का आंदोलन चल रहा है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत किसानों को समर्थन देने गए थे, तभी उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार राकेश टिकैत।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में किसानों के धरने-प्रदर्शन में शामिल होने जाते समय गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी की खबर फैलते ही भाकियू कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी और आक्रोश का माहौल है।
Trending Videos
भुवनेश्वर में किसानों का आंदोलन 22 मार्च से विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को बड़ी संख्या में किसान इस आंदोलन में शामिल होने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान, आंदोलन में समर्थन देने जा रहे भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत को पुलिस ने रोक लिया और गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाकियू के जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसानों के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ओडिशा के किसान जल, जंगल और जमीन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाकियू का शीर्ष नेतृत्व इस मामले पर बातचीत कर रहा है और पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यदि आवश्यकता पड़ी तो इसके विरोध में आंदोलन शुरू किया जा सकता है।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब देश भर में किसानों के मुद्दे एक बार फिर चर्चा में हैं। भाकियू और अन्य किसान संगठन विभिन्न मांगों को लेकर अपनी आवाज उठाते रहे हैं। राकेश टिकैत की गिरफ्तारी को किसानों के आंदोलन को कमजोर करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिससे किसान संगठनों में असंतोष फैल गया है।