Meerut: सकौती जनसभा में सीएम भगवंत मान का केंद्र पर प्रहार, संजीव बालियान ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
सकौती गांव में आयोजित जनसभा के दौरान पूर्व मंत्री संजीव बालियान ने मंच से भावुक और तीखा संबोधन दिया। अपने भाषण में उन्होंने सामाजिक एकता, इतिहास और हालिया घटनाओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंच से केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
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सकौती गांव में आयोजित जनसभा के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंच से केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान मंच पर पूर्व मंत्री संजीव बालियान की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और अधिक चर्चित बना दिया। वहीं, जनसभा के दौरान पूर्व मंत्री संजीव बालियान ने मंच से भावुक और तीखा संबोधन दिया। अपने भाषण में उन्होंने सामाजिक एकता, इतिहास और हालिया घटनाओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
अपने संबोधन के दौरान भगवंत मान ने हल्के अंदाज में कहा, “बालियान जी कुछ देर के लिए कान बंद कर लो,” जिस पर मंच पर मौजूद संजीव बालियान मुस्कुराते नजर आए। मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की कार्यशैली के कारण आम जनता पर आर्थिक और सामाजिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।मान ने कहा कि राज्यों के अधिकारों में लगातार हस्तक्षेप किया जा रहा है, जो देश के संघीय ढांचे के लिए उचित नहीं है। उन्होंने सभा के दौरान मौजूद लोगों ने उनके भाषण पर प्रतिक्रिया दी और पूरे कार्यक्रम में राजनीतिक चर्चाओं का माहौल बना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी और नेताओं के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना गया। मंच से दिए गए इन बयानों ने पूरे आयोजन को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया।
संजीव बालियान ने अपने संबोधन में कहा कि “हम तीन दोस्त थे, समय के साथ परिस्थितियां बदल गईं। मुझे जनता ने गांव भेज दिया और पंजाब में भगवंत मान को मुख्यमंत्री बना दिया गया।”अभी हनुमान बेनीवाल सांसद हैं, इस दौरान उन्होंने मेरठ की सड़कों पर लंबे समय बाद ट्रैक्टर दिखने का भी जिक्र किया।
बालियान ने महाराजा सूरजमल और महाराजा जवाहर सिंह के इतिहास को याद करते हुए कहा कि जाट समाज का गौरवशाली अतीत रहा है। उन्होंने कहा कि “महाराजा सूरजमल का बलिदान उत्तर प्रदेश में हुआ और जाटों ने दिल्ली तक विजय प्राप्त की। पंजाब के जाट सिख भी इस इतिहास का हिस्सा रहे हैं।”
किसी की औकात नहीं कि हमें झुका सके: बालियान
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज में कई तरह के दर्द हैं, लेकिन हम सभी भाईचारे के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सभा को असफल करने के लिए साजिश रची गई और उन्हें अपमान सहना पड़ा। “मैं पूरी रात चुप रहा, लेकिन अपमान को सहा है। बालियान ने प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “किसी की औकात नहीं कि हमें झुका सके, न ही शासन-प्रशासन में इतनी ताकत है।” उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान भी उन्होंने अपमान सहा, लेकिन अब समय आने पर “ब्याज सहित कर्ज उतार देंगे।”
बालियान ने लोगों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा, “अगर मैं भूल जाऊं तो मुझे याद दिलाते रहना।” साथ ही कहा कि “हमारी सभा से ही प्रशासन को दिक्कत है, बाकी किसी से नहीं।”अंत में उन्होंने सकौती गांव के लोगों का धन्यवाद करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाज के लोग मौजूद रहे।