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Muzaffarnagar News: मोबाइल पर स्वीकार करें निमंत्रण, बंद हो कंदूरी प्रथा
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छपार। गुर्जर सद्भावना सभा ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए एक सात सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया गया। सभा में ओपी चौहान को संगठन का नया जिलाध्यक्ष भी चुना गया। विवाह में दहेज के प्रदर्शन से बचने और फोन से निमंत्रण स्वीकार करने पर जोर दिया गया। कंदूरी प्रथा को समाप्त करने के प्रयास करने का संकल्प लिया गया।
रामपुर तिराहा स्थित गुर्जर छात्रावास परिसर में अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस मनाया। वक्ताओं ने कहा कि इसी दिन कनिष्क का राज शुरू हुआ था। प्रस्ताव में कन्या विवाह में सिर्फ आवश्यक लोगों को बुलाने, भोजन व सजावट पर कम खर्च करने का आह्वान किया गया।
बेटे के मढ़े में दाल, चावल, घी, बूरा और लड्डू तक ही सीमित रहने का सुझाव दिया गया। लग्न में केवल पत्रिका पढ़ने, दहेज के प्रदर्शन से बचने और फोन से निमंत्रण स्वीकार करने पर जोर दिया गया।
प्रस्ताव में तेरहवीं में हवन के साथ पगड़ी की रस्म और शाम तक पुष्पांजलि जारी रखने की बात कही गई। शराब का विरोध करने और कंदूरी प्रथा पर रोक लगाने का प्रयास करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदु भी शामिल थे।
सपा नेता चौधरी ईलम सिंह ने समाज में एकता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और किसी भी प्रदेश में गुर्जर समाज का कोई कैबिनेट मंत्री नहीं है, इसलिए समाज को एकजुट होना होगा।
समाजसेवी अभिषेक गुर्जर ने बताया कि गुर्जर सद्भावना सभा कमेटी के 45 सदस्यों में से 23 सदस्यों के समर्थन से ओपी चौहान को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस मौके पर पुष्पेंद्र गुर्जर, पवन चौधरी, प्रोफेसर कलम सिंह, बजरंग दल के जिलाध्यक्ष देशराज चौहान, हिंदू संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र पंवार, मनोज चौधरी, ब्रजपाल सिंह, श्यामवीर सिंह, मिंटू, पूर्व प्रधान ऋतुपर्ण मौजूद रहे।
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रामपुर तिराहा स्थित गुर्जर छात्रावास परिसर में अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस मनाया। वक्ताओं ने कहा कि इसी दिन कनिष्क का राज शुरू हुआ था। प्रस्ताव में कन्या विवाह में सिर्फ आवश्यक लोगों को बुलाने, भोजन व सजावट पर कम खर्च करने का आह्वान किया गया।
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बेटे के मढ़े में दाल, चावल, घी, बूरा और लड्डू तक ही सीमित रहने का सुझाव दिया गया। लग्न में केवल पत्रिका पढ़ने, दहेज के प्रदर्शन से बचने और फोन से निमंत्रण स्वीकार करने पर जोर दिया गया।
प्रस्ताव में तेरहवीं में हवन के साथ पगड़ी की रस्म और शाम तक पुष्पांजलि जारी रखने की बात कही गई। शराब का विरोध करने और कंदूरी प्रथा पर रोक लगाने का प्रयास करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदु भी शामिल थे।
सपा नेता चौधरी ईलम सिंह ने समाज में एकता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और किसी भी प्रदेश में गुर्जर समाज का कोई कैबिनेट मंत्री नहीं है, इसलिए समाज को एकजुट होना होगा।
समाजसेवी अभिषेक गुर्जर ने बताया कि गुर्जर सद्भावना सभा कमेटी के 45 सदस्यों में से 23 सदस्यों के समर्थन से ओपी चौहान को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस मौके पर पुष्पेंद्र गुर्जर, पवन चौधरी, प्रोफेसर कलम सिंह, बजरंग दल के जिलाध्यक्ष देशराज चौहान, हिंदू संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र पंवार, मनोज चौधरी, ब्रजपाल सिंह, श्यामवीर सिंह, मिंटू, पूर्व प्रधान ऋतुपर्ण मौजूद रहे।