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Muzaffarnagar News: जन्म प्रमाणपत्र की फीस तीन रुपये...300 में लग रही बोली
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मुजफ्फरनगर। स्कूलों में नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही पालिका में बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अभिभावकों की कतार लगने लगी है। तीन से 10 रुपये कीमत के प्रमाणपत्र के लिए अभिभावकों को चक्कर कटाए जा रहे हैं। तीन सौ से चार सौ रुपये की बोली लगी। खिड़की के पास बाहरी तत्व जमा रहते हैं। हंगामा होने पर रुपये लौटा भी दिए गए।
स्कूलों में दाखिले का समय है। प्रवेश के समय बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है। ऐसे हालात में समय पर प्रमाणपत्र नहीं बनवाने वाले परेशान हैं। शुक्रवार को पंजीकरण खिड़की के पास ही निर्धारित से अधिक रुपये लिए गए।
प्रमाणपत्र बनाने के एवज में अलग-अलग हालात के आधार पर दाम तय किए जाते हैं। जन्म के एक दशक बाद अपने पोते का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे बुजुर्ग से ही दो शपथ पत्र बनवाने के एवज में 700 रुपये ले लिए गए।
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केस-1
हंगामा होते ही लौटा दिए बुजुर्ग के 700 रुपये
पुरकाजी की सत्य विहार कॉलोनी निवासी बुजुर्ग सतीश कुमार को पोते और पोती के जन्म प्रमाणपत्र में अंकित नामों में कुछ संशोधन कराना था। उन्होंने आवश्यक दस्तावेज के साथ आवेदन किया। बुजुर्ग ने बताया कि पालिका में पंजीकरण खिड़की पर कार्यरत महिला कर्मचारी ने दस्तावेजों के साथ नया शपथपत्र बनवाकर लगवाने की बात कहते हुए उनसे 700 रुपये लिए। हालांकि हंगामा होने पर महिला कर्मी ने बुजुर्ग को रुपये वापस कर दिए।
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केस-2
400 रुपये पहले ही देने की बात कही तो हो गई शांति
मिमलाना रोड निवासी महराना अपने बेटे के जन्म प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए पहुंची। आवेदन करते समय उसे टरकाने का प्रयास किया गया। उसने पंजीकरण खिड़की पर बैठी महिला कर्मचारी को जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पूर्व में 400 रुपये दिया जाना याद दिलाया। तब जाकर कर्मचारी की ओर से आवेदन लिया गया। महराना के पति नईम ने बताया कि उन्होंने अपने दो बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र पालिका से बनवाया है। आरोप लगाया कि दोनों बार उन्हें 400-400 रुपये देने पड़े।
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जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज
- अस्पताल से मिला डिस्चार्ज सर्टिफिकेट।
- माता-पिता का आधार कार्ड और एड्रेस प्रूफ।
- 21 दिन बाद शपथपत्र की आवश्यकता।
- माता-पिता का आधार कार्ड शपथ पत्र देने वाले का फोटो।
- तीन वर्ष तक के बच्चे के लिए हॉस्पिटल का पर्चा, टीकाकरण कार्ड।
- तीन वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए हॉस्पिटल का पर्चा।
- शैक्षिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस
- मतदाता पहचान पत्र अथवा अन्य कोई सरकारी दस्तावेज जिसमें जन्म तिथि दर्ज हो।
- स्थानीय सभासद द्वारा हस्ताक्षरित संस्तुति पत्र जिसमें जन्मतिथि का उल्लेख हो।
- दो गवाहों के शपथ पत्र मय फोटो व स्व-हस्ताक्षरित आईडी।
- हाउस टैक्स की रसीद।
अवैध वसूली की शिकायत पर जांच कराकर होगी कार्रवाई
पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि निर्धारित शुल्क के अलावा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जन्म प्रमाणपत्र के एवज में किसी भी संदर्भ में कोई वसूली की गई है तो जांच उपरांत संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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स्कूलों में दाखिले का समय है। प्रवेश के समय बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है। ऐसे हालात में समय पर प्रमाणपत्र नहीं बनवाने वाले परेशान हैं। शुक्रवार को पंजीकरण खिड़की के पास ही निर्धारित से अधिक रुपये लिए गए।
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प्रमाणपत्र बनाने के एवज में अलग-अलग हालात के आधार पर दाम तय किए जाते हैं। जन्म के एक दशक बाद अपने पोते का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे बुजुर्ग से ही दो शपथ पत्र बनवाने के एवज में 700 रुपये ले लिए गए।
केस-1
हंगामा होते ही लौटा दिए बुजुर्ग के 700 रुपये
पुरकाजी की सत्य विहार कॉलोनी निवासी बुजुर्ग सतीश कुमार को पोते और पोती के जन्म प्रमाणपत्र में अंकित नामों में कुछ संशोधन कराना था। उन्होंने आवश्यक दस्तावेज के साथ आवेदन किया। बुजुर्ग ने बताया कि पालिका में पंजीकरण खिड़की पर कार्यरत महिला कर्मचारी ने दस्तावेजों के साथ नया शपथपत्र बनवाकर लगवाने की बात कहते हुए उनसे 700 रुपये लिए। हालांकि हंगामा होने पर महिला कर्मी ने बुजुर्ग को रुपये वापस कर दिए।
केस-2
400 रुपये पहले ही देने की बात कही तो हो गई शांति
मिमलाना रोड निवासी महराना अपने बेटे के जन्म प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए पहुंची। आवेदन करते समय उसे टरकाने का प्रयास किया गया। उसने पंजीकरण खिड़की पर बैठी महिला कर्मचारी को जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पूर्व में 400 रुपये दिया जाना याद दिलाया। तब जाकर कर्मचारी की ओर से आवेदन लिया गया। महराना के पति नईम ने बताया कि उन्होंने अपने दो बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र पालिका से बनवाया है। आरोप लगाया कि दोनों बार उन्हें 400-400 रुपये देने पड़े।
जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज
- अस्पताल से मिला डिस्चार्ज सर्टिफिकेट।
- माता-पिता का आधार कार्ड और एड्रेस प्रूफ।
- 21 दिन बाद शपथपत्र की आवश्यकता।
- माता-पिता का आधार कार्ड शपथ पत्र देने वाले का फोटो।
- तीन वर्ष तक के बच्चे के लिए हॉस्पिटल का पर्चा, टीकाकरण कार्ड।
- तीन वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए हॉस्पिटल का पर्चा।
- शैक्षिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस
- मतदाता पहचान पत्र अथवा अन्य कोई सरकारी दस्तावेज जिसमें जन्म तिथि दर्ज हो।
- स्थानीय सभासद द्वारा हस्ताक्षरित संस्तुति पत्र जिसमें जन्मतिथि का उल्लेख हो।
- दो गवाहों के शपथ पत्र मय फोटो व स्व-हस्ताक्षरित आईडी।
- हाउस टैक्स की रसीद।
अवैध वसूली की शिकायत पर जांच कराकर होगी कार्रवाई
पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि निर्धारित शुल्क के अलावा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जन्म प्रमाणपत्र के एवज में किसी भी संदर्भ में कोई वसूली की गई है तो जांच उपरांत संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।