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Muzaffarnagar News: बसों का चालान, दौड़ रहे डग्गामार...संचालकों ने किया हंगामा
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एआरटीओ ऑफिस पर खड़ी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से जुड़ी मिनी बस। स्रोत-स्वयं
- फोटो : 1
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मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के संचालकों ने एआरटीओ कार्यालय पर बसें खड़ी कर संचालन ठप कर दिया। काफी देर तक हंगामा किया। अधिकारियों पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विभागीय समन्वय की कमी है। मिनी बस के मुख्यालय तक संचालन में बाधा आ रही है, जबकि ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान किए जा रहे हैं। डग्गामार वाहनों पर अंकुश नहीं लग पाने से बसों का संचालन भी दूभर हो गया। समस्याओं का समाधान न होने तक बस संचालन बंद रखने की चेतावनी दी गई। प्रदर्शन के दौरान एआरटीओ और परिवहन निगम अधिकारियों के साथ ऑपरेटरों की तीखी नोकझोंक भी हुई।
ग्रामीण क्षेत्रों को जिला मुख्यालय व तहसील से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा का संचालन दो मई से जनपद में शुरू किया गया था। इसके तहत पुरकाजी, बुढ़ाना एवं खतौली के अलग-अलग रूट पर 23 सीटर बस चलाने के लिए निजी संचालकों को परमिट जारी किए गए थे।
बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा यूनियन से जुड़े बस संचालक एआरटीओ कार्यालय पहुंचे और मिनी बस भी वहीं पर पार्क कर दी। संचालकों की ओर से एआरटीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया।
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प्रदर्शनकारी ऑपरेटरों का कहना था कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए उन्हें परमिट जारी किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें बस संचालन की स्वतंत्रता नहीं मिल रही है। शहर में प्रवेश करते ही ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान किए जा रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीण बस सेवा संचालक संजय मलिक, तौसीफ अहमद ने बताया कि बसों को गांवों और ब्लॉकों से जिला मुख्यालय तक संचालन की अनुमति होने के बावजूद शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा बसों के चालान काटे जा रहे हैं और उन्हें शहर के बाहर से ही संचालन करने का दबाव बनाया जा रहा है।
दावा किया कि पुलिस की ओर से बसों के दो लाख रुपये से अधिक के चालान किये जा चुके हैं। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण बस सेवा के लिए शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप बसों के संचालन की पूरी छूट दी जाए, काटे गए चालानों की समीक्षा कर राहत प्रदान की जाए तथा पार्किंग और संचालन संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक बसों का संचालन बंद रखा जाएगा। वीके गोयल, योगेन्द्र सिंह, विपिन गोयल, नितिन कुमार, सतीश त्यागी, सलेक मलिक, कपिल कुमार, गौरव शामिल रहे।
डग्गामार तय कर रहे मिनी बसों का संचालन
ग्रामीण बस सेवा संचालकों की ओर से डग्गामार वाहन संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए गए। कहा कि उनकी बसों का संचालन प्रशासन नहीं बल्कि डग्गामार वाहन संचालक तय कर रहे हैं। बसों के आगे डग्गामार वाहन अड़ाकर यात्री बैठाए जाते हैं। आरोप है कि शिकायत पर पुलिस उल्टे उनके विरुद्ध कार्रवाई करती है। इस योजना से मुख्यमंत्री का सपना साकार होने के बजाए चूर-चूर हो गया है।
15 जून तक समस्याओं के निस्तारण का मिला आश्वासन
ग्रामीण बस सेवा संचालकों की एआरटीओ अजय कुमार मिश्रा एवं परिवहन निगम के एआरएम प्रभात कुमार के साथ वार्ता हुई। बस संचालकों ने बताया कि अधिकारियों की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया कि 15 जून तक उनकी सभी समस्याओं का निस्तारण करा दिया जाएगा। बताया कि आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों को जिला मुख्यालय व तहसील से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा का संचालन दो मई से जनपद में शुरू किया गया था। इसके तहत पुरकाजी, बुढ़ाना एवं खतौली के अलग-अलग रूट पर 23 सीटर बस चलाने के लिए निजी संचालकों को परमिट जारी किए गए थे।
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बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा यूनियन से जुड़े बस संचालक एआरटीओ कार्यालय पहुंचे और मिनी बस भी वहीं पर पार्क कर दी। संचालकों की ओर से एआरटीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया।
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ग्रामीण बस सेवा संचालक संजय मलिक, तौसीफ अहमद ने बताया कि बसों को गांवों और ब्लॉकों से जिला मुख्यालय तक संचालन की अनुमति होने के बावजूद शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा बसों के चालान काटे जा रहे हैं और उन्हें शहर के बाहर से ही संचालन करने का दबाव बनाया जा रहा है।
दावा किया कि पुलिस की ओर से बसों के दो लाख रुपये से अधिक के चालान किये जा चुके हैं। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण बस सेवा के लिए शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप बसों के संचालन की पूरी छूट दी जाए, काटे गए चालानों की समीक्षा कर राहत प्रदान की जाए तथा पार्किंग और संचालन संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक बसों का संचालन बंद रखा जाएगा। वीके गोयल, योगेन्द्र सिंह, विपिन गोयल, नितिन कुमार, सतीश त्यागी, सलेक मलिक, कपिल कुमार, गौरव शामिल रहे।
डग्गामार तय कर रहे मिनी बसों का संचालन
ग्रामीण बस सेवा संचालकों की ओर से डग्गामार वाहन संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए गए। कहा कि उनकी बसों का संचालन प्रशासन नहीं बल्कि डग्गामार वाहन संचालक तय कर रहे हैं। बसों के आगे डग्गामार वाहन अड़ाकर यात्री बैठाए जाते हैं। आरोप है कि शिकायत पर पुलिस उल्टे उनके विरुद्ध कार्रवाई करती है। इस योजना से मुख्यमंत्री का सपना साकार होने के बजाए चूर-चूर हो गया है।
15 जून तक समस्याओं के निस्तारण का मिला आश्वासन
ग्रामीण बस सेवा संचालकों की एआरटीओ अजय कुमार मिश्रा एवं परिवहन निगम के एआरएम प्रभात कुमार के साथ वार्ता हुई। बस संचालकों ने बताया कि अधिकारियों की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया कि 15 जून तक उनकी सभी समस्याओं का निस्तारण करा दिया जाएगा। बताया कि आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।