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Muzaffarnagar News: सौ साल का स्वर्णिम इतिहास, द्वारका प्रसाद रहे विधायक
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मुजफ्फरनगर। सिविल बार एसोसिएशन के चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। तीन अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए प्रत्याशी अधिवक्ताओं के बीच पहुंच रहे हैं। बार का सौ साल का स्वर्णिम इतिहास है। बार के सदस्य द्वारिका प्रसाद कांग्रेस के टिकट पर शहर से दो बार विधायक भी रहे।
सिविल बार की स्थापना वर्ष 1926 में हुई थी। इस बार चुनाव के बाद शताब्दी वर्ष मनाने की तैयारी भी चल रही है। कभी एक पेड़ के नीचे बैठकर ही सिविल के अधिवक्ता लोगों के इंसाफ की लड़ाई लड़ते थे।
मुजफ्फरनगर मध्य के नाम से सीट पर वर्ष 1952 में कांग्रेस के टिकट पर अधिवक्ता द्वारिका प्रसाद ने सोसलिस्ट पार्टी के ब्रह्म प्रकाश को हराकर चुनाव जीता था। इसके अलावा वर्ष 1957 में मुजफ्फरनगर विधानसभा सीट से ही द्वारिका प्रसाद ने 25251 वोट हासिल कर विपक्षी उम्मीदवार प्रेमसुख को हराया था। 25 फरवरी 1957 को यह नतीजे घोषित किए गए थे। प्रेमसुख को सिर्फ 8354 वोट ही हासिल हुए थे।
द्वारिका प्रसाद नामचीन अधिवक्ता रहे और डिप्टी स्पीकर भी उन्हें बनाया गया था। वह कांग्रेस के मजबूत जनप्रतिनिधियों में शामिल रहे।
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मुख्य पदों पर इनके बीच होगा मुकाबला
सिविल बार एसोसिएशन के मुख्य पदों पर सीधी टक्कर है। अध्यक्ष पद पर बिजेंद्र सिंह मलिक और सुगंध जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर अशोक कुशवाहा एवं संजीव त्यागी, महासचिव पद पर अन्नू कुच्छल और सत्येंद्र कुमार पाल के बीच कांटे का मुकाबला होगा। प्रत्याशियों ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को मतदान होना है।
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मतदान से पहले पांच वोट निरस्त
मुख्य चुनाव अधिकारी जैगम मियां जैदी ने बताया कि मतदाता सूची में से अब पांच वोट कम हो गए हैं। दो बार के सदस्य होने के कारण कुछ वोट कटे हैं, इसके अलावा एक मतदाता ने दूसरी बार की सदस्यता लेने के कारण खुद ही अपना वोट सरेंडर कर दिया है। अब तीन अप्रैल को होने वाले मतदान में 397 अधिवक्ता हिस्सा लेंगे।
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सिविल बार की स्थापना वर्ष 1926 में हुई थी। इस बार चुनाव के बाद शताब्दी वर्ष मनाने की तैयारी भी चल रही है। कभी एक पेड़ के नीचे बैठकर ही सिविल के अधिवक्ता लोगों के इंसाफ की लड़ाई लड़ते थे।
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मुजफ्फरनगर मध्य के नाम से सीट पर वर्ष 1952 में कांग्रेस के टिकट पर अधिवक्ता द्वारिका प्रसाद ने सोसलिस्ट पार्टी के ब्रह्म प्रकाश को हराकर चुनाव जीता था। इसके अलावा वर्ष 1957 में मुजफ्फरनगर विधानसभा सीट से ही द्वारिका प्रसाद ने 25251 वोट हासिल कर विपक्षी उम्मीदवार प्रेमसुख को हराया था। 25 फरवरी 1957 को यह नतीजे घोषित किए गए थे। प्रेमसुख को सिर्फ 8354 वोट ही हासिल हुए थे।
द्वारिका प्रसाद नामचीन अधिवक्ता रहे और डिप्टी स्पीकर भी उन्हें बनाया गया था। वह कांग्रेस के मजबूत जनप्रतिनिधियों में शामिल रहे।
मुख्य पदों पर इनके बीच होगा मुकाबला
सिविल बार एसोसिएशन के मुख्य पदों पर सीधी टक्कर है। अध्यक्ष पद पर बिजेंद्र सिंह मलिक और सुगंध जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर अशोक कुशवाहा एवं संजीव त्यागी, महासचिव पद पर अन्नू कुच्छल और सत्येंद्र कुमार पाल के बीच कांटे का मुकाबला होगा। प्रत्याशियों ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को मतदान होना है।
मतदान से पहले पांच वोट निरस्त
मुख्य चुनाव अधिकारी जैगम मियां जैदी ने बताया कि मतदाता सूची में से अब पांच वोट कम हो गए हैं। दो बार के सदस्य होने के कारण कुछ वोट कटे हैं, इसके अलावा एक मतदाता ने दूसरी बार की सदस्यता लेने के कारण खुद ही अपना वोट सरेंडर कर दिया है। अब तीन अप्रैल को होने वाले मतदान में 397 अधिवक्ता हिस्सा लेंगे।