{"_id":"69c43e171c6124a42a096204","slug":"illegal-telephone-exchange-caught-in-khatauli-muzaffarnagar-news-c-29-1-smrt1037-167807-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: खतौली में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: खतौली में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज पकड़ा
विज्ञापन
साइबर थाना पुलिस ने पकडे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाने वाले आरोपी फोटो संवाद
- फोटो : shrinagar news
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। साइबर थाना पुलिस ने खतौली में चलाए जा रहे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज को पकड़ा है। पांचवीं पास सरगना खतौली निवासी वसीम को और कक्षा 12 तक शिक्षित साथी मवाना निवासी वकील के साथ गिरफ्तार किया। दो आरोपी भाग निकले। आरोपी मोबाइल टावर से चुराए आरआरयू की मदद से विदेशी कॉल को भारतीय कॉल में बदल रहे थे। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। पुलिस आरोपियों के आतंकी संबंधों की भी जांच कर रही है।
एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि टेलीकॉम कंपनी से सूचना मिली थी कि खतौली के शेखपुरा में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाया जा रहा है। इसके बाद साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई की तो दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके दो साथी फिरोज व वासित भाग गए।
यह लोग विदेश कॉल को आरआरयू की मदद से परिवर्तित कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे थे। यह लोग चोरी के आरआरयू व मोबाइल टावर से चुराए सामान को दिल्ली व गल्फ देश सऊदी अरब, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और ओमान भेजा जाता था। आरआरयू की मदद से कॉल करने पर मोबाइल का नंबर स्थानीय दिखाई देता था।
बरामद आरआरयू चोरी का है। पता किया जा रहा है कि आरआरयू कहां-कहां से चोरी हुए हैं। आरआरयू केवल नोकिया व सोनी कंपनी बनाती है। एक आरआरयू की कीमत दस लाख रुपये है। आरआरयू से सिम से बात करने की स्पीड बढ़ जाती है। मौके से भागा एक आरोपी फिरोज पहले भी इसी मामले में जेल जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के पासपोर्ट बने हैं या नहीं, या उन्होंने विदेश यात्रा की है, इसकी भी जांच की जा रही है।
आशंका है कि यह गिरोह सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचा चुका है। प्रेसवार्ता में साइबर थाना प्रभारी सुल्तान सिंह भी मौजूद रहे।
Trending Videos
एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि टेलीकॉम कंपनी से सूचना मिली थी कि खतौली के शेखपुरा में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाया जा रहा है। इसके बाद साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई की तो दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके दो साथी फिरोज व वासित भाग गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह लोग विदेश कॉल को आरआरयू की मदद से परिवर्तित कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे थे। यह लोग चोरी के आरआरयू व मोबाइल टावर से चुराए सामान को दिल्ली व गल्फ देश सऊदी अरब, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और ओमान भेजा जाता था। आरआरयू की मदद से कॉल करने पर मोबाइल का नंबर स्थानीय दिखाई देता था।
बरामद आरआरयू चोरी का है। पता किया जा रहा है कि आरआरयू कहां-कहां से चोरी हुए हैं। आरआरयू केवल नोकिया व सोनी कंपनी बनाती है। एक आरआरयू की कीमत दस लाख रुपये है। आरआरयू से सिम से बात करने की स्पीड बढ़ जाती है। मौके से भागा एक आरोपी फिरोज पहले भी इसी मामले में जेल जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के पासपोर्ट बने हैं या नहीं, या उन्होंने विदेश यात्रा की है, इसकी भी जांच की जा रही है।
आशंका है कि यह गिरोह सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचा चुका है। प्रेसवार्ता में साइबर थाना प्रभारी सुल्तान सिंह भी मौजूद रहे।