{"_id":"6a04dc851928d4d20e031edb","slug":"kaleem-again-caught-in-conversion-case-searching-for-wife-and-daughter-in-law-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-171200-2026-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: धर्मांतरण में फिर फंसा कलीम, पत्नी और पुत्रवधू की तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: धर्मांतरण में फिर फंसा कलीम, पत्नी और पुत्रवधू की तलाश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
- इंदौर की पीड़िता ने गाजियाबाद में दर्ज कराई प्राथमिकी
- पत्नी, पुत्रवधू पर भी आरोप, 16 में से जिले के चार आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। उम्रकैद की सजा काट रहा फुलत का मौलाना कलीम सिद्दीकी फिर धर्मांतरण के आरोपों में घिर गया है। इंदौर की रहने वाली पीड़िता ने गाजियाबाद में प्राथमिकी दर्ज कराई है। 16 आरोपियों में से चार फुलत और खतौली के रहने वाले हैं। वर्तमान में परिवार दिल्ली के शाहीन बाग में रहता है। वर्ष 2024 में एटीएस की जांच में सामने आया था कि मौलाना के ट्रस्ट को खाड़ी देशों से करीब तीन करोड़ रुपये की फंडिंग हुई थी। हवाला के जरिए भी धनराशि मिलने का मामला गूंजा।
पीड़िता ने पांच मई को गाजियाबाद में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मौलाना, उसकी पत्नी, पुत्रवधू और खतौली निवासी अब्दुल रहमान समेत 16 आरोपी बनाए गए। पीड़िता का कहना है कि वर्ष 2012 में फेसबुक के माध्यम से उसे जाल में फंसाया गया। 2014 में फुलत और मेरठ में रखकर धर्मांतरण, निकाह और हलाला कराया गया।
नावेद ने नवीन राणा बनकर झांसा दिया और उसे फुलत मदरसे पहुंचाया था, यहां से उसका निकाह कर मेरठ में रखा गया और मुस्लिम रीति-रिवाज सीखने का दबाव बनाया गया।
-- मौलाना की पुत्रवधू ने दी धार्मिक पुस्तकें
आरोप है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी की पुत्रवधू ने विभिन्न धार्मिक पुस्तकों को पढ़ने के लिए दिया। एक पुस्तक का नाम आपकी अमानत आपकी सेवा था। इन पुस्तकों के माध्यम से मेरे देवी-देवताओं के अस्तित्व को नकारने और यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया गया कि भगवान का अस्तित्व नहीं है। प्रारंभिक अवस्था में उसने मुझे इस प्रकार की विचारधारा को पढ़ने एवं समझने के लिए प्रेरित किया तथा बार-बार इस प्रकार की बातें सिखाई गईं। आखिरी नबी पुस्तक भी दी गई।
-- तीन हिंदू लड़कियां लाई गईं थीं मदरसे में
पीड़िता ने कहा कि उसी दौरान वहां दो और हिंदू लड़कियां भी लाई गईं। अब हम तीनों को मौलाना कलीम के परिवार की महिलाओं की ओर से इस्लाम की तालीम दी जाने लगी। यह सिलसिला करीब दस-बारह दिनों तक लगातार चलता रहा। मेरठ के मदरसे में ले जाने से पहले हमें बुर्का पहनाया गया और तीनों को कलमा पढ़वाया।
-- 28 साल पहले शुरू किया गया था मदरसा, बेटा संचालक
साल 1998 में जामिया इमाम शाह वलीउल्लाह इस्लामिया की नींव रखी गई। ढाई दशक में ही खाड़ी देश के चहेतों में वह शामिल हो गया था। बहरीन समेत अन्य देशों से मदद की पुष्टि हुई थी। इस बीच मौलाना पर धर्मांतरण के मामले भी सामने आए। कई बार आरोप लगे, जिसके बाद सितंबर 2021 में कलीम को पकड़ा गया था।
-- इस तरह पकड़ा गया था मौलाना कलीम
फुलत गांव निवासी मौलाना कलीम के खिलाफ एटीएस ने 20 जून 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई। 21 सितंबर 2021 की रात मेरठ के निजी कार्यक्रम में शामिल होने गया था। एटीएस ने दिल्ली-दून हाईवे पर मौलाना के अलावा ड्राइवर सलीम को पकड़ा था। मौलाना को साल 2023 में जमानत मिल गई थी। अदालत में पेशी के दौरान दोष सिद्ध होने पर मौलाना को न्यायिक हिरासत में लिया गया, इसके बाद वर्ष 2024 में उम्रकैद की सजा हुई। वर्तमान में वह जेल में बंद है। ड्राइवर को भी 10 साल की सजा हुई थी।
-- जेल में बंद मौलाना, मदरसे में नहीं आती लड़कियां : अहमद
मदरसे की देखरेख कर रहे मौलाना के बेटा अहमद का कहना है कि मदरसे में बच्चों को हाफिज, मौलवी आदि दीनी तालीम दी जाती है। यहां पर कोई युवती अथवा महिला नहीं रहती है। यहां पर केवल लड़कों को ही शिक्षा दी जाती है। अगस्त 2024 से मौलाना कलीम जेल में बंद है। इसके अतिरिक्त उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
Trending Videos
- पत्नी, पुत्रवधू पर भी आरोप, 16 में से जिले के चार आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। उम्रकैद की सजा काट रहा फुलत का मौलाना कलीम सिद्दीकी फिर धर्मांतरण के आरोपों में घिर गया है। इंदौर की रहने वाली पीड़िता ने गाजियाबाद में प्राथमिकी दर्ज कराई है। 16 आरोपियों में से चार फुलत और खतौली के रहने वाले हैं। वर्तमान में परिवार दिल्ली के शाहीन बाग में रहता है। वर्ष 2024 में एटीएस की जांच में सामने आया था कि मौलाना के ट्रस्ट को खाड़ी देशों से करीब तीन करोड़ रुपये की फंडिंग हुई थी। हवाला के जरिए भी धनराशि मिलने का मामला गूंजा।
पीड़िता ने पांच मई को गाजियाबाद में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मौलाना, उसकी पत्नी, पुत्रवधू और खतौली निवासी अब्दुल रहमान समेत 16 आरोपी बनाए गए। पीड़िता का कहना है कि वर्ष 2012 में फेसबुक के माध्यम से उसे जाल में फंसाया गया। 2014 में फुलत और मेरठ में रखकर धर्मांतरण, निकाह और हलाला कराया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
नावेद ने नवीन राणा बनकर झांसा दिया और उसे फुलत मदरसे पहुंचाया था, यहां से उसका निकाह कर मेरठ में रखा गया और मुस्लिम रीति-रिवाज सीखने का दबाव बनाया गया।
आरोप है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी की पुत्रवधू ने विभिन्न धार्मिक पुस्तकों को पढ़ने के लिए दिया। एक पुस्तक का नाम आपकी अमानत आपकी सेवा था। इन पुस्तकों के माध्यम से मेरे देवी-देवताओं के अस्तित्व को नकारने और यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया गया कि भगवान का अस्तित्व नहीं है। प्रारंभिक अवस्था में उसने मुझे इस प्रकार की विचारधारा को पढ़ने एवं समझने के लिए प्रेरित किया तथा बार-बार इस प्रकार की बातें सिखाई गईं। आखिरी नबी पुस्तक भी दी गई।
पीड़िता ने कहा कि उसी दौरान वहां दो और हिंदू लड़कियां भी लाई गईं। अब हम तीनों को मौलाना कलीम के परिवार की महिलाओं की ओर से इस्लाम की तालीम दी जाने लगी। यह सिलसिला करीब दस-बारह दिनों तक लगातार चलता रहा। मेरठ के मदरसे में ले जाने से पहले हमें बुर्का पहनाया गया और तीनों को कलमा पढ़वाया।
साल 1998 में जामिया इमाम शाह वलीउल्लाह इस्लामिया की नींव रखी गई। ढाई दशक में ही खाड़ी देश के चहेतों में वह शामिल हो गया था। बहरीन समेत अन्य देशों से मदद की पुष्टि हुई थी। इस बीच मौलाना पर धर्मांतरण के मामले भी सामने आए। कई बार आरोप लगे, जिसके बाद सितंबर 2021 में कलीम को पकड़ा गया था।
फुलत गांव निवासी मौलाना कलीम के खिलाफ एटीएस ने 20 जून 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई। 21 सितंबर 2021 की रात मेरठ के निजी कार्यक्रम में शामिल होने गया था। एटीएस ने दिल्ली-दून हाईवे पर मौलाना के अलावा ड्राइवर सलीम को पकड़ा था। मौलाना को साल 2023 में जमानत मिल गई थी। अदालत में पेशी के दौरान दोष सिद्ध होने पर मौलाना को न्यायिक हिरासत में लिया गया, इसके बाद वर्ष 2024 में उम्रकैद की सजा हुई। वर्तमान में वह जेल में बंद है। ड्राइवर को भी 10 साल की सजा हुई थी।
मदरसे की देखरेख कर रहे मौलाना के बेटा अहमद का कहना है कि मदरसे में बच्चों को हाफिज, मौलवी आदि दीनी तालीम दी जाती है। यहां पर कोई युवती अथवा महिला नहीं रहती है। यहां पर केवल लड़कों को ही शिक्षा दी जाती है। अगस्त 2024 से मौलाना कलीम जेल में बंद है। इसके अतिरिक्त उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।