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Muzaffarnagar: 10 करोड़ की जीएसटी चोरी में फैक्टरी मालिक गिरफ्तार, बस चौथी है पास; पूर्व विधायक की तलाश

अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: Mohd Mustakim Updated Sat, 13 Jun 2026 12:00 AM IST
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सार

मेरठ पुलिस की ईओडब्ल्यू शाखा की टीम ने दबिश देकर फैक्टरी मालिक जुनेद को गिरफ्तार किया है। 2019 व 2020 में जीएसटी चोरी से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की गई। इस मामले से पूर्व विधायक शाहनवाज राना की तलाश तेज हो गई है। 

Muzaffarnagar: Factory owner arrested for ₹10 crore GST evasion; has only studied up to Class 4
पकड़ा गया आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दस करोड़ की जीएसटी चोरी के आरोप में मेरठ पुलिस की ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन) शाखा की टीम ने फैक्टरी मालिक जुनेद को गिरफ्तार किया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की मॉडल टाउन कॉलोनी के रहने वाले कक्षा चार पास आरोपी को टीम ने कोर्ट में पेश किया। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस मामले से पूर्व विधायक शाहनवाज राना की फिर से परेशानी बढ़ गई है। टीम ने उनकी तलाश शुरू की है।

 

ईओडब्ल्यू में तैनात विवेचक सीओ जितेंद्र सिंह कालरा ने बताया कि मंसूरपुर थाने में 2021 में मुजफ्फरनगर के वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर एलएस शरण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। टीम ने वाणिज्य कर विभाग लखनऊ के एडिशनल कमिश्नर के आदेश पर मेरठ रोड स्थित राज कमल ट्रेडर्स मुजफ्फरनगर के यहां छापा मारा।
 
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जांच में पाया गया कि फर्म के संचालकों ने जिन पंजीकृत व्यक्तियों से इनवार्ड सप्लाई प्राप्त की गई, उन्होंने अथवा उनकी इनवार्ड सप्लाई चेन में शामिल अंतिम माल के आपूर्ति कर्ताओं ने कोई इनवार्ड सप्लाई प्राप्त नहीं की है। न ही कोई टैक्स जमा किया गया है।
फर्म के संचालकों ने कई लोगों से माल की आपूर्ति ली हुई थी। इसी के चलते यह मामला दर्ज कराया गया था। उन्होंने बताया कि वह इस मामले की पिछले तीन माह से जांच कर रहे हैं। लगभग दस करोड़ की जीएसटी चोरी का मामला सामने आ रहा है।
 
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पूर्व विधायक के खाते में पहुंच रहा था फर्म का पैसा
जांच में यह भी सामने आया है कि फर्म का पैसा पूर्व विधायक शाहनवाज राना के खाते तक पहुंचा था। बैंक के खातों से यह जानकारी भी सामने आ चुकी है। पूर्व विधायक की भी इस मामले में तलाश है। यह मामला 2019 व 2020 में जीएसटी चोरी से जुड़ा है। एक स्थान पर दो फर्म चलाई जा रही थीं। ट्रांसपोर्ट की फर्जी बिल्टी के आधार पर माल भेजा जाता था। अभी इस मामले में जांच चल रही है।

पूर्व विधायक शाहनवाज राना की बढ़ी परेशानी
पूर्व विधायक शाहनवाज राना के खिलाफ पांच दिसंबर 2024 को सिविल लाइन थाने में जीएसटी टीम के साथ अभद्रता पर हमला करने का मामला दर्ज हुआ था। उस दिन जीएसटी टीम ने राना चौक स्थित पूर्व सांसद कादिर राना की फैक्टरी पर छापा मारा था। वहां पहुंचे पूर्व विधायक पर जीएसटी टीम के अधिकारियों ने आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूर्व विधायक को जेल भेजा गया था। वह नौ माह बाद 24 अगस्त 2024 को हाई कोर्ट से जमानत पाकर रिहा हुए थे।
 

बहुत दिन बाद जागी ईओडब्ल्यू टीम
यह मामला मंसूरपुर थाने में 2021 में दर्ज हुआ था। टीम लंबे समय बाद जागी है। क्योंकि वर्ष 2024 में पूर्व विधायक जेल में रहकर जमानत पर रिहा होकर घर पहुंच गए। वर्तमान विवेचक को तीन माह पहले ही यह जांच दी गई।

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