{"_id":"6966977319400c7a740e5ef4","slug":"police-became-a-wallchandrashekhar-wiped-tears-by-making-video-call-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1005-162890-2026-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: दीवार बनी पुलिस...चंद्रशेखर ने वीडियो कॉल कर पोंछे आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: दीवार बनी पुलिस...चंद्रशेखर ने वीडियो कॉल कर पोंछे आंसू
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले पर पहुंचे आजाद समाज पार्टी अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मेरठ के ज्वालागढ़ में मारे गए किला मोहल्ले के सोनू कश्यप के परिवार से मिलने जा रहे आजाद समाज पार्टी अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने सिविल लाइन थाने के पास रोक लिया। सांसद को यहां से लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले पर ले जाया गया। उन्होंने वीडियो कॉल कर पीड़ित परिवार का दर्द जाना। सांसद ने कहा कि यह कैसा लोकतंत्र है। उन्हें पीड़ितों से मिलने नहीं दिया जा रहा। इससे अच्छा तो पुलिस उन्हें गोली मार दे।
शहर कोतवाली क्षेत्र के किला मोहल्ला निवासी सोनू कश्यप की मेरठ के ज्वालागढ़ में पांच जनवरी को हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को सोनू के परिवार से मिलने के लिए आए सांसद की गाड़ी पुलिस ने भोपा रोड फ्लाईओवर पर थाना सिविल लाइन के समीप रोक ली। गाड़ी में बैठे-बैठे ही एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत से उनकी बात हुई लेकिन सांसद पीड़ितों से मिलने पर अड़े रहे। इस दौरान सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र हो गए। काफी प्रयास के बावजूद सांसद को किला मोहल्ला जाने की अनुमति नहीं दी गई। डाक बंगले पर पीड़ितों से वार्ता कराने की बात पर सहमति बनी।
सांसद डाक बंगले पर पहुंचे तो एसपी सिटी ने ऊपर के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें सोनू कश्यप के परिजनों से मिलने की अनुमति दिए जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद सांसद ने डाक बंगले पर कमरे से बाहर आकर वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित परिजनों से बात कर उन्हें न्याय दिलाने के प्रति आश्वस्त किया। पूर्व विधायक नवाजिश आलम, आसपा जिलाध्यक्ष दिनेश बावरा, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष रजत निठारिया, कमल गौतम, रजब अली, डॉ. मोहम्मद अकरम शामिल रहे।
-- सरकार मुझे गोली मार दे...खत्म हो जाएगा मामला : सांसद
वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर सांसद ने पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतंत्र का चीरहरण कर रही है। मदद करने वालों के साथ जब ऐसा सुलूक किया जा रहा है तो यह कैसे मान लिया जाए कि पुलिस-प्रशासन पीड़ितों को न्याय दिला पाएगा। पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। वह घर जाते तो मृतक के परिवार वालों को एक प्रकार से हमदर्दी का संबल प्रदान होता। सरकार उन्हें पीड़ितों से मिलने नहीं दे रही तो वह उसे गोली मार दे। यह सारा मामला ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वह काफी जिद्दी हैं, वह अधिवक्ता और जनप्रतिनिधि हैं इसलिए कानून का पालन करना जानते हैं। वह चाहे बाइक पर ही जाकर मिलें जाएंगे जरूर। वह एक ऐसे सांविधानिक व्यक्ति हैंं, जो कमर पर नहीं सीने पर गोली खा सकते हैं।
-- डाक बंगले आ रहे परिजनों को पुलिस ने लौटाया
सांसद से मिलने कार में बैठकर डाक बंगले पहुंच रहे सोनू कश्यप के परिजनों को पुलिस ने मीनाक्षी चौक पर रोक लिया। मृतक के चचेरे भाई बंटी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मीनाक्षी चौक पर गाड़ी को रोक लिया और डाक बंगले पर नहीं पहुंचने दिया। पुलिस गाड़ी घुमवाकर वापस किला मोहल्ला ले गई। शिकायत पर सांसद ने भी पुलिस पर नाराजगी जताई। केवल 300 मीटर की दूरी से उन्हें वापस ले जाया गया।
-- अपराधी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा : सपना
मुजफ्फरनगर। राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप ने नगर के मोहल्ला किला निवासी मृतक सोनू कश्यप उर्फ रोनू के परिजनों से मुलाकात की। घर पहुंच कर उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी। आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। कहा कि अपराधी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। सोनू की मां पैरालाइसिस की पीड़िता हैं। वह अपने माध्यम से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का काम करेंगी।
-- किसान समिति ने निकाला कैंडल मार्च, दिए एक लाख रुपये
मुजफ्फरनगर। हिंद मजदूर किसान समिति के प्रतिनिधिमंडल ने सरपंच राजपाल के नेतृत्व में सोनू उर्फ रानू कश्यप के परिवार से मिलकर सांत्वना दी। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांति गुरु चंद्रमोहन ने परिवार के लोगों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये बात कर घटना की घोर निंदा की। अपनी ओर से परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। कैंडल मार्च भी निकाला।
समिति प्रशासन ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मीडिया प्रवक्ता अमित सिंह, कुशल प्रधान बोपाड़ा, तपेन्द्र, प्रवीन, बलराज कश्यप, धीर सिंह, दीपक मु0नगर, विनोद भी पहुंचे।
-- रूट किया था डायवर्ट, लगा था जाम
सांसद को रोकने के दौरान पुलिस ने नई मंडी पुल, द्वारिकापुरी तिराहा, बचन सिंह चौक से आने जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया था। सभी स्थानों पर यातायात पुलिस को तैनात किया था। इस दौरान जाम भी लग गया था।
Trending Videos
मुजफ्फरनगर। मेरठ के ज्वालागढ़ में मारे गए किला मोहल्ले के सोनू कश्यप के परिवार से मिलने जा रहे आजाद समाज पार्टी अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने सिविल लाइन थाने के पास रोक लिया। सांसद को यहां से लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले पर ले जाया गया। उन्होंने वीडियो कॉल कर पीड़ित परिवार का दर्द जाना। सांसद ने कहा कि यह कैसा लोकतंत्र है। उन्हें पीड़ितों से मिलने नहीं दिया जा रहा। इससे अच्छा तो पुलिस उन्हें गोली मार दे।
शहर कोतवाली क्षेत्र के किला मोहल्ला निवासी सोनू कश्यप की मेरठ के ज्वालागढ़ में पांच जनवरी को हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को सोनू के परिवार से मिलने के लिए आए सांसद की गाड़ी पुलिस ने भोपा रोड फ्लाईओवर पर थाना सिविल लाइन के समीप रोक ली। गाड़ी में बैठे-बैठे ही एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत से उनकी बात हुई लेकिन सांसद पीड़ितों से मिलने पर अड़े रहे। इस दौरान सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र हो गए। काफी प्रयास के बावजूद सांसद को किला मोहल्ला जाने की अनुमति नहीं दी गई। डाक बंगले पर पीड़ितों से वार्ता कराने की बात पर सहमति बनी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांसद डाक बंगले पर पहुंचे तो एसपी सिटी ने ऊपर के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें सोनू कश्यप के परिजनों से मिलने की अनुमति दिए जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद सांसद ने डाक बंगले पर कमरे से बाहर आकर वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित परिजनों से बात कर उन्हें न्याय दिलाने के प्रति आश्वस्त किया। पूर्व विधायक नवाजिश आलम, आसपा जिलाध्यक्ष दिनेश बावरा, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष रजत निठारिया, कमल गौतम, रजब अली, डॉ. मोहम्मद अकरम शामिल रहे।
वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर सांसद ने पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतंत्र का चीरहरण कर रही है। मदद करने वालों के साथ जब ऐसा सुलूक किया जा रहा है तो यह कैसे मान लिया जाए कि पुलिस-प्रशासन पीड़ितों को न्याय दिला पाएगा। पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। वह घर जाते तो मृतक के परिवार वालों को एक प्रकार से हमदर्दी का संबल प्रदान होता। सरकार उन्हें पीड़ितों से मिलने नहीं दे रही तो वह उसे गोली मार दे। यह सारा मामला ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वह काफी जिद्दी हैं, वह अधिवक्ता और जनप्रतिनिधि हैं इसलिए कानून का पालन करना जानते हैं। वह चाहे बाइक पर ही जाकर मिलें जाएंगे जरूर। वह एक ऐसे सांविधानिक व्यक्ति हैंं, जो कमर पर नहीं सीने पर गोली खा सकते हैं।
सांसद से मिलने कार में बैठकर डाक बंगले पहुंच रहे सोनू कश्यप के परिजनों को पुलिस ने मीनाक्षी चौक पर रोक लिया। मृतक के चचेरे भाई बंटी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मीनाक्षी चौक पर गाड़ी को रोक लिया और डाक बंगले पर नहीं पहुंचने दिया। पुलिस गाड़ी घुमवाकर वापस किला मोहल्ला ले गई। शिकायत पर सांसद ने भी पुलिस पर नाराजगी जताई। केवल 300 मीटर की दूरी से उन्हें वापस ले जाया गया।
मुजफ्फरनगर। राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप ने नगर के मोहल्ला किला निवासी मृतक सोनू कश्यप उर्फ रोनू के परिजनों से मुलाकात की। घर पहुंच कर उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी। आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। कहा कि अपराधी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। सोनू की मां पैरालाइसिस की पीड़िता हैं। वह अपने माध्यम से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का काम करेंगी।
मुजफ्फरनगर। हिंद मजदूर किसान समिति के प्रतिनिधिमंडल ने सरपंच राजपाल के नेतृत्व में सोनू उर्फ रानू कश्यप के परिवार से मिलकर सांत्वना दी। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांति गुरु चंद्रमोहन ने परिवार के लोगों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये बात कर घटना की घोर निंदा की। अपनी ओर से परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। कैंडल मार्च भी निकाला।
समिति प्रशासन ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मीडिया प्रवक्ता अमित सिंह, कुशल प्रधान बोपाड़ा, तपेन्द्र, प्रवीन, बलराज कश्यप, धीर सिंह, दीपक मु0नगर, विनोद भी पहुंचे।
सांसद को रोकने के दौरान पुलिस ने नई मंडी पुल, द्वारिकापुरी तिराहा, बचन सिंह चौक से आने जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया था। सभी स्थानों पर यातायात पुलिस को तैनात किया था। इस दौरान जाम भी लग गया था।