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Muzaffarnagar News: लखनऊ से हरी झंडी मिलते ही मुजफ्फरनगर तक दौड़ेगी रैपिड

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:47 PM IST
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Rapid will run to Muzaffarnagar as soon as it gets the green signal from Lucknow.
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मुजफ्फरनगर। दिल्ली के सराय काले खां से मोदीपुरम तक के 82 किमी लंबे कॉरिडोर पर रैपिड की शुरूआत हो गई। अब मुजफ्फरनगर तक रैपिड बढ़ाए जाने की मांग फिर जोर पकड़ने लगी है। पिछले छह साल से 48 किमी के ट्रैक की मांग चल रही है। कॉरिडोर का प्रस्तुतिकरण तक हो चुका है। जिले में सात स्टेशन प्रस्तावित किये गए थे। दो साल से लखनऊ में डीपीआर हरी झंडी का इंतजार कर रही है।
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असल में 13 जनवरी 2020 को तत्कालीन केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, तत्कालीन राज्यमंत्री विजय कश्यप, तब बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक, खतौली विधायक विक्रम सैनी, पुरकाजी के तत्कालीन विधायक प्रमोद उटवाल ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।
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भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने रैपिड रेल को मेरठ से आगे मुजफ्फरनगर तक बढ़ाने की मांग रखी थी। 29 जनवरी 2020 को मुख्यमंत्री के विशेष सचिव अमित सिंह ने प्रमुख सचिव आवास प्रशिक्षण को अग्रिम कार्यवाही के लिए पत्र लिखा था।
30 जुलाई 2020 को बालियान ने केंद्रीय राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी पत्र लिखा था।
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डीपीआर के लिए धनराशि पर सहमति
मुजफ्फरनगर। तब केंद्रीय राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने डीपीआर के लिए 80 प्रतिशत धनराशि उपलब्ध कराने पर सहमति दी थी। 22 सितंबर को एक सप्ताह में डीपीआर मांगी गई। इसके बाद आरआरटीएस के एमडी सुधीर कुमार शर्मा ने उपसचिव आवास एवं शहरी नियोजन उत्तर प्रदेश से विस्तृत डीपीआर के लिए 3.82 करोड़ की धनराशि की मांग की थी।
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मुजफ्फरनगर तक आरआरटीएस के लिए कब क्या हुआ
- पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने चार दिसंबर 2020 को सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर डीपीआर के लिए बजट की मांग की। चार जनवरी 2022 को सीएम से नोडल एजेंसी नामित किए जाने की मांग रखी। प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश नितिन रमेश गोकर्ण ने 11 जुलाई 2022 को डीपीआर के लिए 20 प्रतिशत शुल्क पर सहमति दी। 31 अगस्त को डीपीआर के लिए बजट स्वीकृत। आरआरटीएस के कार्यकारी निदेशक वित्त योगेंद्र सक्सेना ने एमडीए को 20 जनवरी 2023 को पत्र लिखकर बजट मांगा। नौ जनवरी 2024 को एमडीए ने बजट जारी किया। इसके बाद शेष धनराशि की मांग की गई। तब केंद्रीय मंत्री बालियान के समक्ष डीपीआर का प्रस्तुतिकरण भी दिया गया था।
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48 किमी में यह स्टेशन किए गए थे प्रस्तावित
मोदीपुरम से मुजफ्फरनगर तक 48 किमी के टुकड़े में सात स्टेशन प्रस्तावित किए गए थे। इनमें दौराला, सकौती, खतौली, मंसूरपुर मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरनगर आवास विकास को स्टेशन प्रस्तावित किया गया था। स्वीकृति के लिए फाइल लखनऊ भेज दी गई थी। वर्ष 2024 के बाद पत्रावलियां लटकी हुई हैं।
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सहारनपुर मंडल को मिलेगा लाभ : बालियान
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बताया कि अगर मुजफ्फरनगर तक रैपिड चलती है तो पूरे सहारनपुर मंडल, बिजनौर और उत्तराखंड के लोगों को भी लाभ मिलेगा। लखनऊ सचिवालय में शनिवार को बात की गई है। दोबारा से फाइल निकलवाई जाएगी।
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मुजफ्फरनगर तक आनी चाहिए रैपिड : अनिल
कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि रैपिड मुजफ्फरनगर तक आनी चाहिए। इससे जिले को बड़ा लाभ मिलेगा। सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। जिले के लोगों का दिल्ली तक आवागमन बेहद आसान हो जाएगा।
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