Meerut: छात्रा की मौत पर उबाल, रातभर धरने पर बैठे छात्र, वीसी से वार्ता के बाद बनी 10 सदस्यीय समिति
मेरठ के आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में एमबीए छात्रा अनु गुप्ता की मौत के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। रातभर धरने के बाद सुबह वीसी ने छात्रों से वार्ता की। छात्रों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग उठाई है।
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मेरठ के आईआईएमटी यूनिवर्सिटी गंगानगर में एमबीए छात्रा अनु गुप्ता की मौत के बाद छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर के बाहर छात्रों ने पूरी रात धरना देकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्र लगातार कुलपति को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे कुलपति डॉ. दीपा शर्मा छात्रों के बीच पहुंचीं, जिसके बाद वार्ता शुरू हुई।
रातभर चला धरना और हंगामा
छात्रा अनु गुप्ता की संदिग्ध मौत के बाद दोपहर में परिजन विश्वविद्यालय पहुंचे। इसी दौरान कुछ छात्र नेता भी मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान बैनर फाड़े गए और कुछ बोर्ड भी तोड़ दिए गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।
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वीसी से बातचीत के बाद बनी समिति
सुबह कुलपति डॉ. दीपा शर्मा छात्रों से मिलने पहुंचीं। छात्रों ने अपनी मांगें उनके सामने रखीं। इसके बाद 10 छात्रों की एक समिति बनाई गई, जो विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ वार्ता कर रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और छात्र निष्पक्ष कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
ये हैं छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें छात्रा अनु गुप्ता के परिजनों को 50 लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा छात्रों ने छात्रा की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार विभागाध्यक्ष और छात्रावास वार्डन पर कार्रवाई, छात्रों पर लगाए जाने वाले जुर्माने को समाप्त करने और विभिन्न विभागों में निष्कासित छात्रों को तत्काल बहाल करने की मांग की। छात्रों ने यह भी मांग उठाई कि जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे।
सहारनपुर में हुआ अंतिम संस्कार
दूसरी ओर छात्रा अनु गुप्ता के शव को परिजन सहारनपुर ले गए, जहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के बाद छात्र समुदाय और परिजनों में गहरा आक्रोश बना हुआ है।