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Muzaffarnagar News: इंजरी रिपोर्ट पेश नहीं करने पर अदालत ने जताई नाराजगी
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मुजफ्फरनगर। छपार थाना क्षेत्र में पिछले साल प्रवीण पर हमले और 12 सौ रुपये छीनने के प्रकरण में अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी है। केस डायरी के साथ चोटिल प्रवीण की कोई भी इंजरी रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत नहीं की गई है। मात्र चोटिल प्रवीण की सप्लीमेंट्री रिपोर्ट दाखिल की गई है, इस पर अदालत ने तत्कालीन एसओ के कार्यप्रणाली पर एसएसपी को पत्र लिखा है।
मामला 19 नवंबर 2025 को दर्ज कराया गया था। बचाव पक्ष की ओर से कासमपुर निवासी सुशील कुमार का जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या-तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने सुनवाई करते हुए जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।
अदालत ने आदेश में लिखा कि थाना छपार से जो आख्या प्रस्तुत की गई है वह भी विवेचक रमित यादव की ओर से प्रस्तुत की गई है। प्रस्तुत आख्या एसओ मोहित चौधरी की ओर से अग्रसारित नहीं है।
ऐसा प्रतीत होता है कि थानाध्यक्ष छपार का नियंत्रण एवं उचित पर्यवेक्षण अपनी अधीनस्थ पर नहीं है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि थानाध्यक्ष की ओर से जानबूझकर अभियुक्तों को अनावश्यक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य चोटिल प्रवीण की इंजरी रिपोर्ट केस डायरी के साथ प्रस्तुत नहीं की गई है।
आदेश की एक प्रति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजने के निर्देश दिए। यह भी लिखा कि अगर एसएसपी उचित समझें तो अपने स्तर से कार्रवाई कर सकते हैं।
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मामला 19 नवंबर 2025 को दर्ज कराया गया था। बचाव पक्ष की ओर से कासमपुर निवासी सुशील कुमार का जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या-तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने सुनवाई करते हुए जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।
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अदालत ने आदेश में लिखा कि थाना छपार से जो आख्या प्रस्तुत की गई है वह भी विवेचक रमित यादव की ओर से प्रस्तुत की गई है। प्रस्तुत आख्या एसओ मोहित चौधरी की ओर से अग्रसारित नहीं है।
ऐसा प्रतीत होता है कि थानाध्यक्ष छपार का नियंत्रण एवं उचित पर्यवेक्षण अपनी अधीनस्थ पर नहीं है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि थानाध्यक्ष की ओर से जानबूझकर अभियुक्तों को अनावश्यक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य चोटिल प्रवीण की इंजरी रिपोर्ट केस डायरी के साथ प्रस्तुत नहीं की गई है।
आदेश की एक प्रति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजने के निर्देश दिए। यह भी लिखा कि अगर एसएसपी उचित समझें तो अपने स्तर से कार्रवाई कर सकते हैं।