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Muzaffarnagar News: नलकूप कनेक्शन घोटाले में लखनऊ से गिरफ्तार तत्कालीन जेई जेल भेजा
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मुजफ्फरनगर। 18 साल पहले 200 नलकूप कनेक्शन घोटाले के मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी तत्कालीन अवर अभियंता ब्रजेश कुमार को कोर्ट ने जेल भेज दिया। आरोपी को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) मेरठ की टीम ने लखनऊ से गिरफ्तार कर किया था। अभी इस मामले में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी होनी हैं।
वर्ष 2006-07 में मुजफ्फरनगर विद्युत वितरण मंडल से मुजफ्फरनगर और शामली जिले को 941 किसानों को नलकूप कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य पूरा होने के बाद भी सामान्य योजना के तहत 200 कनेक्शन अतिरिक्त आवंटित किए गए थे। इस योजना में घोटाला हुआ था।
आरोपी ने अपने अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर सामान्य योजना के तहत बिना लक्ष्य प्राप्त हुए स्थल का निरीक्षण कर एस्टीमेट तैयार किए थे और प्राइवेट नलकूप के कनेक्शन दिए थे। लगभग 1.39 करोड़ रुपये का राजस्व का नुकसान हुआ था।
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आरोप रहा कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम आसरे वर्मा व अन्य नेताओं के 16 पत्रों को कनेक्शन देने में प्रयोग किया गया था। जो जांच में फर्जी पाए गए थे। वर्ष 2008 में इस बारे में शहर कोतवाली में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप, साजिश में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इस मामले में पूर्व अवर अभियंता बृजेश कुमार समेत 22 लोगों को आरोपी बनाया गया हैं। मामले की जांच मेरठ की आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) मेरठ शाखा की टीम कर रही है। टीम ने ब्रजेश कुमार को लखनऊ से गिरफ्तार किया हैं। टीम में तैनात निरीक्षक देवेंद्र सिंह, दरोगा नरेंद्र कुमार की टीम ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जिला जेल में दाखिल कराया है। जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने बताया कि आरोपी को दाखिल कर लिया गया है।
वर्ष 2006-07 में मुजफ्फरनगर विद्युत वितरण मंडल से मुजफ्फरनगर और शामली जिले को 941 किसानों को नलकूप कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य पूरा होने के बाद भी सामान्य योजना के तहत 200 कनेक्शन अतिरिक्त आवंटित किए गए थे। इस योजना में घोटाला हुआ था।
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आरोपी ने अपने अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर सामान्य योजना के तहत बिना लक्ष्य प्राप्त हुए स्थल का निरीक्षण कर एस्टीमेट तैयार किए थे और प्राइवेट नलकूप के कनेक्शन दिए थे। लगभग 1.39 करोड़ रुपये का राजस्व का नुकसान हुआ था।
आरोप रहा कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम आसरे वर्मा व अन्य नेताओं के 16 पत्रों को कनेक्शन देने में प्रयोग किया गया था। जो जांच में फर्जी पाए गए थे। वर्ष 2008 में इस बारे में शहर कोतवाली में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप, साजिश में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इस मामले में पूर्व अवर अभियंता बृजेश कुमार समेत 22 लोगों को आरोपी बनाया गया हैं। मामले की जांच मेरठ की आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) मेरठ शाखा की टीम कर रही है। टीम ने ब्रजेश कुमार को लखनऊ से गिरफ्तार किया हैं। टीम में तैनात निरीक्षक देवेंद्र सिंह, दरोगा नरेंद्र कुमार की टीम ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जिला जेल में दाखिल कराया है। जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने बताया कि आरोपी को दाखिल कर लिया गया है।