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Muzaffarnagar News: शुकतीर्थ गंगा का बढ़ा जलस्तर, श्रद्धालुओं ने किया स्नान
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शुक तीर्थ गंगा घाट पर साफ सफाई करते कर्मचारी। संवाद
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मोरना। शुकतीर्थ के साधु संतों की मांग पर गंगा में अतिरिक्त जल छोड़कर जल स्तर बढ़ाया गया है। घाट पर श्रद्धालुुओं ने स्नान किया। स्नान घाट पर स्वच्छता अभियान चलाकर साफ सफाई की जा रही है। सी एंड डीएस विभाग की ओर से अतिक्रमण कर बनाए गए आरती स्थल को गंगा के बीच न बनाने की मांग जारी है।
शुकतीर्थ में गंगा का जलस्तर बढ़ाने व स्नान घाट पर फैली गंदगी को साफ कर घाट को साफ स्वच्छ करने, अतिक्रमण कर निर्माणाधीन आरती स्थल को गंगा के बीच न बनाने को लेकर साधु संत पिछले कई दिनों से मांग कर रहेथे।
बुधवार को निर्माण कार्य के दौरान गंगा में छोड़े गये ईंट, पत्थर आदि उठाए गए व जलकुंभी को साफ किया गया। स्वच्छता अभियान सी एंड डीएस की ओर से चलाया जा रहा है। ड्रेनेज विभाग के अवर अभियंता संजीव मलिक ने बताया कि गंगा में जल स्तर बढ़ाने को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी से बात की गई थी। इसके बाद गंग नहर से 300 क्यूसेक पानी रतमऊ नदी के माध्यम छोड़ा गया है।
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इसके बाद शुक्रताल में गंगा का जल स्तर बढ़ने लगा है। श्रद्धालुओं को अब स्नान करने में दिक्कत नहीं आएगी। मोटर बोट का संचालन भी घाट से होने लगा है। वहीं गंगा के बीच बनाए जा रहे आरती स्थल को हटाने की मांग साधु संत कर रहे हैं।
महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास ने बताया कि गंगा का जल स्तर सामान्य बना रहना चाहिए। गंगा घाट पर बोर्ड लगाकर प्रतिदिन पानी की मात्रा की जानकारी अंकित की जाए। निर्माण कार्य के दौरान छोड़ी गई गंदगी को तुरंत साफ कराया जाए। तीर्थ नगरी को पूर्ण रूप से साफ स्वच्छ रखा जाए।
गंगा के बीच आरती स्थल के बनने से वहां सिल्ट इकट्ठा होगी व जलकुंभी आदि से गंदगी भी बढ़ेगी। आरती स्थल कहीं दूसरे स्थान पर बनाया जाए। साधु संत प्रत्येक कार्य पर नजर बनाएंगे। शुकतीर्थ में अब तक करोड़ों रुपये के सरकारी धन की बर्बादी की जा चुकी है। जितना धन सरकार ने दिया है उतने में तीर्थ की सारी समस्याएं दूर हो सकती थी।
शुकतीर्थ में गंगा का जलस्तर बढ़ाने व स्नान घाट पर फैली गंदगी को साफ कर घाट को साफ स्वच्छ करने, अतिक्रमण कर निर्माणाधीन आरती स्थल को गंगा के बीच न बनाने को लेकर साधु संत पिछले कई दिनों से मांग कर रहेथे।
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बुधवार को निर्माण कार्य के दौरान गंगा में छोड़े गये ईंट, पत्थर आदि उठाए गए व जलकुंभी को साफ किया गया। स्वच्छता अभियान सी एंड डीएस की ओर से चलाया जा रहा है। ड्रेनेज विभाग के अवर अभियंता संजीव मलिक ने बताया कि गंगा में जल स्तर बढ़ाने को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी से बात की गई थी। इसके बाद गंग नहर से 300 क्यूसेक पानी रतमऊ नदी के माध्यम छोड़ा गया है।
इसके बाद शुक्रताल में गंगा का जल स्तर बढ़ने लगा है। श्रद्धालुओं को अब स्नान करने में दिक्कत नहीं आएगी। मोटर बोट का संचालन भी घाट से होने लगा है। वहीं गंगा के बीच बनाए जा रहे आरती स्थल को हटाने की मांग साधु संत कर रहे हैं।
महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास ने बताया कि गंगा का जल स्तर सामान्य बना रहना चाहिए। गंगा घाट पर बोर्ड लगाकर प्रतिदिन पानी की मात्रा की जानकारी अंकित की जाए। निर्माण कार्य के दौरान छोड़ी गई गंदगी को तुरंत साफ कराया जाए। तीर्थ नगरी को पूर्ण रूप से साफ स्वच्छ रखा जाए।
गंगा के बीच आरती स्थल के बनने से वहां सिल्ट इकट्ठा होगी व जलकुंभी आदि से गंदगी भी बढ़ेगी। आरती स्थल कहीं दूसरे स्थान पर बनाया जाए। साधु संत प्रत्येक कार्य पर नजर बनाएंगे। शुकतीर्थ में अब तक करोड़ों रुपये के सरकारी धन की बर्बादी की जा चुकी है। जितना धन सरकार ने दिया है उतने में तीर्थ की सारी समस्याएं दूर हो सकती थी।