पीलीभीत टाइगर रिजर्व: पीटीआर के इको सेंसेटिव जोन को मिली मंजूरी, अधिसूचना जारी
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के इको सेंसेटिव जोन को मंजूरी मिल गई है। अब वन सीमा से दो किमी के दायरे में पक्का निर्माण व औद्योगिक गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।
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लंबे समय से चली आ रही प्रक्रिया के बाद पीटीआर (पीलीभीत टाइगर रिजर्व) के इको सेंसेटिव जोन को मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत टाइगर रिजर्व की वन सीमा से चारों ओर दो किमी तक के क्षेत्र को इको सेंसेटिव जोन घोषित किया गया है। अब इस दायरे में किसी भी प्रकार की औद्योगिक गतिविधि या पक्का निर्माण नहीं हो सकेगा।
तराई क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैवविविधता, नदियों-जलाशयों और बाघों की बढ़ती संख्या के लिए जाना जाता है। वर्ष 2022 की टाइगर एस्टीमेशन रिपोर्ट के अनुसार, यहां 71 से अधिक बाघ पाए गए थे।
करीब 73 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस रिजर्व के लिए फरवरी 2025 में इको सेंसेटिव जोन का प्रस्ताव शासन के माध्यम से मंत्रालय को भेजा गया था, जिस पर तकनीकी आपत्तियों के निस्तारण के बाद अब अंतिम स्वीकृति मिली है। जारी अधिसूचना के अनुसार, इको सेंसेटिव जोन में नए होटल, रिसॉर्ट, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, औद्योगिक इकाइयां, खनन कार्य, ईंट-भट्ठे, आरा मिल और बड़ी परियोजनाओं की स्थापना प्रतिबंधित रहेगी।
इन कार्यों के लिए मिल सकेगी अनुमति
अब निजी भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई के लिए भी विभागीय अनुमति आवश्यक होगी। हालांकि तय मानकों के तहत पर्यटन गतिविधियों के लिए होम-स्टे और सीमित होटल विकास की अनुमति दी जा सकेगी। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि इको सेंसेटिव जोन में ध्वनि, वायु और मानव-निर्मित प्रदूषण पर सख्ती से नियंत्रण रहेगा। गजट में 41 बिंदुओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और अनधिकृत निर्माण पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दियोरिया में टाइगर रिजर्व की 20 हेक्टेयर जमीन से हटाया कब्जा
दियोरिया रेंज के अंतर्गत आने वाली जमीन को प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अतिक्रमण मुक्त कराया गया। मंगलवार को शाहजहांपुर और पीलीभीत वन प्रभाग की टीम की मौजूदगी में अभियान चलाकर 20 हेक्टेयर जमीन को कब्जामुक्त किया गया। यह क्षेत्र शाहजहांपुर में आता है, लेकिन देखरेख की जिम्मेदारी पीटीआर के अधीन है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की दियोरिया रेंज की नवदिया वंकी बीट का 813.70 हेक्टेयर क्षेत्रफल शाहजहांपुर क्षेत्र में आता है, लेकिन उस क्षेत्र की देखरेख पीटीआर के अधीन ही है। नवदिया वंकी बीट की वनभूमि पर करीब 30 किसानों ने करीब 20 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। कब्जे वाली जमीन पर कृषि फसलें उगाई जा रही थीं। लंबे समय से पीटीआर की ओर से जमीन को खाली करने के प्रयास किए जा रहे थे। इसके लिए पत्राचार भी किए गए।
पुलिस की मौजूदगी में हुई पैमाइश
मंगलवार को सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ भरत कुमार डीके, पीटीआर और शाहजहांपुर वन प्रभाग के अधिकारियों के अलावा एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडेय राजस्व टीम के साथ नवदिया बंकी के फगुनिहाई क्षेत्र में पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में टीम ने पैमाइश शुरू की। जानकारी लगने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद जेसीबी की मदद से खेतों में खड़ी गेंहू, सरसों आदि की फसलों को जोत कर जमीन को कब्जामुक्त कराया गया।
डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि करीब 20 हेक्टेयर जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है। इस जमीन पर करीब आठ वर्षों से क्षेत्रीय लोगों ने कब्जा कर रखा था। वहीं, क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बिना कोई नोटिस दिए कार्रवाई की गई है।