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Pilibhit News: महिलाओं को ज्यादा घेर रहा कैंसर, 164 पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:44 PM IST
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पीलीभीत। जिले में कैंसर पीड़ित महिलाएं अधिक हैं। जिला अस्पताल की जांच रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं में कैंसर के मामले पुरुषों की तुलना में अधिक मिले हैं। चिकित्सकों ने मरीजों को कैंसर की जांच व इलाज को लेकर सजग रहने की नसीहत दी है।
जिला अस्पताल के आंकड़ों अनुसार वर्ष 2025 में हिस्ट्रोपैथोलॉजी की रिपोर्ट में महिलाओं के अंदर कैंसर की शिकायत अधिक पाई गई। स्तन कैंसर की 3600 जांचों में 144 सक्रिय कैंसर से ग्रस्त मिलीं। तीन महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की चपेट में मिलीं। इधर, ओरल कैंसर के भी पांच व ब्लड कैंसर की 36000 जांचों में 12 मरीज मिले।
प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि महिलाओं में हार्मोनल बदलाव और पुरुषों में तंबाकू की लत कैंसर का कारण बनी है। अगर समय रहते कैंसर की जांच व इलाज शुरू किया जाए तो इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है। अधिकांश लोग आज भी सिर्फ तंबाकू, शराब के सेवन को ही कैंसर का कारण माने बैठे हैं। वहीं, जिला अस्पताल में आठ बेड का डे-केयर सेंटर बनाने की योजना बनाई गई है।
इसमें जिले के कैंसर रोगी कैंसर चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद आगे का इलाज डे-केयर सेंटर से करा सकेंगे। इसमें आठ बेड पर रोज कैंसर रोगियों की थेरिपी की जाएगी। मरीजों को दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
पुरुषों में ओरल कैंसर, ब्लड कैंसर की चपेट में भी करीब आठ : कैंसर पीड़ित मरीजों में महिलाओं की तुलना में पुरुषों का आंकड़ा काफी कम है।
जिले में हुई जांचों पांच पुरुष ओरल कैंसर से पीड़ित बताए गए। वहीं ब्लड कैंसर पीड़ित पुरुष मरीजों का आंकड़ा सात से आठ बताया जा रहा है। हालांकि, जिले में कैंसर के इलाज के बेहतर इंतजाम नहीं है।
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जिला अस्पताल के आंकड़ों अनुसार वर्ष 2025 में हिस्ट्रोपैथोलॉजी की रिपोर्ट में महिलाओं के अंदर कैंसर की शिकायत अधिक पाई गई। स्तन कैंसर की 3600 जांचों में 144 सक्रिय कैंसर से ग्रस्त मिलीं। तीन महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की चपेट में मिलीं। इधर, ओरल कैंसर के भी पांच व ब्लड कैंसर की 36000 जांचों में 12 मरीज मिले।
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प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि महिलाओं में हार्मोनल बदलाव और पुरुषों में तंबाकू की लत कैंसर का कारण बनी है। अगर समय रहते कैंसर की जांच व इलाज शुरू किया जाए तो इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है। अधिकांश लोग आज भी सिर्फ तंबाकू, शराब के सेवन को ही कैंसर का कारण माने बैठे हैं। वहीं, जिला अस्पताल में आठ बेड का डे-केयर सेंटर बनाने की योजना बनाई गई है।
इसमें जिले के कैंसर रोगी कैंसर चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद आगे का इलाज डे-केयर सेंटर से करा सकेंगे। इसमें आठ बेड पर रोज कैंसर रोगियों की थेरिपी की जाएगी। मरीजों को दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
पुरुषों में ओरल कैंसर, ब्लड कैंसर की चपेट में भी करीब आठ : कैंसर पीड़ित मरीजों में महिलाओं की तुलना में पुरुषों का आंकड़ा काफी कम है।
जिले में हुई जांचों पांच पुरुष ओरल कैंसर से पीड़ित बताए गए। वहीं ब्लड कैंसर पीड़ित पुरुष मरीजों का आंकड़ा सात से आठ बताया जा रहा है। हालांकि, जिले में कैंसर के इलाज के बेहतर इंतजाम नहीं है।
