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Pilibhit News: घंटों इंतजार के बाद भी मिल रही आधी-अधूरी दवा
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:44 PM IST
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राधेश्याम
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पीलीभीत। जिला अस्पताल के दवा वितरण काउंटर पर कतार लगकर घंटों इंतजार के बाद भी मरीजों को पूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। दवा वितरण काउंटर की संख्या और कुछ प्रमुख दवाओं की कमी से मरीजों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। कई बार लाइन में लगे मरीजों को ओपीडी समय खत्म हो जाने की वजह से दवा नहीं मिल पाती। मरीज मजबूरी में मेडिकल स्टोर की ओर रुख करते हैं। महिला मरीजों के लिए भी सिर्फ एक दवा काउंटर ही संचालित हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 1400 के करीब मरीज पहुंच रहे हैं। एक वर्ष में करीब छह लाख मरीज ओपीडी में पहुंचे हैं। मरीज तो बढ़े, लेकिन अस्पताल में दवा काउंटर की संख्या नहीं बढ़ाई गई। पुरुषों के लिए दो और महिला मरीजों को एक ही काउंटर पर दवा दी जाती है।
इस वजह से मरीजों को दवा के लेने के लंबी कतार में लगना पड़ता है। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं व गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए यह इंतजार और भी कष्टदायक साबित हो रहा है। लाइन में धक्का-मुक्की का नजारा भी दिखता है। मंगलवार की दोपहर भी पुरुष-महिला दवा काउंटर के सामने मरीजों की लाइन लगी थी। काफी समय लाइन में गुजारने के बाद काउंटर पर पहुंचे कई मरीजों को पूरी दवा नहीं मिल सकी। मजबूरी में मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 1400 के करीब मरीज पहुंच रहे हैं। एक वर्ष में करीब छह लाख मरीज ओपीडी में पहुंचे हैं। मरीज तो बढ़े, लेकिन अस्पताल में दवा काउंटर की संख्या नहीं बढ़ाई गई। पुरुषों के लिए दो और महिला मरीजों को एक ही काउंटर पर दवा दी जाती है।
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इस वजह से मरीजों को दवा के लेने के लंबी कतार में लगना पड़ता है। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं व गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए यह इंतजार और भी कष्टदायक साबित हो रहा है। लाइन में धक्का-मुक्की का नजारा भी दिखता है। मंगलवार की दोपहर भी पुरुष-महिला दवा काउंटर के सामने मरीजों की लाइन लगी थी। काफी समय लाइन में गुजारने के बाद काउंटर पर पहुंचे कई मरीजों को पूरी दवा नहीं मिल सकी। मजबूरी में मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।

राधेश्याम

राधेश्याम
