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Pilibhit News: जलजीवन मिशन के कार्यों की हकीकत जांच रही रुहेलखंड की टीम
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पीलीभीत। जल जीवन मिशन की हर घर जल योजना की वास्तविक स्थिति जानने के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ प्रोफेसर की टीम जिले के गांवों का दौरा कर रही है। शासन के निर्देश पर यह टीम जिले के करीब 20 गांवों में जाकर ग्रामीणों से बात करेगी। पाइपलाइन, टंकियों के कनेक्शन की स्थिति का पता लगाएगी। टीम ने गांवों में पहुंचकर जांच भी शुरू कर दी है।
हर घर जल योजना से जिले में 484 स्थानों पर ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन और जलापूर्ति शुरू करने का काम कराया जा रहा है। 900 करोड़ से अधिक धनराशि से हो रहे इस काम को लेकर ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत पाइपलाइन बिछाने के नाम पर खोद कर छोड़ी गई सड़कें दे रही हैं।
योजना की वास्तविक प्रगति जानने के लिए शासन ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ प्रोफेसरों को जिम्मेदारी सौंपी है। यह टीम पिछले माह से गांवों में घूमकर गोपनीय तरीके से जांच कर रही है। जल निगम के किसी अधिकारी से संपर्क भी नहीं साधा गया है। टीम का कार्य लगभग समाप्ति की ओर से है। जल्द ही शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जल निगम के अधिशासी अभियंता मनीष गंगवार ने बताया कि विभाग से गांव के नाम मांगे गए थे, जो उपलब्ध करा दिए गए थे। जांच गोपनीय स्तर पर चल रही है।
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हर घर जल योजना से जिले में 484 स्थानों पर ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन और जलापूर्ति शुरू करने का काम कराया जा रहा है। 900 करोड़ से अधिक धनराशि से हो रहे इस काम को लेकर ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत पाइपलाइन बिछाने के नाम पर खोद कर छोड़ी गई सड़कें दे रही हैं।
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योजना की वास्तविक प्रगति जानने के लिए शासन ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ प्रोफेसरों को जिम्मेदारी सौंपी है। यह टीम पिछले माह से गांवों में घूमकर गोपनीय तरीके से जांच कर रही है। जल निगम के किसी अधिकारी से संपर्क भी नहीं साधा गया है। टीम का कार्य लगभग समाप्ति की ओर से है। जल्द ही शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जल निगम के अधिशासी अभियंता मनीष गंगवार ने बताया कि विभाग से गांव के नाम मांगे गए थे, जो उपलब्ध करा दिए गए थे। जांच गोपनीय स्तर पर चल रही है।
