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Pilibhit News: देवहा नदी कटान परियोजना पड़ी ठप, कटान का खतरा बरकरार
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ठप पड़ा देवहा नदी कटान परियोजना का काम। संवाद
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अमरिया। तहसील क्षेत्र के गांव खलीनवादा के पास देवहा नदी के कटान को रोकने के लिए स्वीकृत 2.08 करोड़ रुपये की परियोजना का निर्माण कार्य पिछले करीब 20 दिनों से बंद है।
अप्रैल माह में शुरू हुआ यह कार्य पिछले तीन महीनों से रुक-रुक कर चल रहा था, लेकिन अब पूरी तरह ठप होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नाबार्ड पोषित इस परियोजना का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2026-27 में देवहा नदी के किनारे स्लोप पिचिंग और अन्य सुरक्षात्मक कार्य करना है। काम बंद होने के बाद विभागीय अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है।
निर्माण कार्य बंद होने से परियोजना अधूरी पड़ी है, जिससे आसपास की कृषि भूमि और आबादी पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मानसून के दौरान संभावित खतरे को देखते हुए परियोजना का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है।
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परियोजना के शुरुआती चरण में नदी की धारा मोड़ने के लिए जेसीबी मशीन से खुदाई की गई थी। कुछ हिस्से में पत्थरों की पिचिंग भी कराई गई थी। हालांकि, कार्यस्थल पर दो पोकलेन मशीनें खड़ी हैं। खेतों में पत्थरों के ढेर लगे हुए हैं। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरी तरह से रुका हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश में ही पिचिंग के बराबर से नदी का कटान फिर शुरू हो गया है। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। संवाद
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ग्रामीणों ने जताई चिंता, होगा नुकसान
ग्राम प्रधान अतीक अहमद ने बताया कि खलीनवादा और रसूला गांवों के किसानों की पिछले पांच वर्षों में 100 बीघा से अधिक कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। उन्होंने आशंका जताई कि अब कटान गुरुद्वारे, आयुर्वेद चिकित्सालय और आबादी की ओर बढ़ सकता है। ग्राम खलीनवादा निवासी किसान नक्षत्र सिंह ने बताया कि परियोजना पर लगभग तीन माह पहले कार्य शुरू हुआ था। उन्होंने विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को कार्य में देरी का कारण बताया। उनका कहना है कि परियोजना का कार्य अभी आधा भी नहीं हुआ है।
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प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है। मानसून का मौसम नजदीक होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने और कटान तेज होने की आशंका है। यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं किया गया, तो इससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि अधिकारी इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और परियोजना को जल्द से जल्द पूरा कराएं ताकि उनकी कृषि भूमि और घरों को बचाया जा सके।
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देवहा नदी कटान परियोजना का काम चल रहा है। कार्यस्थल के पास मगरमच्छ की मौजूदगी होने से काम बाधित हुआ है। जल्द ही शेष कार्य काे पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
-आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
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अप्रैल माह में शुरू हुआ यह कार्य पिछले तीन महीनों से रुक-रुक कर चल रहा था, लेकिन अब पूरी तरह ठप होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नाबार्ड पोषित इस परियोजना का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2026-27 में देवहा नदी के किनारे स्लोप पिचिंग और अन्य सुरक्षात्मक कार्य करना है। काम बंद होने के बाद विभागीय अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है।
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निर्माण कार्य बंद होने से परियोजना अधूरी पड़ी है, जिससे आसपास की कृषि भूमि और आबादी पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मानसून के दौरान संभावित खतरे को देखते हुए परियोजना का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है।
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परियोजना के शुरुआती चरण में नदी की धारा मोड़ने के लिए जेसीबी मशीन से खुदाई की गई थी। कुछ हिस्से में पत्थरों की पिचिंग भी कराई गई थी। हालांकि, कार्यस्थल पर दो पोकलेन मशीनें खड़ी हैं। खेतों में पत्थरों के ढेर लगे हुए हैं। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरी तरह से रुका हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश में ही पिचिंग के बराबर से नदी का कटान फिर शुरू हो गया है। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। संवाद
ग्रामीणों ने जताई चिंता, होगा नुकसान
ग्राम प्रधान अतीक अहमद ने बताया कि खलीनवादा और रसूला गांवों के किसानों की पिछले पांच वर्षों में 100 बीघा से अधिक कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। उन्होंने आशंका जताई कि अब कटान गुरुद्वारे, आयुर्वेद चिकित्सालय और आबादी की ओर बढ़ सकता है। ग्राम खलीनवादा निवासी किसान नक्षत्र सिंह ने बताया कि परियोजना पर लगभग तीन माह पहले कार्य शुरू हुआ था। उन्होंने विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को कार्य में देरी का कारण बताया। उनका कहना है कि परियोजना का कार्य अभी आधा भी नहीं हुआ है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है। मानसून का मौसम नजदीक होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने और कटान तेज होने की आशंका है। यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं किया गया, तो इससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि अधिकारी इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और परियोजना को जल्द से जल्द पूरा कराएं ताकि उनकी कृषि भूमि और घरों को बचाया जा सके।
देवहा नदी कटान परियोजना का काम चल रहा है। कार्यस्थल के पास मगरमच्छ की मौजूदगी होने से काम बाधित हुआ है। जल्द ही शेष कार्य काे पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
-आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड