Pilibhit: डीएम ने किया औचक निरीक्षण, अफसरों और कर्मचारियों की खुली पोल, एक दिन का वेतन काटने के निर्देश
पीलीभीत में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार सुबह 10:20 बजे 14 सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इसमें 60 कर्मचारी और 10 अधिकारी अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने सभी का एक दिन का वेतन काटने और स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने लापरवाही बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी।
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पीलीभीत में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें 60 कर्मचारी और 10 अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने सभी अनुपस्थित लोगों का एक दिन का वेतन काटने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर कलक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट में 12, जिला पंचायत में 15 और जिला पूर्ति कार्यालय में सात कर्मचारी अनुपस्थित मिले। ट्रेजरी में सात, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में पांच और मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में तीन कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए।
निर्वाचन कार्यालय, डूडा और पीओ पीआरडी कार्यालय में दो-दो कर्मचारी अनुपस्थित थे। समाज कल्याण विभाग, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय, मत्स्य विभाग और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में एक-एक कर्मचारी गैरहाजिर मिला। कुल मिलाकर, विभिन्न कार्यालयों से 60 कर्मचारी बिना अनुमति अनुपस्थित पाए गए।
अधिकारी भी गैरहाजिर
निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी भी कार्यालय से गैरहाजिर पाए गए। इनमें जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी और अपर मुख्य विकास अधिकारी शामिल हैं। सहायक निबंधक सहकारिता, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी भी अनुपस्थित मिले।
अधिशासी अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण सेवा), सहायक अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण सेवा), पीडी डीआरडीए तथा जिला मत्स्य अधिकारी भी गैरहाजिर थे। कुल दस वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
लापरवाही पर कार्रवाई
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी कार्यालयों में समय से उपस्थित होकर आमजन की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना अनुमति अनुपस्थित रहने और कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के बाद सभी अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के साथ-साथ उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए। यह कदम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।