Pilibhit News: देवहा नदी में एनडीआरएफ का फ्लड रेस्क्यू मॉक ड्रिल, बाढ़ से निपटने की तैयारियों को परखा
पीलीभीत में एनडीआरएफ ने बृहस्पतिवार को बाढ़ बचाव अभ्यास का आयोजन किया। यह अभ्यास मानसून और संभावित बाढ़ आपदा के मद्देनजर तैयारियों का जायजा लेने के लिए था। देवहा नदी में हुए इस अभ्यास में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों ने भाग लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत जिले में मानसून और संभावित बाढ़ आपदा के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने बृहस्पतिवार को बरखेड़ा क्षेत्र में देवहा नदी में फ्लड वाटर रेस्क्यू मॉक ड्रिल का आयोजन कर आपदा प्रबंधन तैयारियों का जायजा लिया। बरेली-पीलीभीत सीमा पर नवाबगंज तहसील के बहार जागीर गांव के निकट देवहा नदी पुल के पास आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की।
मॉक ड्रिल का आयोजन 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), गाजियाबाद की टीम द्वारा किया गया, जिसका नेतृत्व निरीक्षक रश्मी ने किया। अभ्यास के दौरान बाढ़ जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को सुरक्षित निकालने, डूब रहे व्यक्तियों को बचाने, राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन तथा आपदा के समय समन्वित कार्रवाई की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
लोगों को दी सुरक्षा की जानकारी
एनडीआरएफ टीम ने स्थानीय लोगों और प्रतिभागियों को बाढ़ के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों, प्राथमिक बचाव उपायों तथा जीवन रक्षक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी। टीम ने बताया कि समय रहते सतर्कता और सही प्रशिक्षण के माध्यम से बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस महत्वपूर्ण अभ्यास में स्थानीय प्रशासन, आपदा मित्र, फायर सर्विस, उत्तर प्रदेश पुलिस तथा पशुपालन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।
जिस जगह पर हुआ अभ्यास, वहां देखे जा चुके हैं मगरमच्छ
मॉक ड्रिल को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। अभ्यास के दौरान लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला, क्योंकि जिस पुल के नीचे यह आयोजन किया गया वहां मगरमच्छों की मौजूदगी की चर्चा भी रही। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि देवहा नदी के इस हिस्से में करीब एक दर्जन मगरमच्छ अक्सर दिखाई देते हैं और पुल के नीचे उनका स्थायी बसेरा माना जाता है। मगरमच्छों की मौजूदगी की वजह से मॉक ड्रिल देखने पहुंचे लोगों में खासा रोमांच देखने को मिला।
एनडीआरएफ अधिकारियों ने कहा कि ऐसे नियमित अभ्यासों का उद्देश्य आपदा के समय सभी संबंधित विभागों और स्थानीय समुदाय को तैयार रखना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा सकें।