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Pilibhit News: रेलवे ट्रैक पार कर महुआ गांव की सीमा में पहुंचे हाथी, सहमे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 13 Jan 2026 12:03 AM IST
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गजरौला। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज से सटे इलाकों में जंगली हाथियों की चहलकदमी से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रविवार रात हाथियों ने रेलवे ट्रैक को पार कर क्षेत्र के गांव महुआ में दस्तक दी और फसलों को नुकसान पहुंचाया। फसलें बर्बाद होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बाइक और पटाखों की आवाज कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई न होने पर किसानों में रोष है।
पीटीआर की माला रेंज के अंतर्गत आने वाले थाना गजरौला क्षेत्र के गांव महुआ समेत आसपास के इलाकों में पिछले करीब दो महीनों से दो जंगली हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। हाथियों की मौजूदगी से किसान रात-रात भर खेतों की रखवाली करने के लिए मजबूर हैं।
रविवार की रात जंगली हाथियों ने महुआ गांव सहित कई गांवों के खेतों में घुसकर फसलों को रौंद दिया। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ। रविवार रात हाथियों के उत्पात से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुलेट और अन्य बाइकों की आवाज की और पटाखे छोड़ते हुए शोर मचाया। इसके बाद हाथी जंगल की ओर भागे। पूरी रात गांव के आसपास अफरा-तफरी का माहौल रहा और लोग दहशत में रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार चहलकदमी के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सिर्फ आश्वासन देकर जिम्मेदारी पूरी कर दी जा रही है, जबकि फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। किसानों ने मांग की है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल के भीतर खदेड़ने के लिए वन विभाग स्थायी व्यवस्था करे ताकि ग्रामीणों और उनकी आजीविका को बचाया जा सके। डीएफओ मनीष सिंह का कहना है कि अतिरिक्त टीमों को हाथियों की निगरानी के लिए लगाया है।
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रविवार की रात जंगली हाथियों ने महुआ गांव सहित कई गांवों के खेतों में घुसकर फसलों को रौंद दिया। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ। रविवार रात हाथियों के उत्पात से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुलेट और अन्य बाइकों की आवाज की और पटाखे छोड़ते हुए शोर मचाया। इसके बाद हाथी जंगल की ओर भागे। पूरी रात गांव के आसपास अफरा-तफरी का माहौल रहा और लोग दहशत में रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार चहलकदमी के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सिर्फ आश्वासन देकर जिम्मेदारी पूरी कर दी जा रही है, जबकि फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। किसानों ने मांग की है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल के भीतर खदेड़ने के लिए वन विभाग स्थायी व्यवस्था करे ताकि ग्रामीणों और उनकी आजीविका को बचाया जा सके। डीएफओ मनीष सिंह का कहना है कि अतिरिक्त टीमों को हाथियों की निगरानी के लिए लगाया है।