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Pilibhit News: कड़ाके की सर्दी में छुट्टा पशुओं से फसल बचाना चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:29 PM IST
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न्यूरिया। छुट्टा पशुओं की समस्या किसानों के लिए मुसीबत बनी हुई है। गेहूं और सरसों की फसलों को बचाने के लिए किसान कड़ाके की ठंड और घने कोहरे में पूरी रात खेतों की रखवाली करने के लिए मजबूर हैं। इसके बावजूद पशु मौका पाकर फसलों को चट कर जाते हैं।
बीते 21 दिसंबर को ब्लॉक मरौरी के बरी गांव स्थित पंच प्रयाग आश्रम में आयोजित संवाद कार्यक्रम में स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के सामने किसानों ने छुट्टा पशुओं की समस्या उठाई थी। केंद्रीय राज्यमंत्री ने बीडीओ को एक सप्ताह के भीतर अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजने के निर्देश दिए लेकिन दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हैं। बुधवार सुबह की गई पड़ताल में न्यूरिया–गुप्ता कॉलोनी मार्ग पर आवारा पशुओं का झुंड खेतों में फसल चरने के बाद कॉलोनी की ओर जाता दिखाई दिया। कमरुद्दीन के खेत में गेहूं की फसल चरते पशु भी देखे गए। वहीं इंतजार हुसैन, मो. असलम, रफीक अहमद और अजहर सहित अन्य किसान टोली बनाकर खेतों की निगरानी करते नजर आए।
बरी, चौड़ा खेड़ा, मानपुर, अलीगंज, रमपुरिया, कानपुर कॉलोनी और गुलड़िया सहित आसपास के गांवों में छुट्टा पशु फसलें लगातार बर्बाद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेतों के चारों ओर लगाए गए पिलर और तार की फेंसिंग को भी पशु तोड़कर अंदर घुस जाते हैं। गांव बरी निवासी राम प्रसाद ने बताया कि ठंड और कोहरे में पूरी रात खेतों की रखवाली करना बेहद कठिन हो गया है। न्यूरिया निवासी असलम ने कहा कि भारी लागत से बोयी गई फसलें पशुओं के झुंड नष्ट कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र प्रभावी कार्रवाई कर छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है।
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बीते 21 दिसंबर को ब्लॉक मरौरी के बरी गांव स्थित पंच प्रयाग आश्रम में आयोजित संवाद कार्यक्रम में स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के सामने किसानों ने छुट्टा पशुओं की समस्या उठाई थी। केंद्रीय राज्यमंत्री ने बीडीओ को एक सप्ताह के भीतर अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजने के निर्देश दिए लेकिन दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हैं। बुधवार सुबह की गई पड़ताल में न्यूरिया–गुप्ता कॉलोनी मार्ग पर आवारा पशुओं का झुंड खेतों में फसल चरने के बाद कॉलोनी की ओर जाता दिखाई दिया। कमरुद्दीन के खेत में गेहूं की फसल चरते पशु भी देखे गए। वहीं इंतजार हुसैन, मो. असलम, रफीक अहमद और अजहर सहित अन्य किसान टोली बनाकर खेतों की निगरानी करते नजर आए।
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बरी, चौड़ा खेड़ा, मानपुर, अलीगंज, रमपुरिया, कानपुर कॉलोनी और गुलड़िया सहित आसपास के गांवों में छुट्टा पशु फसलें लगातार बर्बाद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेतों के चारों ओर लगाए गए पिलर और तार की फेंसिंग को भी पशु तोड़कर अंदर घुस जाते हैं। गांव बरी निवासी राम प्रसाद ने बताया कि ठंड और कोहरे में पूरी रात खेतों की रखवाली करना बेहद कठिन हो गया है। न्यूरिया निवासी असलम ने कहा कि भारी लागत से बोयी गई फसलें पशुओं के झुंड नष्ट कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र प्रभावी कार्रवाई कर छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है।