{"_id":"6961470821d53a6f450f3220","slug":"people-face-the-problems-pilibhit-news-c-121-1-pbt1011-151547-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: चौकी प्रभारी का तबादला न होने पर योगी सेना के कार्यकर्ता करेंगे धरना-प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: चौकी प्रभारी का तबादला न होने पर योगी सेना के कार्यकर्ता करेंगे धरना-प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:50 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बीसलपुर। योगी सेना के कार्यकर्ताओं ने सीओ को ज्ञापन देकर चौकी प्रभारी के तबादले की मांग की है।
योगी सेना के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सीओ प्रगति सिंह को ज्ञापन दिया है। इसमें कहा कि बृहस्पतिवार को उन लोगों ने गोवंशीय पशुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़कर चीनी मिल चौकी पुलिस को देने का प्रयास किया था। चौकी प्रभारी ने ट्रॉली लेने से मना कर दिया। साथ ही कार्यकर्ताओं से अभद्र व्यवहार किया। ज्ञापन में चौकी प्रभारी का तबादला करवाने की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि 14 जनवरी तक चौकी प्रभारी का तबादला नहीं हुआ तो वे लोग 15 जनवरी को चौकी के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
कोतवाल संजीव शुक्ला का कहना है कि गांव मीरपुर वाहनपुर के प्रधान मोहम्मद मियां और ग्राम पंचायत अधिकारी रितेश शुक्ला विभागीय उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर मीरपुर वाहनपुर के 16 छुट्टा पशुओं को ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर खनंका के पशु आश्रय गृह में ले जा रहे थे। खनंका के ग्रामीणों ने बाहर के पशुओं को अपने गांव के आश्रय गृह में लेने का विरोध कर दिया था। इसके बाद प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी उन पशुओं को वापस ला रहे थे। रास्ते में चीनी मिल पुलिस चौकी के पास योगी सेना के कार्यकर्ता मिल गए थे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगा दिया कि पशु वध के लिए ले जाए जा रहे। कार्यकर्ताओं ने उन पशुओं को चीनी मिल चौकी के प्रभारी को सुपुर्दगी में देने का प्रयास किया। चौकी प्रभारी ने उन पशुओं को सुपुर्दगी में लेने से मना कर दिया था।
मामले की जानकारी पाकर वह भी मौके पर पहुंच गए थे। जांच पड़ताल में पता चला कि वे पशु वध के लिए नहीं ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने योगी सेना के कार्यकर्ताओं को पूरे मामले की जानकारी दी। उन्हें छुट्टा पशुओं से संबंधित वैध कागज भी दिखाने का प्रयास किया लेकिन कार्यकर्ताओं ने देखने से मना कर दिया और हंगामा करने लगे। उन्होंने कहा कि चौकी प्रभारी पूरी तरह से निर्दोष हैं। बताया कि पूरे मामले की जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को उसी दिन दे दी गई। बाद में उन पशुओं को नगर के पशु आश्रय गृह में भेज दिया गया था। पशुपालन विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से उन पशुओं की टेकिंग भी करा दी।
Trending Videos
योगी सेना के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सीओ प्रगति सिंह को ज्ञापन दिया है। इसमें कहा कि बृहस्पतिवार को उन लोगों ने गोवंशीय पशुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़कर चीनी मिल चौकी पुलिस को देने का प्रयास किया था। चौकी प्रभारी ने ट्रॉली लेने से मना कर दिया। साथ ही कार्यकर्ताओं से अभद्र व्यवहार किया। ज्ञापन में चौकी प्रभारी का तबादला करवाने की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि 14 जनवरी तक चौकी प्रभारी का तबादला नहीं हुआ तो वे लोग 15 जनवरी को चौकी के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
कोतवाल संजीव शुक्ला का कहना है कि गांव मीरपुर वाहनपुर के प्रधान मोहम्मद मियां और ग्राम पंचायत अधिकारी रितेश शुक्ला विभागीय उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर मीरपुर वाहनपुर के 16 छुट्टा पशुओं को ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर खनंका के पशु आश्रय गृह में ले जा रहे थे। खनंका के ग्रामीणों ने बाहर के पशुओं को अपने गांव के आश्रय गृह में लेने का विरोध कर दिया था। इसके बाद प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी उन पशुओं को वापस ला रहे थे। रास्ते में चीनी मिल पुलिस चौकी के पास योगी सेना के कार्यकर्ता मिल गए थे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगा दिया कि पशु वध के लिए ले जाए जा रहे। कार्यकर्ताओं ने उन पशुओं को चीनी मिल चौकी के प्रभारी को सुपुर्दगी में देने का प्रयास किया। चौकी प्रभारी ने उन पशुओं को सुपुर्दगी में लेने से मना कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले की जानकारी पाकर वह भी मौके पर पहुंच गए थे। जांच पड़ताल में पता चला कि वे पशु वध के लिए नहीं ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने योगी सेना के कार्यकर्ताओं को पूरे मामले की जानकारी दी। उन्हें छुट्टा पशुओं से संबंधित वैध कागज भी दिखाने का प्रयास किया लेकिन कार्यकर्ताओं ने देखने से मना कर दिया और हंगामा करने लगे। उन्होंने कहा कि चौकी प्रभारी पूरी तरह से निर्दोष हैं। बताया कि पूरे मामले की जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को उसी दिन दे दी गई। बाद में उन पशुओं को नगर के पशु आश्रय गृह में भेज दिया गया था। पशुपालन विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से उन पशुओं की टेकिंग भी करा दी।