Pilibhit News: पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी, ट्रांसपोर्ट से लेकर अन्य सेक्टर भी प्रभावित
पीलीभीत में पेट्रोल 86 पैसे बढ़कर 99.75 रुपये और डीजल 92 पैसे बढ़कर 93.11 रुपये प्रति लीटर हो गया है। दस दिन में तीसरी बार कीमत बढ़ी है। इसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ा है।
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। पीलीभीत में पेट्रोल 86 पैसे बढ़कर 99.75 रुपये और डीजल 92 पैसे बढ़कर 93.11 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
दस दिन में तीन बार पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ गई। इसका असर आम लोगों के साथ ट्रांसपोर्ट सेक्टर और रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी दिखाई देने लगा है। पहले डीजल-पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता होता था, इसलिए मालवाहक वाहन, बसें, ट्रक और कृषि उपकरण मुख्य रूप से डीजल पर चलते थे, लेकिन अब दोनों ईंधनों की कीमत लगभग बराबर होने से परिवहन लागत बढ़ गई है और इसका सीधा असर बाजार पर पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो गई है। ट्रक ऑपरेटरों के अनुसार पहले डीजल अपेक्षाकृत सस्ता होने के कारण लंबी दूरी तक सामान पहुंचाने में लागत कम आती थी, लेकिन अब खर्च बढ़ने से किराए में बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। इसका असर फल, सब्जी, अनाज और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। बाजार में कई वस्तुओं के दाम बढ़ने लगे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
पेट्रोल - 99.75 98.89
डीजल- 93.11 92.19
एक्स्ट्रा प्रीमियम- 108.36 107.50
राकेश कुमार ने बताया कि डीजल पेट्रोल के मूल्यों में हो रही बढ़ोतरी आमजनमानस के लिए काफी खराब है। इससे लोगों बजट पूरी तरह से बिगड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को कम किया जाए।
दिलीप कुमार ने बताया कि डीजल की कीमत को लगातार बढ़ाया जाना किसान हित में नहीं है। मौजूदा समय में सिंचाई का समय चल रहा है। ऐसे में इस तरह रुपये बढ़ाने से कृषि कार्य भी प्रभावित होगा।
अवध सक्सेना ने कहा कि ईंधन की कीमतों में इजाफा होने से अन्य वस्तुओं पर भी महंगाई बढ़ी है। जिससे रोजमर्रा का सामना भी महंगा हुआ है। इससे लोगों को सीधा नुकसान पहुंच रहा है।
ट्रांसपोर्टर कमलेश शर्मा ने कहा कि ईंधन के मूल्यों को लगातार बढ़ाया जा रहा है। इस स्थिति को संभालने की जरूरत है। भारी वाहनों का भाड़ा बढ़ जाने से बाहर से आने वाली सामान की कीमतें भी बढ़ गई है। जिससे लोग प्रभावित है।