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Pilibhit News: कटान रोकने के लिए बंबू क्रेट लगाने का काम शुरू
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शारदा नदी किनारे गांव हजारा के समीप कटान देखने पहुंची राजस्व टीम और प्रधान - ग्रामीण
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पूरनपुर। शारदा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद हजारा के समीप कटान की गति धीमी रही। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से बंबू क्रेट लगाने का काम शुरू कर दिया गया। रास्तों पर दलदल होने से लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है। शुुक्रवार को राजस्व टीम और ग्राम प्रधान ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी की।
शारदा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को लेकर नदी पिछले कई दिनों से गांव हजारा के समीप कटान कर रही है। कटान में 19 किसानों के खेतों में खड़ी गन्ना की फसल नदी में समा चुकी है। पिछले साल भी छह किसानों की कई एकड़ जमीन फसल सहित नदी में समा गई थी। पिछले साल के कटान पीड़ितों को अब तक मुआवजा नहीं मिला। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड ओर से बंबू क्रेट लगाने को ढांचा बनवाए गए, लेकिन कुछ किसानों के खेत से मिट्टी देने से इन्कार करने पर बचाव कार्य बृहस्पतिवार को शुरू नहीं हो सका था। शुक्रवार को प्रधान और अन्य लोगों के समझाने पर किसान खेतों से बोरों में भरने को मिट्टी देने को तैयार हो गए। इसके बाद बंबू क्रेट लगाने का काम शुरू हो गया। संवाद
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दो लाख क्यूसेक पानी पास किए जाने की संभावना पर बढ़ाई सतर्कता
कलीनगर। पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते बनबसा बैराज से शुक्रवार रात दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज होने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए कलीनगर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि, अभी तक क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति नहीं बनी है।
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कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी का प्रभाव रहता है। पहाड़ों में बारिश होने के कारण नदी में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन निगरानी कर रहा है। संभावित जलस्तर वृद्धि को लेकर नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी जागरूक किया गया है। एसडीएम प्रमेश कुमार ने बताया कि बनबसा बैराज से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी पास होने की सूचना मिली है। इसके मद्देनजर क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। संबंधित कर्मचारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को भी नदी के किनारे न जाने और किसी भी स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। संवाद
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शारदा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को लेकर नदी पिछले कई दिनों से गांव हजारा के समीप कटान कर रही है। कटान में 19 किसानों के खेतों में खड़ी गन्ना की फसल नदी में समा चुकी है। पिछले साल भी छह किसानों की कई एकड़ जमीन फसल सहित नदी में समा गई थी। पिछले साल के कटान पीड़ितों को अब तक मुआवजा नहीं मिला। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड ओर से बंबू क्रेट लगाने को ढांचा बनवाए गए, लेकिन कुछ किसानों के खेत से मिट्टी देने से इन्कार करने पर बचाव कार्य बृहस्पतिवार को शुरू नहीं हो सका था। शुक्रवार को प्रधान और अन्य लोगों के समझाने पर किसान खेतों से बोरों में भरने को मिट्टी देने को तैयार हो गए। इसके बाद बंबू क्रेट लगाने का काम शुरू हो गया। संवाद
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दो लाख क्यूसेक पानी पास किए जाने की संभावना पर बढ़ाई सतर्कता
कलीनगर। पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते बनबसा बैराज से शुक्रवार रात दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज होने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए कलीनगर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि, अभी तक क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति नहीं बनी है।
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कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी का प्रभाव रहता है। पहाड़ों में बारिश होने के कारण नदी में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन निगरानी कर रहा है। संभावित जलस्तर वृद्धि को लेकर नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी जागरूक किया गया है। एसडीएम प्रमेश कुमार ने बताया कि बनबसा बैराज से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी पास होने की सूचना मिली है। इसके मद्देनजर क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। संबंधित कर्मचारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को भी नदी के किनारे न जाने और किसी भी स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। संवाद