UP News: पीलीभीत में झोलाछाप ने आठ हजार नकली कफ सिरप बेचे, खुद बनाता था; औषधि प्रशासन रहा बेखबर
पीलीभीत जिले में गिरफ्तार आरोपी झोलाछाप सुरेश से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारी मिली है। बताया गया कि आरोपी बरेली से खाली शीशी मंगवाकर उनमें नकली कफ सिरप भरता था। फिर पैकिंग कर नकली सिरप मेडिकल स्टोरों पर सप्लाई करता था।
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पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में नकली कफ सिरप बनता रहा और पैक होकर ब्रांड के नाम से मेडिकल स्टोरों पर धड़ल्ले से बिकता भी रहा। मगर, औषधि प्रशासन के जिम्मेदारों को भनक तक नहीं लगी, या यूं कहें कि सब कुछ दिखते हुए भी नजरअंदाज किया जाता रहा। आरोपी झोलाछाप सुरेश की धरपकड़ के बाद सामने आ सका कि गांव-गांव नशा करने के आदी युवाओं को नकली सिरप बिक्री किया जाता रहा। मेडिकल स्टोरों पर करीब आठ हजार शीशियां खप गईं।
घुंघचाई थाना पुलिस ने मंगलवार को नकली कफ सिरप बनाने और बेचने के धंधे का पर्दाफाश किया था। पूरनपुर के लाह गांव निवासी झोलाछाप सुरेश को दबोच लिया। उसके घर पर सोमवार रात छापा मारकर पुलिस ने नकली कफ सिरप की 375 शीशियां बरामद की थीं। मौके से खाली शीशियां, ढक्कन और रैपर भी मिले। इससे साफ हो गया कि यह कोई एक-दो बोतल का खेल नहीं, बल्कि घर के भीतर पूरी फैक्टरी संचालित हो रही थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कोरेक्स कफ सिरप पर रोक लगते ही आरोपी ने इसे कमाई का मौका मान लिया।
करीब दो साल पहले उसने यू-ट्यूब पर देखकर नकली कफ सिरप तैयार करना सीखा और नशे के आदी युवाओं को जोड़कर गांव-गांव बिक्री का नेटवर्क खड़ा कर लिया। सड़क किनारे बिक्री से मुनाफा बढ़ा तो मेडिकल स्टोरों तक पहुंच बना ली गई। डिमांड बढ़ती गई और हजारों शीशियां गत्तों में भरकर असली दवा की तरह मेडिकल स्टोरों तक पहुंचती रहीं। नकली को असली बनाने के लिए पूरा तंत्र खड़ा किया गया था।
बरेली से मंगवाता था खाली शीशियां
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी बरेली से खाली शीशियां मंगवाता, उनमें घोल भरा जाता और ब्रांड के स्टीकर पूरनपुर के एक पेंटिंग प्रेस से छपवाए जाते थे। लेमिनेशन कर शीशियों को इस कदर चमकाया जाता कि असली और नकली में फर्क करना आम आदमी के लिए नामुमकिन हो जाए। नियम-कानून कागजों में सख्त थे, लेकिन जमीन पर यह कारोबार बेखौफ फलता-फूलता रहा। एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि मामले में पूरनपुर सर्किल पुलिस गहनता से कार्य कर रही है। हर पहलु पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस के रडार पर तीन मेडिकल स्टोर और प्रिंटिंग प्रेस संचालक
पूरनपुर सर्किल पुलिस ने क्षेत्र के तीन मेडिकल स्टोरों को ट्रेस कर लिया है और रैपर छापने वाली पेंटिंग प्रेस को भी चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया है। मेडिकल स्टोरों में एक शेरपुर और दो पूरनपुर नगर के शामिल हैं। नोटिस के जवाब के बाद इन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस की सूचना पर भी सब कुछ ठीक होने का दावा
सबसे बड़ा सवाल औषधि विभाग की भूमिका पर खड़ा हो गया है। दो साल तक गांव-गांव और मेडिकल स्टोरों से नकली कफ सिरप बिकता रहा, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। बताया जा रहा है कि पुलिस के सूचना देने पर भी औषधि निरीक्षक ने सब कुछ ठीक होने का दावा कर मामले को हल्का करने की कोशिश की। अगर पुलिस सिर्फ सरकारी जवाबों पर भरोसा कर लेती तो शायद यह जहरीला कारोबार आज भी जारी रहता। यह भी चर्चा है कि औषधि विभाग के निरीक्षण से पहले ही अधिकतर मेडिकल स्टोरों के शटर गिर जाते हैं।
